युवा हिन्दू क्रान्ति.

युवा हिन्दू क्रान्ति. kaal kare so aaj kar aaj kare soab........

दुनिया के सबसे सभ्य और विकसित देश कहे जाने वाले अमेरिका में आज भी एक पहली अनसुलझी हैं, अमेरिका के सभी वैज्ञानिक, प्रकृति...
12/06/2018

दुनिया के सबसे सभ्य और विकसित देश कहे जाने वाले अमेरिका में आज भी एक पहली अनसुलझी हैं, अमेरिका के सभी वैज्ञानिक, प्रकृति के जानकार, यू.एफ.ओ. से सम्बंधित जानकारी रखने वाले सभी हैरान हैं कि आखिर यह हिन्दुओं का श्री यंत्र बना तो कैसे बना ….......
इडाहो एयर नेशनल गार्ड का पायलट बिल मिलर 10 अगस्त 1990 को अपनी नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था. अचानक उसने ओरेगॉन प्रांत की एक सूखी हुई झील की रेत पर कोई विचित्र आकृति देखी. यह आकृति लगभग चौथाई मील लंबी-चौड़ी और सतह में लगभग तीन इंच गहरे धंसी हुई थी. बिल मिलर चौंका, क्योंकि लगभग तीस मिनट पहले ही उसने इस मार्ग से उड़ान भरी थी तब उसे ऐसी कोई आकृति नहीं दिखाई दी थी. उसके अलावा कई अन्य पायलट भी इसी मार्ग से लगातार उड़ान भरते थे, उन्होंने भी कभी इस विशाल आकृति के निर्माण की प्रक्रिया अथवा इसे बनाने वालों को कभी नहीं देखा था. आकृति का आकार इतना बड़ा था, कि ऐसा संभव ही नहीं कि पायलटों की निगाह से चूक जाए.
सेना में लेफ्टिनेंट पद पर कार्यरत बिल मिलर ने तत्काल इसकी रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों को दी, कि ओरेगॉन प्रांत की सिटी ऑफ बर्न्स से सत्तर मील दूर सूखी हुई झील की चट्टानों पर कोई रहस्यमयी आकृति दिखाई दे रही है. मिलर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि यह आकृति अपने आकार और लकीरों की बनावट से किसी मशीन की आकृति प्रतीत होती है. इस खबर को लगभग तीस दिनों तक आम जनता से छिपाकर रखा गया, कि कहीं उस स्थान पर भीडभाड ना हो जाए. लेकिन फिर भी 12 सितम्बर 1990 को प्रेस को इसके बारे में पता चल ही गया. सबसे पहले बोईस टीवी स्टेशन ने इसकी ब्रेकिंग न्यूज़ दर्शकों को दी. जैसे ही लोगों ने उस आकृति को देखा तो तत्काल ही समझ गए कि यह हिन्दू धर्म का पवित्र चिन्ह “श्रीयंत्र” है. परन्तु किसी के पास इस बात का जवाब नहीं था कि हिन्दू आध्यात्मिक यन्त्र की विशाल आकृति ओरेगॉन के उस वीरान स्थल पर कैसे और क्यों आई?
