05/01/2020
Worried About Career -Talk To Expert
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुंभ
मीन
Thesecretofkarma.org
English | Hindi
Problems Regarding Career, Relationships and Money Matter
Get Consultation with
Dr. Neeraj Sharma
Mob. 9451505840
☰
शनि करने जा रहा है मकर राशि में प्रवेश जानिए आपके ऊपर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
Share on :
नए साल की शुरुआत के साथ, हम जीवन को बदलने वाले प्रमुख ग्रह गोचर और एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना का सामना करने जा रहे हैं। कठोर कार्यवाहक और अनुशासनात्मक देवता, शनि ज्योतिष के अनुसार मकर राशि में अपना भव्य प्रवेश करने जा रहे हैं। लेकिन ऐसा क्या होने वाला है, जो इस परागमन को इतना भव्य बनाने जा जा रहा है? यह कोई आम पारगमन नहीं है। 30 सालों तक समस्त राशियों की परिक्रमा करने के बाद शनि एक बार फिर अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रवेश करने जा रहा है। ये एक तरह से शनि की घर वापसी होगी। 23 जनवरी, 2020 को शनि मकर राशि में प्रवेश करेगा और ढाई साल तक इसी राशि में गति करेगा।
आपकी जन्म कुंडली पर शनि का प्रभाव
जब शनि किसी कुंडली में अनुकूल भाव में होता है तो जातक अच्छी संचार शक्तियों वाला विद्वान बनता है। लेकिन जब यह नकारात्मक होता है, तो इसमें सोने को राख में बदल देने की शक्तियां भी होती हैं। दूसरी ओर, यदि यह अनुग्रहकारी है, तो यह जीवन में सौभाग्य लेकर आता है।
जिन पर शनि का अच्छा प्रभाव है उनके व्यापार के क्षेत्र में करियर बनाने की बेहतर संभावनाएं हैं, जो की मशीनरी, चमड़ा, सीमेंट, भट्टी, लकड़ी, रबर, आदि से संबंधित हो सकते हैं।
लेकिन शनि का बुरा प्रभाव जातक के जीवन में संघर्ष लेकर आता है। वे पाचन तंत्र, पेट और आहार नाली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। इसके साथ ही कोई क़ानूनी समस्या या धन की हानि भी हो सकती है। यदि आपकी कुंडली में भी शनि का प्रतिकूल प्रभाव है तो हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों की मदद से इसके दुष्प्रभाव को बेअसर कर सकते हैं।
मकर राशि में शनि गोचर आपके लिए क्या मायने रखता है?
शनि को एक शिक्षक और कठोर अनुशासक माना जाता है, जो किसी व्यक्ति को जीवन में विभिन्न अनुभवों के माध्यम से महत्वपूर्ण सबक सिखाता है। ये सबक अच्छे या बुरे हो सकते हैं। कहा जाता है कि शनि सबसे से अच्छा गुरु होता है। शनि जब भी मकर राशि में प्रवेश करता है तो ये इ अद्भुत संयोग होता है। मकर राशि को समस्त राशियों का पिता भी कहा जाता है। क्योंकि यह लोगों को योजना बनाने के बाद अपने तरीके से काम करवाता है। इसलिए जब शनि स्वयं की आधिकारिक और अनुशासन राशि में आएगा है तो यह अपनी राशि में ब्रह्मांडीय घटना की तरह होगा।
कब करेगा शनि आपकी राशि में प्रवेश?
