10/09/2026
GST BIG BREAKING UPDATES:-
*टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत: GSTN अब NIL / ज़ीरो डिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील की सुविधा देता है*
ट्रेड को आसान बनाने के एक बड़े कदम में, GSTN ने GST पोर्टल पर लंबे समय से चली आ रही एक टेक्निकल दिक्कत को दूर कर दिया है।
*क्या दिक्कत थी?*
जब कोई टैक्सपेयर बिना कोई ज़िम्मेदारी माने, शो कॉज़ नोटिस (SCN) स्टेज पर टैक्स, इंटरेस्ट या पेनल्टी का पेमेंट करता था, तो कई मामलों में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी डिमांड को "NIL" या "ज़ीरो" दिखाते हुए फ़ाइनल डिमांड ऑर्डर पास कर देती थी, और पेमेंट को पूरी तरह से डिस्चार्ज मान लेती थी।
इस वजह से, पोर्टल ने डिमांड और कलेक्शन रजिस्टर (DCR) में ज़ीरो वैल्यू वाली एक डिमांड ID बना दी। जब टैक्सपेयर ने फ़ॉर्म GST APL-01 में अपील फ़ाइल करने की कोशिश की, तो सिस्टम ने उसे यह एरर देकर ब्लॉक कर दिया: "विवादित रकम डिमांड रकम से ज़्यादा नहीं हो सकती।"
GSTN ने पहले साफ़ किया था कि बिना साफ़ तौर पर मंज़ूरी दिए ऐसे पेमेंट का मतलब लायबिलिटी की मंज़ूरी नहीं है और टैक्सपेयर के पास CGST एक्ट, 2017 के सेक्शन 107 के तहत अपील करने का अधिकार है। एक अंतरिम समाधान के तौर पर, टैक्सपेयर्स को सुधार ऑर्डर लेने की सलाह दी गई थी।
*नया अपडेट क्या है?*
टीम GSTN द्वारा जारी *एडवाइजरी नंबर 671, तारीख 7 सितंबर 2026 के अनुसार:*
> ऐसे मामलों में जहां लायबिलिटी को लेकर कोई विवाद है, लेकिन डिमांड ऑर्डर में डिमांड अमाउंट "NIL" या "ज़ीरो" दिखाया गया है, और टैक्सपेयर ने डिमांड ऑर्डर जारी होने से पहले पेमेंट कर दिया है, ऐसे डिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील फाइल करने पर रोक लगाने वाला पिछला वैलिडेशन GST पोर्टल से हटा दिया गया है।
*इसका आपके लिए क्या मतलब है:*
1. अब आप पोर्टल पर NIL / ज़ीरो डिमांड ऑर्डर के खिलाफ सीधे *फॉर्म GST APL-01* में अपील फाइल कर सकते हैं।
2. डिमांड वैल्यू को ठीक करवाने के लिए पहले सुधार ऑर्डर के लिए अप्रोच करने की ज़रूरत नहीं है। 3. लायबिलिटी को चुनौती देने का आपका कानूनी अधिकार अब पोर्टल पर वापस आ गया है।
अगर आपको फाइलिंग करते समय कोई मुश्किल आती है, तो GSTN ने GST हेल्पडेस्क पर टिकट दर्ज करने की सलाह दी है।
सोर्स: http://gst.gov.in एडवाइजरी डेट 07.09.2026