14 सितम्बर को अमेरिका असोसिएटेड प्रेस तथा ओरेगॉन की बैण्ड बुलेटिन ने भी प्रमुखता से दिखाया और इस पर चर्चाएं होने लगीं. समाचार पत्रों ने शहर के विख्यात वास्तुविदों एवं इंजीनियरों से संपर्क किया तो उन्होंने भी इस आकृति पर जबरदस्त आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी आकृति को बनाने के लिए यदि जमीन का सिर्फ सर्वे भर किया जाए तब भी कम से कम एक लाख डॉलर का खर्च आएगा. श्रीयंत्र की बेहद जटिल संरचना और उसकी कठिन डिजाइन को देखते हुए जब इसे सादे कागज़ पर बनाना ही मुश्किल होता है तो सूखी झील में आधे मील की लम्बाई-चौड़ाई में जमीन पर इस डिजाइन को बनाना तो बेहद ही मुश्किल और लंबा काम है, यह विशाल आकृति रातोंरात नहीं बनाई जा सकती. इस व्यावहारिक निष्कर्ष से अंदाजा लगाया गया कि निश्चित ही यह मनुष्य की कृति नहीं है.
तमाम माथापच्ची के बाद यह निष्कर्ष इसलिए भी निकाला गया, क्योंकि जितनी विशाल यह आकृति थी, और इसकी रचना एवं निश्चित पंक्तियों की लम्बाई-चौड़ाई को देखते हुए इसे जमीन पर खड़े रहकर बनाना संभव ही नहीं था. बल्कि यह आकृति को जमीन पर खड़े होकर पूरी देखी भी नहीं जा सकती थी, इसे पूरा देखने के लिए सैकड़ों फुट की ऊँचाई चाहिए थी. अंततः तमाम विद्वान, प्रोफ़ेसर, आस्तिक-नास्तिक, अन्य धर्मों के प्रतिनिधि इस बात पर सहमत हुए कि निश्चित ही यह आकृति किसी रहस्यमयी घटना का नतीजा है. फिर भी वैज्ञानिकों की शंका दूर नहीं हुई तो UFO पर रिसर्च करने वाले दो वैज्ञानिक डोन न्यूमन और एलेन डेकर ने 15 सितम्बर को इस आकृति वाले स्थान का दौरा किया और अपनी रिपोर्ट में लिखा कि इस आकृति के आसपास उन्हें किसी मशीन अथवा टायरों के निशान आदि दिखाई नहीं दिए, बल्कि उनकी खुद की बड़ी स्टेशन वैगन के पहियों के निशान उन चट्टानों और रेत पर तुरंत आ गए थे.
ओरेगॉन विश्वविद्यालय के डॉक्टर जेम्स देदरोफ़ ने इस अदभुत घटना पर UFO तथा परावैज्ञानिक शक्तियों से सम्बन्धित एक रिसर्च पेपर भी लिखा जो “ए सिम्बल ऑन द ओरेगॉन डेज़र्ट” के नाम से 1991 में प्रकाशित हुआ. अपने रिसर्च पेपर में वे लिखते हैं कि अमेरिकी सरकार अंत तक अपने नागरिकों को इस दैवीय घटना के बारे कोई ठोस जानकारी नहीं दे सकी, क्योंकि किसी को नहीं पता था कि श्रीयंत्र की वह विशाल आकृति वहाँ बनी कैसे? कई नास्तिकतावादी इस कहानी को झूठा और श्रीयंत्र की आकृति को मानव द्वारा बनाया हुआ सिद्ध करने की कोशिश करने वहाँ जुटे. लेकिन अपने तमाम संसाधनों, ट्रैक्टर, हल, रस्सी, मीटर, नापने के लिए बड़े-बड़े स्केल आदि के बावजूद उस श्रीयंत्र की आकृति से आधी आकृति भी ठीक से और सीधी नहीं बना सके.