धनु राशि में परागमन पूरा करने के बाद 23 जनवरी, 2020 को लगभग 22:27 बजे शनि, मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद 10 मई, 2020 से 29 सितंबर, 2020 तक यह वक्री हो जायेगा। शनि का यह परागमन 28 अप्रैल, 2022 तक जारी रहेगा।
मकर राशि में शनि का गोचर कुछ राशियों के लिए अनुकूल रहेगा और कुछ के लिए प्रतिकूल भी हो सकता है। आइये जानते हैं शनि के इस परागमन का किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(कृपया ध्यान दें: यहाँ राशियों पर शनि के परागमन के प्रभाव की गणना चंद्र रशियों के अनुसार की गयी है।)
मेष
मेष जातकों की कुंडली में शनि दसवें और 11 वें भाव का स्वामी है, और यह सातवें घर में प्रवेश करने जा रहा है। यह जीवन का वो समय होगा जब आप अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने पाने में कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। वांछित परिणाम और वित्तीय लाभ नहीं मिल पाने से निराशा का भाव आ सकता है। व्यापार में श्रमिकों से प्रतिस्पर्धा और असहयोग में वृद्धि की संभावना है। यह प्रेम जीवन और यहां तक कि वैवाहिक संबंधों में भी कठिनाइयों का समय हो सकता है। चन्द्र राशि मेष पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
वृषभ
इस राशि के जातकों की कुंडली में नौवें और दसवें घर का स्वामी शनि परागमन के दौरान नौवें घर में प्रवेश करेगा। इस दौरान वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ वाद-विवाद की संभावना है, अतः उनसे बात करते समय सावधानी बरतें। करियर में धैर्य रखने की जरुरत है। पिछले निवेशों से लाभ मिलने के साथ वित्तीय स्थिति में सुधार होने की संभावना है। जहां तक व्यवसाय की बात है, लंबी दूरी की यात्राएं होने की संभावना है जो अच्छे परिणाम दे सकती हैं। बौद्धिक परिपक्वता में वृद्धि के कारण वैवाहिक और प्रेम जीवन में सुधार होगा। चन्द्र राशि वृषभ पर शनि के मकर राशि में गोचर का संपूर्ण प्रभाव यहाँ पढ़ें।
मिथुन
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में शनि आठवें और नौवें घर का स्वामी होता है। यह परागमन के दौरान आठवें घर में गोचर करेगा। करियर में प्रमोशन या नौकरी में बदलाव के लिए देरी की संभावना है। वत्तीय नुकसान की संभावना के चलते अत्यधिक व्यय पर नियंत्रण रखने के सलाह दी जाती है। व्यापार में मंदी के चलते लाभ में देरी हो सकती है, जिससे निराशा होगी। प्रेम जीवन में कठिनाइयाँ और वैवाहिक जीवन में परेशानियाँ आने की संभावना है। वाहन चलते समय अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। चन्द्र राशि मिथुन पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
कर्क
कर्क जातकों की जन्म कुंडली में शनि सातवें और आठवें घर का स्वामी है। परागमन के दौरान यह सातवें घर में प्रवेश करेगा। इस समय करियर में कठिन परिश्रम का लाभ प्राप्त करने के लिए धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। स्थानांतरण की संभावनाएं हैं। अपने पेशेवर जीवन में नए कौशल को अपनाना बेहतर होगा। वित्तीय प्रवाह में धीरे-धीरे वृद्धि की उम्मीद है। कर्मचारियों को संभालते समय व्यवसाय थोड़ा चुनौती पूर्ण लग सकता है। प्रेम जीवन में अनबन होने की संभावना है। विवाहित जीवन में समस्याओं को संभालने के लिए धैर्य और परिपक्वता की आवश्यकता होगी। चन्द्र राशि कर्क पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
सिंह
सिंह जातकों की जन्म कुंडली में सूर्य छठे और सातवें घर पर शासन करता है। अब शनि छठे भाव में गोचर करने जा रहा है। जिससे नौकरी में समस्या आने की संभावना है, जिससे नौकरी खोने का डर हो सकता है। कार्यस्थल पर समर्थन की कमी के कारण धैर्य में कमी आ सकती है। कुछ अप्रत्याशित ख़र्चों की उम्मीद के चलते वित्तीय योजना बनाने का सुझाव दिया जाता है। व्यवसाय औसत से थोड़ा कम रहेगा। प्रेम जीवन में रोमांटिक पलों की कमी हो सकती है। चन्द्र राशि सिंह पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
कन्या
