27/11/2015
सैलानियों को मिलेंगे दुधवा में मसाले
लखीमपुर-अक्टूबर 30। इस साल अगर आप वाइल्डलाइफ का मज़ा लेने दुधवा आ रहे है,तो अपनी किचेन के लिए मसाले ले जाना न भूलियेगा। दुधवा पार्क प्रसाशन ने इस बार दुधवा में मसालों की बिक्री का स्टाल भी लगवाया है। खास बात ये होगी के दुधवा के ये मसाले आर्गनिक होने के साथ देशी खुसबू लिए होंगे। पार्क के डिप्टी डायरेक्टर वीके सिंह कहते है'"हमने दुधवा में पल बढ़ रही थारू संस्कृति को बढ़ावा और उनको रोजगार देने के लिए ये कदम उठाया है।" दुधवा के जंगले और आसपास करीब 24 गाव थारू जनजाति के है। टाइगर रिज़र्व बनने के बाद दुधवा और थारुओ के बीच जंगल को लेकर सम्बन्ध मधुर नहीं रह गए। ये कदम उस दिशा में भी एक सार्थक प्रयाश होगा। सैलानियों को पैकेट में ये मसाले दुधवा के गेट पर लगे स्टाल सर मिलेंगे। जो थारुओ की एको डेवलपमेंट कमेटी ही चलायेगी। इसके अलावा ट्राइबल परिधान और हेंडीक्राफ्ट भी स्टाल पर उपलब्ध होगा। दुधवा में थारुओ की इस देशी स्टाल के बारे में वाइल्ड लाइफ से जुड़े जानकार डॉ वीपी सिंह कहते है के प्रयाश अच्छा है। थारु लोग जो मसाले अपने खेतो में उगाते है वो खुसबू से भरपूर होते है और बिना रासायनिक खाद के होने के कारण उसमे स्वाद जबरदस्त होता है। जंगल के किनारे हल्दी,धनिया,सौफ और भी मसाले उगाये जाते है। माना ये जा रहा है के मसालों की बिक्री से थारुओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और जंगलो पे दबाव कम होगा।