01/06/2018

बिलकुल सच्ची घटना है मेरे साथ ही नहीं आपके साथ भी हो सकता है

हम दिल्ली में थे एक मुल्ले ने आरएसएस को आतंकवादी और रेपिस्ट बोला !!हमारे साथ में 2 संघी थे दोनों चुप थे लेकिन हम ठहरे हरियाणा के अक्खड़ मुल्ले से बोले अगर आरएसएस आतंकी होता तो देश में एक भी टोपी वाला आतंकी नही होता।

इतने में वो मुल्ला भड़क गया और बोला हमे जानता है ना हमने कहा नही जानते। बोला कि हम मारते नही काट देते हैं ! हम समझ चुके थे अब झगड़ा होगा लेकिन हमने फिर भी कहा हमारे देश में बोलने की आजादी है लेकिन तुम आरएसएस को आतंकी, रेपिस्ट नहीं बोल सकते! माहौल गर्म होने लगा था

लेकिन हम हरियाणा के थे तो मुल्ला कुछ नर्म था लेकिन आरएसएस वालो को चड्डी गैंग बोलकर छेड़ रहा था, हमे समझ नही आ रहा था ये आरएसएस वाले इतना क्यों डर रहे हैं तब हम समझ गए कोई आरएसएस वाला नही आएगा ! हमे खुद ही निपटना होगा

तभी एक सरदार जी ने हमारा साथ दिया और कहा बेशक ये पांच सौ भी आगये तो मै इन्हें तुझे हाथ नहीं लगाने दूंगा! सरदार और मुझे संघठित देखकर वो मुल्ला और उसके बाकी साथी दब गए पीछे हट गए, भाईचारे की बाते करने लगे

लेकिन उस दिन से सोच रहा हूँ सरदार और मैंने हिम्मत दिखाई लेकिन आरएसएस वालो ने क्यों नही? चाहकर भी वो उसे नहीं खिंच सके, क्यों उसकी गलत्त बाटे सुनते रहे

25/05/2018

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था देश को लूटने वालो को चैन से नही बैठने दूंगा....शायद इस एक लाइन को कई कालेचोरो ने महज एक जुमला समझा था....इनको शायद पता नही था कि एक दिन यही जुमला कैक्टस बन कर इनके पिछवाड़े में घुस जाएगा....बस इसे देखने के लिए सकारात्मक नजरिए की आवश्यकता है...

अक्सर कई बार देखा जाता है कि विपक्षी तो विपक्षी, भक्त भी कालेधन पर सरकार को घेरते हुए नजर आते है....जबकि सच्चाई ये है प्रवर्तन निदेशालय (ED)और आयकर विभाग की संयुक्त कार्यवाही ने महज 15 महीनों में 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और 35000 करोड़ की संपत्ति जब्त की है...ये संपत्ति 2005 से लेकरन2015 के बीच जब्त की गई संपत्ति से भी अधिक है....कुछ बड़े भिखारियों की लिस्ट दे रहा हु ताकि अंधों की आंखे खुल सके 👇

बीते 15 महीनों में कालेधन पर सरकार के हथौड़े की चोट कहाँ कहाँ लगी उसके कुछ नमूने है ये

विजय माल्या क़ी 6630 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई....

PNB घोटाले में नीरव मोदी के 17 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 5100 करोड़ की संपत्ति जब्त गई...

लालू प्रसाद यादव + परिवार के 22 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 1000 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई...

Pearl ग्रुप के मालिक की 472 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई...

छगन भुजबल की 30 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई...

यादव सिंह की 14.48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त गई...

पीएनबी घोटाला में मामा मेहुल चोकसी की 1217 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई....

झुग्गी-बस्ती पुनर्विकास घोटाला में 462 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई....

डीपीआईएल की 1,122 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त गई....

सूरत की एक डिफॉल्टर कंपनी की 375 करोड़ की संपत्ति की जब्त गई....

रोज-वैली-चिटफंड घोटाले में 2300 करोड़ संपत्ति की संपत्ति जब्त की गई....

वीरभद्र के परिवार की 5.6 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई....

हथियार डीलर संजय भंडारी की 26 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई....

पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू की 472 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई....

मेरठ में सिंचाई विभाग में तैनात इंजीनियर आर के जैन के यहां छापा मारकर 2 करोड़ 67 लाख रुपये जब्त किए गए....

चेन्नई में एक ज्वैलर के पास से 10 करोड़ रुपये के पुराने नोट और 6 किलो सोना जब्त किया गया.....

पिछले ही महीने देश के तीन राज्यो में आयकर विभाग ने ताबड़तोड़ छापों में 1448 करोड़ रु कैश बरामद किए...

