11/10/2026
= अग्रसेन जयंती की हार्दिक शुभकामनाये . .11-10-2026
= विशेष जानकारी . . महाराजा अग्रसेन जी का जन्म अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को हुआ था . जिसे हम सभी अग्रसेन जयंती के रूप में मनाते है .
= युवावस्था में उन्हें राजा नागराज की कन्या राजकुमारी माधवी के स्वयंवर में शामिल होने का न्योता मिला . उस स्वयंवर में दूर-दूर से अनेक राजा और राजकुमार आए थे . यहां तक कि देवताओं के राजा इंद्र भी राजकुमारी के सौंदर्य के वशीभूत हो वहां पधारे थे . स्वयंवर में राजकुमारी माधवी ने राजकुमार अग्रसेन के गले में जयमाला डाल दी . इस विवाह से इंद्र जलन और गुस्से से आपे से बाहर हो गये और उन्होंने प्रतापनगर में वर्षा का होना रोक दिया . चारों ओर त्राहि-त्राही मच गयी . तब महाराज अग्रसेन ने इंद्र के विरुद्ध युद्ध छेड दिया . चूंकि अग्रसेन धर्म-युद्ध लड रहे थे तो उनका पलडा भारी था जिसे देख देवताओं ने नारद ऋषि को मध्यस्थ बना दोनों के बीच सुलह करवा दी . .
= कुछ समय बाद महाराज अग्रसेन ने अपने प्रजा-जनों की खुशहाली के लिए काशी नगरी जा शिवजी की घोर तपस्या की, जिससे भगवान शिव ने प्रसन्न हो उन्हें माँ लक्ष्मी की तपस्या करने की सलाह दी . माँ लक्ष्मी ने परोपकार हेतु की गयी तपस्या से खुश हो उन्हें दर्शन दिए और कहा कि अपना एक नया राज्य बनाएं और क्षात्र धर्म का पालन करते हुये अपने राज्य तथा प्रजा का पालन - पोषंण व रक्षा करें . उनका राज्य हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा . .
= अपने नये राज्य की स्थापना के लिए महाराज अग्रसेन ने अपनी रानी माधवी के साथ सारे भारतवर्ष का भ्रमण किया . इसी दौरान उन्हें एक जगह एक शेरनी एक शावक को जन्म देते दिखी, कहते है जन्म लेते ही शावक ने महाराजा अग्रसेन के हाथी को अपनी माँ के लिए संकट समझकर तत्काल हाथी पर छलांग लगा दी . उन्हें लगा कि यह दैवीय संदेश है जो इस वीरभूमि पर उन्हें राज्य स्थापित करने का संकेत दे रहा है . नये राज्य का नाम अग्रेयगण या अग्रोदय रखा गया और जिस जगह शावक का जन्म हुआ था उस जगह अग्रोदय की राजधानी अग्रोहा की स्थापना की गई . यह जगह आज के हरियाणा के हिसार के पास हैं . . .
= अपने क्षेत्र में सच्चे समाजवाद की स्थापना हेतु उन्होंने नियम बनाया कि उनके नगर में बाहर से आकर बसने वाले प्रत्येक परिवार की सहायता के लिए नगर का प्रत्येक परिवार उसे एक तत्कालीन प्रचलन का सिक्का व एक ईंट देगा, जिससे आसानी से नवागन्तुक परिवार स्वयं के लिए निवास स्थान व व्यापार का प्रबंध कर सके . .
= आप सभी को " एस्ट्रो रजनीश अग्रवाल " के पुरे परिवार की तरफ़ से अग्रसेन जयंती की हार्दिक शुभकामनाये . . . आप सभी से आग्रह . . आइये चले . . श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव की शोभायात्रा में सपरिवार . .