25/07/2016
कहाँ हैं भगवान ?
एक आदमी हमेशा की तरह
अपने नाई की दूकान पर बाल कटवाने
गया . बाल कटाते वक़्त अक्सर देश-दुनिया
की बातें हुआ करती
थीं ….आज भी वे सिनेमा ,
राजनीति , और खेल जगत , इत्यादि के
बारे में बात कर रहे थे कि अचानक भगवान् के
अस्तित्व को लेकर बात होने लगी .
नाई ने कहा , “
देखिये भैया ,
आपकी तरह मैं भगवान् के अस्तित्व
में यकीन नहीं रखता .”
“ तुम ऐसा क्यों कहते हो ?”, आदमी ने
पूछा .
“अरे , ये समझना बहुत आसान है , बस
गली में जाइए और आप समझ जायेंगे
कि भगवान् नहीं है . आप
ही बताइए कि अगर भगवान् होते तो
क्या इतने लोग बीमार होते ?इतने बच्चे
अनाथ होते ? अगर भगवान् होते तो
किसी को कोई दर्द कोई
तकलीफ नहीं होती
”, नाई ने बोलना जारी रखा , “ मैं ऐसे
भगवान के बारे में नहीं सोच सकता जो
इन सब चीजों को होने दे . आप
ही बताइए कहाँ है भगवान ?”
आदमी एक क्षण के लिए रुका , कुछ
सोचा , पर बहस बढे ना इसलिए चुप
ही रहा .
नाई ने अपना काम ख़तम किया और
आदमी कुछ सोचते हुए दुकान से बाहर
निकला और कुछ दूर जाकर खड़ा हो गया. . कुछ देर
इंतज़ार करने के बाद उसे एक लम्बी
दाढ़ी – मूछ वाला अधेड़ व्यक्ति उस
तरफ आता दिखाई पड़ा , उसे देखकर लगता था मानो
वो कितने दिनों से नहाया-धोया ना हो .
आदमी तुरंत नाई कि दुकान में वापस
घुस गया और बोला , “ जानते हो इस दुनिया में नाई
नहीं होते !”
“भला कैसे नहीं होते हैं ?” , नाई ने
सवाल किया , “ मैं साक्षात तुम्हारे सामने हूँ!! ”
“नहीं ” आदमी ने कहा , “ वो
नहीं होते हैं वरना किसी
की भी लम्बी
दाढ़ी – मूछ नहीं
होती पर वो देखो सामने उस
आदमी की कितनी
लम्बी दाढ़ी-मूछ है !!”
“ अरे नहीं भाईसाहब नाई होते हैं लेकिन
बहुत से लोग हमारे पास नहीं आते .”
नाई बोला
“बिलकुल सही ” आदमी ने
नाई को रोकते हुए कहा ,” यही तो बात
है , भगवान भी होते हैं पर लोग उनके पास
नहीं जाते और ना ही उन्हें
खोजने का प्रयास करते हैं, इसीलिए दुनिया में
इतना दुःख-दर्द है.”