सबसे बड़ा सवाल ये है क्या इससे पहले इस देश मे आयकर विभाग था भी या नही और अगर था तो ये माल्या और नीरव मोदी जैसे डकैतों के गिरेबान तक क्यों नही पहुँचा...इसके लिए कपाल में थोड़ा सा जोर लगाने की जरूरत है....

ये तो सिर्फ एक नमूना मात्र था सरकार की इच्छा शक्ति का...वरना कांग्रेस ने देश बेचने में कोई कसर नही छोड़ी थी...ये आपको पेट्रोल डीजल के दामो में उलझाए रखेंगे.…कई तो उलझ भी गए है...अभी भी वक्त है सरकार के साथ दृढ़ता के साथ खड़े रहिए...अपनी निष्पक्षता को एक पोटली बनाकर किसी कोने में रख दीजिए.....याद रखिए आपसे ज्यादा संख्या आपके दुश्मनों की है....जितना ज्यादा हो सके सरकार की उपलब्धियों को लोगो तक पहुचाइए....ये सुनहरा मौका बार बार नही मिलेगा....

एक मकान बनाने में महीनों लग जाते है फिर मोदी को तो पूरा देश बनाना है....ये चाहता तो खुशी खुशी अपनी सात पीढ़ियों के लायक पैसा कमाकर चुपचाप घर बैठ सकता था....ये जो कर रहा है आपके लिए कर रहा है न कि अपने परिवार के लिए....इसलिए भरोसा रखिए क्योंकि भरोसे पर ही दुनिया कायम है... आज रूस की gdp माईनस में जा चुकी है....उसके बाद भी 1998 से पुतिन वहां के राष्ट्रपति पद पर काबिज है क्योंकि रूस की जनता पुतिन को खोना नही चाहती....वहां के लोगो को पता है पुतिन के रहते हम सुरक्षित है.... इसकी सिर्फ एक वजह है पुतिन देश के लिए जीता है अपने लिए नही...

24/05/2018

मेरा एक सवाल है !!
अगर मोदी जी गलत है तों आज यह विपक्ष के नेता लोगो ने गठबंधन क्यु कर लिया?
पहले तो ये सभी आपस में लडते थे !!!
अकेले मोदी जी तो गलत नही हो सकते !!!!!!

सोचो 🤔🤔🤔🤔

24/05/2018

"महागठबंधन" की तस्वीर देखकर एसा लगा की सिर्फ "हाफिज सईद" की कमी रह गई...कयो सही कहा ना..

04/12/2014

सभी राम भक्तो को बहुत बहुत बधाई 50 साल से बाबरी मस्जिद के लिए केस लड़ने वाले हामिद अन्सारी ने अपना केस वापस लिया बोले "अब राम लला को आजाद देखना है अब राम लला का मन्दिर वहा बने यही आखरी इच्छा है" !!

अब कट्टर हिन्दू जय जय कार लगा दे !!
जय जय श्री राम -जय जय श्री राम !!

खबर की पुष्टि भी स्वयं कर लें !!
वैसे ये न्यूज़ पर दिखाया जा रहा है !!