इस राशि के जातकों की जन्म कुंडली में शनि पांचवें और छठे घर का स्वामी होता है। अब शनि पांचवें घर में गोचर करने जा रहा है। करियर से जुड़ी समस्याओं से निपटने के दौरान आप व्यावहारिक रहेंगे, जिनके समय-समय पर उत्पन्न होने की संभावना है। वित्तीय योजना का पालन करें नहीं तो पैसों की तंगी हो सकती है। व्यावसायिक मामलों में, अनुशासन और ध्यान की कमी के चलते सरल कार्यों को पूरा करने में भी मुश्किल हो सकती है। वैवाहिक जीवन में उम्मीदों और वास्तविकता के बीच अंतर होगा। चन्द्र राशि कन्या पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
तुला
तुला राशि जातकों की जन्म कुंडली में शनि चौथे और पांचवें घर का स्वामी होता है, और परागमन के दौरान यह चौथे घर में गोचर करेगा। वांछित परिणाम प्राप्त करने के मामले में करियर में मंदी की संभावना है। भौतिक वस्तुओं पर व्यय होने की भी संभावना है। कारोबारी माहौल असंतोषजनक हो सकता है। प्रेम जीवन में उचित ध्यान देने की आवश्यकता है। रिश्तों में आपसी समझ में कमी हो सकती है। पुरानी समस्याओं के फिर से उठने के कारण निराशा और कठोरता आ सकती है। मानसिक तनाव से स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। चन्द्र राशि तुला पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
वृश्चिक
वृश्चिक जातकों की जन्म कुंडली में शनि तीसरे और चौथे घर का स्वामी होता है और यह तीसरे भाव में परागमन करेगा। यह समय करियर के लिए लाभदायक होगा। मेहनत का फल पदोन्नति के रूप में मिलेगा। आर्थिक स्थिति सकारात्मक रहेगी। व्यावसायिक यात्रायें लाभ देंगी, जिससे व्यवसाय में विस्तार की योजना बना सकते हैं। प्रेम संबंध व वैवाहिक जीवन बेहतर रहेगा। लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने की संभावना है। चन्द्र राशि वृश्चिक पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
धनु
धनु जातकों की कुंडली में शनि दूसरे और तीसरे भाव का अधिपति होता है। या कुंडली के दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। परागमन के दौरान आपके प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है, जिससे वरिष्ठ लोग खुश नहीं होंगे। आय कम और व्यय अधिक होंगे। व्यावसायिक मामले औसत रहेंगे और परिणाम प्राप्त करने में देरी हो सकती है। वैवाहिक जीवन में साथी के साथ अच्छे व्यवहार करने की आवश्यकता है। इस अवधि में आलस्य और तनाव की भावना रहेगी। चन्द्र राशि धनु पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
मकर
मकर जातकों की कुंडली में पहले और दूसरे भाव के स्वामी शनि परागमन के दौरान पहले भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। परागमन के दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव आने की संभावना है। नौकरी में परिवर्तन हो सकता है। करियर धीमा रहने की संभावना है। वित्तीय मामलों में परिवार का सहयोग नहीं मिलेगा। व्यावसायिक साझेदारों से मतभेद के चलते व्यापार में समस्याएं आ सकती हैं। प्रेम जीवन में भी परेशानी हो सकती हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित जांच करवाना जरुरी होगी। चन्द्र राशि मकर पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
कुंभ
शनि, कुम्भ राशि जातकों की कुंडली में 12वें भाव पर शासन करता है, और इसी भाव में यह परागमन करने जा रहा है। इस दौरान सहकर्मियों से असहयोग और वरिष्ठों से तनावपूर्ण संबंध हो सकते हैं। व्यापार में नए उत्पाद लाने में देरी हो सकती है। पारिवारिक सदस्यों से वित्तीय समर्थन नहीं मिलेगा। समयाभाव के कारण वैवाहिक रिश्तों में दूरी आ सकती है। स्वास्थ्य में गिरावट बानी रह सकती है। चन्द्र राशि कुंभ पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
मीन
मीन जातकों की कुंडली में शनि 11 वें और 12 वें भाव का स्वामी होता है, और यह 11 वें भाव से गोचर करेगा। यह करियर के लिए अच्छा समय होगा। इस दौरान जातक अधिक मेहनती होंगे, और अधीनस्थों के साथ भी अच्छे संबंध होंगे। वित्तीय मामले में अच्छा समय रहेगा। बेहतर भविष्य के लिए धन खर्च कर सकते हैं व्यापार के नए विकास अवसर मिलने की संभावना है। प्रियजन के साथ ग़लतफ़हमी और गलत संवाद तनाव पैदा कर सकता है। कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं फिर से आ सकती हैं। चन्द्र राशि मीन पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।
अपने व्यक्तिगत समाधान प्राप्त करने के लिए, एक ज्योतिषी विशेषज्ञ से बात करें अभी!