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06/10/2020

Narmadeshwar Sewa Samti is a group of believers who believe into the Devine Power of Narmadeshwar Ma

22/08/2020

धर्म से जुड़िये, जय श्री राम। 🚩🚩

Narmadeshwar Sewa Samti is a group of believers who believe into the Devine Power of Narmadeshwar Ma

18/06/2020
31/05/2020
जय श्री राधे।
30/05/2020

जय श्री राधे।

भगवान श्रीकृष्णजी की मूर्ति की पीठ के दर्शन न करें।

हमारे यहां पूजा-पाठ से जुड़े अनेक विधान हैं । मंदिर जाने को लेकर भी हैं, जैसे शुद्ध वस्त्र धारण करके व स्नान कर ही मंदिर जाना। ऐसा ही एक विधान है कि कृष्ण भगवान की पीठ के दर्शन नहीं करने का। इसलिए जब भी कृष्ण भगवान के मंदिर जाएं तो यह जरुर ध्यान रखें कि कृष्ण जी कि मूर्ति की पीठ के दर्शन न करें।

वास्तव में पीठ के दर्शन न करने के संबंध में एक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार जब श्रीकृष्ण जरासंध से युद्ध कर रहे थे, तब जरासंध का एक साथी असुर कालयवन भी भगवान से युद्ध करने आ पहुंचा। कालयवन श्रीकृष्ण के सामने पहुंच कर ललकारने लगा। तब श्रीकृष्ण वहां से भाग निकले। इस तरह रणभूमि से भागने के कारण ही उनका नाम रणछोड़ पड़ा। जब श्रीकृष्ण भाग रहे थे, तब कालयवन भी उनके पीछे-पीछे भागने लगा।

इस तरह भगवान रणभूमि से भागे क्योंकि कालयवन के पिछले जन्मों के पुण्य बहुत अधिक थे और कृष्ण किसी को भी तब तक सजा नहीं देते, जब तक कि पुण्य का बल शेष रहता है। कालयवन, कृष्णा की पीठ देखते हुए भागने लगा और इसी तरह उसका अधर्म बढऩे लगा क्योंकि भगवान की पीठ पर अधर्म का वास होता है और उसके दर्शन करने से अधर्म बढ़ता है। जब कालयवन के पुण्य का प्रभाव खत्म हो गया तब श्रीकृष्ण एक गुफा में चले गए। जहां मुचुकुंद नामक राजा निद्रासन में था। मुचुकुंद को देवराज इंद्र का वरदान था कि जो भी व्यक्ति राजा को नींद से जगाएगा, उस पर राजा की नजर पढ़ते ही वह भस्म हो जाएगा। कालयवन ने मुचुकुंद को कृष्ण समझकर उठा दिया और राजा की नजर पढ़ते ही असुर-कालयवन, वहीं भस्म हो गया।

अत: भगवान श्री हरि की पीठ के दर्शन नहीं करने चाहिए क्योंकि इससे हमारे पुण्य कर्म का प्रभाव कम होता है और अधर्म बढ़ता है।

30/05/2020

#पर्यावरण_और_सनातन 🕉️

🌳क्या कभी आपने सोचा है क्यों इस देश के नेताओं ने पीपल बरगद नीम आदि पेड़ों को लगवाना बंद किया आइये जाने।

🌳 पिछले 68 सालों में पीपल, बरगद, पकड़ी और नीम के पेड़ों को सरकारी स्तर पर लगाना बंद किया गया है

🌳 पीपल कार्बन डाई ऑक्साइड का 100% एबजार्बर है, बरगद 80% और नीम 75%

🌳अब सरकार ने इन पेड़ों से दूरी बना ली तथा इसके बदले विदेशी यूकेलिप्टस को लगाना शुरू कर दिया जो जमीन को जल विहीन कर देता है

🌳 आज हर जगह यूकेलिप्टस, गुलमोहर और अन्य सजावटी पेड़ों ने ले ली है।
अब जब वायुमंडल में रिफ्रेशर ही नहीं रहेगा तो गर्मी तो बढ़ेगी ही और जब गर्मी बढ़ेगी तो जल भाप बनकर उड़ेगा ही

🌳 हर 500 मीटर की दूरी पर एक पीपल का पेड़ लगाए तो आने वाले कुछ साल भर बाद प्रदूषण मुक्त भारत होगा।

🌳 वैसे आपको एक और जानकारी दे दी जाए, पीपल के पत्ते का फलक अधिक और डंठल पतला होता है जिसकी शांत मौसम में भी पत्ते हिलते रहते हैं और स्वच्छ आक्सीजन देते रहते हैं। पीपल वृक्षों का राजा कहते हैं

🌳 अब करने योग्य कार्य👇

🌳इन जीवनदायी पेड़ों (पीपल, नीम, बरगद आदि) को ज्यादा से ज्यादा लगायें तथा यूकेलिप्टस आदि सजावटी पेड़ों को न लगाएं व सरकार द्वारा भी इन पर प्रतिबंध लगाया जाये।

🌳 आइये हम सब मिलकर अपने #भारत को प्राकृतिक आपदाओं से बचाएं...
्री_राम

06/03/2020

*जो नसीब मे है..*
*वो चलकर आयेगा.*
*जो नही है..*
*वो आकर भी चला जायेगा.*
*जिंदगी को इतना*
*सीरियस लेने की*
*जरूरत नही है दोस्तो...*
*यहाँ से जिंदा बचकर*
*कोई नही जायेगा..*
*एक सच है की.....*
*अगर जिंदगी इतनी अच्छी होती*
*तो हम इस दुनिया मे*
*रोते रोते ना आते...*
*लेकिन एक मीठा सच ये भी है*
*अगर ये जिंदगी बुरी होती*
*तो हम जाते जाते लोगो को*
*रुलाकर ना जाते*
*जी ले आज...*
*कल किसने देखा हैं ।*
🌹 *Enjoy life* 🌹

15/02/2020

बदल गई है रंगत जमाने की जनाब
आजकल वही अनजान बनते हैं जो सब कुछ जानते

🌺🙏🏻🌺सुप्रभात 🌺🙏🏻🌺

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