04/12/2014

हद्द तो तब हो गई जब महात्मा गांधी को " शैतान की औलाद" कहने वाली बहन मायावती भी साध्वी_निरंजन ज्योति को तमीज सिखाती हुई
देखी गई.
करुणानीधी प्रभु श्रीराम को गलत बोले तो सेक्कुलर
कुत्तो को कोई दिक्कत नही।
सलमान खुर्शीद और बेनीराम, जैसों ने हरामजादों ने
कभी माफ़ी मांगी क्या??
निहत्थे कार सेवकों पर गोली चलवाने वाले ने
कभी माफ़ी मांगी क्या????
मौतका सौदागर कहनेवालीने माफ़ी मांगी क्या ??एक टुच्चा मुस्लिम suvvaruddin owaisi..मोदी के बोटी बोटी करने की बात करता है तब सेकुलर लोग
कहाँ थे?
ये मोदी जी का बडप्पन था कि....... निरंजन ज्योति से
माफी मंगवा दी |
वैसे मै तो अभी भी ढूंढ रहा हूं कि उन्होने गलत क्या कहा था....??
रामजादों की सरकार
बनेगी तो हरामजादों को भी बुरा तो लगेगा ही
जबकि 'अबू आजमी' कहता है कि सारा विश्व ही किसी 'आदम खान'?? की औलाद है.!औवेशी हरामजादे ने हम हिंदुओं और हमारे देवी देवताओं के बारे में क्या कुछ नहीं कहा.....
माफ़ी मांगी क्या????
बुखारी खुद को ISI का एजेंट कहे तो कोई दिक्कत नही!!!विजय विद्रोही,ABP न्यूज़ के पत्रकार ने हिंदुओं का अपमान किया है,खुलेआम कह रहा है
कि.... में राम को नहीं मानता..

13/10/2014

मंदिर के नाम पर बने कुछ पापभवनों में व कुछ गांवो में आज भी , ग्रामदेवताओ या देवी के नाम पर पशु-बलि दी जाती है। और फिर उसे नमक मिर्च लगा भूनकर भकोस जाते है।

इन जड़बुद्धियो को क्यो समझ नहीं आता कि - किसी की गर्दन काटकर, खून बहाकर उसके जीवन के अधिकार को छीनकर - अपने जीवन के लिए प्रार्थना नहीं की जाती , न ही देव या देवियो द्वारा ये पाप स्वीकार किया जाता है।

भगवती पार्वती स्वयं कहती है ---

"मम नाम नाथवा यज्ञे पशुहत्याम् करोति य:।
वाग्तमनिष्कतिर नास्ति कुंभीपाकम् मवाप्नुयात ॥ ---

अर्थात , " जो मेरे नाम से अथवा यज्ञ में पशुओ की हत्या करते है , उनकी कभी मुक्ति नहीं हो सकती वो तो कोटि कल्प तक कुंभीपाक नरक में सड़ते है ।

जानवर हो या तुम्हारी जानेमन , अगर उसमे "जान" नहीं है तो वह 'मुर्दा' ही है । उसे चिकिन कह लो, या बिरियानी कह लो , कबाब कह लो या हलाल कह लो । मुर्दे को खाने वाले। घर में अपना प्रिय सदस्य भी जब मुर्दा हो जाता है तो शीघ्रता से उसे जलाकर आते है और आकर स्नान करते है, क्यो कि अपवित्र हो गए थे न । और फिर बारह दिन तक घर में कोई पवित्र कार्य नहीं होता । उसे तो भूनकर नहीं खाते ... क्यो भाई ? सोचो जब घास फूस खाने वाला बकरा इतना स्वादिष्ट होता है तो जीवन भर स्वादिष्ट व्यंजन खाने वाला मुर्दा कितना स्वादिष्ट होगा ?

हो सकता है सुई के छेद से हाथी निकल जाये किन्तु , हजारो प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनो के होते हुये भी , मजहब के नाम पर, या देवी देवताओ के नाम पर निरीह जानवरो की गर्दन रेतकर ,उनकी हड्डीया चूसने वाला, कभी भगवान को प्राप्त नहीं कर सकता, उनकी भक्ति प्राप्त नहीं कर सकता, वास्तविक सुख -शांति व आनंद को प्राप्त नहीं कर सकता ।

॥जय श्री राम॥

सचिन शर्मा

1 गांधी का वध हुआ 6000 ब्राहमणों को मारा गया,1 इंदिरा को मारा 4700 सिखों को मारा गया,1 दामनी को दर्दनाक मौत दी गयी , 1 म...
13/10/2014

