22/10/2020
एक फकीर नदी के किनारे बैठा था किसी ने पूछा, "बाबा क्या कर रहे हो ?
फकीर ने कहा:- इंतजार कर रहा हूँ पूरी नदी बह जाए तो फिर पार करूं।
उस आदमी ने कहा:-कैसी बात करते हो बाबा ? पूरा पानी बहने के इंतजार मे तो तुम कभी नदी पार ही नहीं कर पाओगे ?...
फकीर ने कहा:- यही तो मै तुम लोगों को समझाना चाहता हूँ कि तुम लोग जो हमेशा ये कहते रहते हो की एक बार घर की जिम्मेदारियां पूरी हो जायें तो फिर बाबा साहब अम्बेडकर के मिशन में काम करेंगे, अभी भी वक्त है जैसे नदी का पानी खत्म नहीं होगा, हमको इस पानी से ही पार जाने का रास्ता बनाना है, इसी तरह जिन्दगी खत्म हो जायेगी पर जिन्दगी के काम और जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी !....
```लेट करने से पहले किसी एक को सेन्ड जरूर करें।
इंसान लोग घर 🏡 बदलता है कपड़ा 👔 बदलता है रिश्ते👫बदलता है दोस्त 👬बदलता है फिर भी परेशान रहता है क्योंकि वो खुद को नही बदलता।
बच्चों को पढाने की जिम्मेदारी उठाओ सिर्फ ये सोचकर नौकरी ना मिले फिर भी क्या पता तुम्हारा समाज फिर से अनपढ ना हो जाए ?...
👫👬 90% लोग इस मैसेज को फार्वड नही करते लेकिन आप जरूर करे बाबा साहब अम्बेडकर के दीन को फैलाने मे देरी नही करनी चाहिए।
बाबा साहब अम्बेडकर ने जो किया है कम से कम उसे तो बनाये रखें ``जो कहा उसे तो याद रखें "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान 📘