1 गांधी का वध हुआ 6000 ब्राहमणों को मारा गया,
1 इंदिरा को मारा 4700 सिखों को मारा गया,
1 दामनी को दर्दनाक मौत दी गयी , 1 मोमबत्ती जल रही है |

मुस्लमान वन्दे मातरम न बोले तो ये उन
का धार्मिकमामला है.....
नरेन्द्र मोदी टोपी ना पहने तो ये उन
का सांप्रदायिक मामला है......
डेनमार्क में अगर कोई फोटो बन.. गयी तो उस का सर कलम ....
श्रीराम की जमीन पर अगर मंदिर
बना तो हिन्दू बेशर्म. ....
गोधरा में जो ५६ हिन्दू पहले जले वो भेड़
बकरी.....
और उस बाद जो मुस्लिम मरे वो देश के
सच्चे प्रहरी,,,,,
१५ साल पहले ही कश्मीर
हो गयी हिंदुवो से खाली.....
देश
की बढती मुस्लिमआबादी हमारी खुशहाली.......
पठानी सूत,, नमाजी टोपी में
वो ख़ूबसूरत...
हम सिर्फ राम कह दे तो आतंक की मूरत...

कोई लड़ता है यहाँ पाकिस्तान के लिए,
कोई लड़ता है उर्दू जुबान के लिए..
सब चुप हो जाते हैं श्री राम के लिए.
अब तो गूंजते हैं नारे तालिबान के लिए..
हिन्दू परेशान है नौकरी और दुकान के लिए....मुसलिमो का फतवा हिन्दू भेजो शमशान के लिए...
भारत माँ को डायन बोला गया झूठी शान के लिए..
झंडे में हरा रंग है सिर्फ हिंदुत्व के अपमान के लिए ...
मैं पूछता हूँ इसका समाधान कहाँ है ?
अरे तुम ही बोलो हिन्दू का हिन्दुस्तान कहाँ है ??
जय श्री राम ।
आम्हि कुणाला भित नाय,
फुशारकीनं मिरवत नाय,
उगाच आला अंगावर तर
फाडल्याशिवाय रहात नाय..!!

जय हिन्द जय भारत

असल में देखा जाए तो संत आशारामजी बापू ही पीड़ित है।बिना कोई आरोप सिद्ध हुए ही पिछले १ साल से जेल में।ना कोई ठोस सबूत फिर ...
13/10/2014

असल में देखा जाए तो संत आशारामजी बापू ही पीड़ित है।
बिना कोई आरोप सिद्ध हुए ही पिछले १ साल से जेल में।
ना कोई ठोस सबूत फिर भी जेल।
कोई भी आकर आरोप लगाए और ना ही कोई तहकीकात हुई और एक संत को सीधा जेल में रखा जाता है। ये एक षड्यंत्र नहीं तो और क्या है?
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13/10/2014

हमारे मुल्क में 3 अरब डॉलर के बराबर राशि के जानवर बड़ी ईद पर बलिदान किए जाते हैं., दुनिया में सबसे अधिक जानवरों की कुर्बानी हिन्दुस्तान में होती हैं. और सबसे गंदे तरीके से भी . खून घर घर, गली गली, नाली नाली हिन्दुस्तान में सबसे ज्यादा फैलाया जाता है. जानवरों को मारने का बर्बर दृश्य छोटे बच्चों के सामने खेला जाता है. कुछ इस्लामी देश कम से कम इतने सभ्य होते हैं. कि वहां क़ुरबानी केवल सरकारी अनुमोदित क़ुरबानी घरो ( बॉक्सेस) में ही की जा सकती है. घर घर गली गली यह तमाशा है, न खूनी गंध डाली जाती है. कुर्बानी केवल हाजियों के लिए थी. हजारों साल पहले एक कहानी जिसे मज़हबी किताबो में अलग ढंग से समझाया गया है. वैसे भी एक कहानी जिसका दावा अगर आज कोई करे तो वह जेल में होगा, या पागलखाने .में ..

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Lucknow
226001

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