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ज्योतिष उस विद्या को कहते हैं जिसमें मनुष्य तथा पृथ्वी पर, ग्रहों और तारों के शुभ तथा अशुभ प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। ज्योतिष शब्द का यौगिक अर्थ ग्रह तथा नक्षत्रों से संबंध रखनेवाली विद्या है। इस शब्द से यद्यपि गणित (सिद्धांत) ज्योतिष का भी बोध होता है, तथापि साधारण लोग ज्योतिष विद्या से फलित विद्या का अर्थ ही लेते हैं।

ग्रहों तथा तारों के रंग भिन्न-भिन्न प्रकार के दिखलाई पड़ते हैं, अतएव उन

से निकलनेवाली किरणों के भी भिन्न भिन्न प्रभाव हैं। इन्हीं किरणों के प्रभाव का भारत, बैबीलोनिया, खल्डिया, यूनान, मिस्र तथा चीन आदि देशों के विद्वानों ने प्राचीन काल से अध्ययन करके ग्रहों तथा तारों का स्वभाव ज्ञात किया। पृथ्वी सौर मंडल का एक ग्रह है। अतएव इसपर तथा इसके निवासियों पर मुख्यतया सूर्य तथा सौर मंडल के ग्रहों और चंद्रमा का ही विशेष प्रभाव पड़ता है। पृथ्वी विशेष कक्षा में चलती है जिसे क्रांतिवृत्त कहते हैं। पृथ्वी के निवासियों को सूर्य इसी में चलता दिखलाई पड़ता है। इस कक्षा के इर्द गिर्द कुछ तारामंडल हैं, जिन्हें राशियाँ कहते हैं। इनकी संख्या 12 है। इन्हें, मेष, वृष आदि कहते हैं। प्राचीन काल में इनके नाम इनकी विशेष प्रकार की किरणें निकलती हैं, अत: इनका भी पृथ्वी तथा इसके निवासियों पर प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक राशि 30 की होती है। मेष राशि का प्रारंभ विषुवत् तथा क्रांतिवृत्त के संपातबिंदु से होता है। अयन की गति के कारण यह बिंदु स्थिर नहीं है। पाश्चात्य ज्योतिष में विषुवत् तथा क्रातिवृत्त के वर्तमान संपात को आरंभबिंदु मानकर, 30-30 अंश की 12 राशियों की कल्पना की जाती है। भारतीय ज्योतिष में सूर्यसिद्धांत आदि ग्रंथों से आनेवाले संपात बिंदु ही मेष आदि की गणना की जाती है। इस प्रकार पाश्चात्य गणनाप्रणाली तथा भारतीय गणनाप्रणाली में लगभग 23 अंशों का अंतर पड़ जाता है। भारतीय प्रणाली निरयण प्रणाली है। फलित के विद्वानों का मत है कि इससे फलित में अंतर नहीं पड़ता, क्योंकि इस विद्या के लिये विभिन्न देशों के विद्वानों ने ग्रहों तथा तारों के प्रभावों का अध्ययन अपनी अपनी गणनाप्रणाली से किया है। भारत में 12 राशियों के 27 विभाग किए गए हैं, जिन्हें नक्षत्र कहते हैं। ये हैं अश्विनी, भरणी आदि। फल के विचार के लिये चंद्रमा के नक्षत्र का विशेष उपयोग किया जाता है।

05/01/2026
30/12/2025

7 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक शनि महाराज अस्त अवस्था में रहेंगे और उसके बाद उदित हो जाएंगे। इसके पश्चात 27 जुलाई को शनि महाराज वक्री चाल प्रारंभ करेंगे जो 11 दिसंबर तक जारी रहेगी और उसके बाद यह एक बार फिर मार्गी अवस्था में आ जाएंगे।

शनि गोचर 2026 के अनुसार इस पूरे वर्ष मेष राशि के जातकों पर प्रथम चरण, मीन राशि के जातकों पर द्वितीय चरण और कुंभ राशि के जातकों पर तृतीय और अंतिम चरण की साढ़ेसाती चल रही है। यदि शनि की ढैय्या अथवा पनौती की बात की जाए तो, धनु राशि के जातकों पर चतुर्थ ढैय्या चल रही है और इस पूरे वर्ष सिंह राशि के जातकों की कंटक ढैय्या चलेगी।

शनि एक ऐसे ग्रह हैं जो जातक को कठोर चुनौतियां देकर जीवन में अनुशासन का महत्व सिखाते हैं, उसे अपनी गलतियों से सबक लेकर सुधारने का मौका देते हैं और आत्ममंथन का मौका देते हैं। यह जातक को अनुशासित बनाने के साथ-साथ न्यायप्रिय भी बनाते हैं। यह एक ऐसे अध्यापक हैं जो हमें सदैव कर्म पथ पर बने रहने और अपनी जीवन ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए तैयार करते हैं। जब तक जातक सुधरता नहीं है, उसे सुधारने के लिए शनि प्रयास करते हैं। यदि वह बार-बार गलती करने के बाद भी उससे सबक नहीं लेता तब शनिदेव दंडनायक बनकर उसे दंड भी देते हैं।

शनि देव धीमी यानी मंद गति से चलते हैं और यह वर्तमान समय में धीमी गति से चलने वाले दूसरे ग्रह बृहस्पति महाराज की मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। मीन राशि बृहस्पति के अधिकार क्षेत्र में आती है और द्विस्वभाव राशि होने के कारण शनि का गोचर मीन राशि में अनेक प्रकार की अच्छी-बुरी घटनाओं का जनक बन सकता है। शनि गोचर 2026 के प्रभाव से जातकों को अपने करियर में अनेक प्रकार के बदलाव देखने पड़ेंगे। जो जातक करियर में स्थायित्व की कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें आगे बढ़कर कुछ नया जानने, सीखने और समझने का मौका मिलेगा। शनि सिखा रहे हैं कि आपको अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय के साथ जुट जाना होगा क्योंकि जितनी तीव्र आपकी इच्छा शक्ति होगी, उसी के अनुसार आपका उद्देश्य प्राप्त करने का मार्ग आसान होगा। शनि गोचर 2026 आपकी राशि के अनुसार आपके जीवन को किस क्षेत्र में शुभ अथवा अशुभ रूप से प्रभावित करने वाला है, यह सब कुछ आपको इस लेख में जानने को मिलेगा इसलिए इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक अवश्य पढ़ें।

मेष राशिफल
मेष राशि के जातकों के लिए शनि महाराज उनके कर्म भाव और आय भाव यानी कि दशम और एकादश भाव के स्वामी ग्रह हैं। ऐसे में, यह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण ग्रह बन जाते हैं। वर्तमान गोचर में शनि मेष राशि से द्वादश भाव में विचरण कर रहे हैं जिसे व्यय और हानि का भाव भी माना जाता है। शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) आपके खर्चों में वृद्धि करने का काम कर सकता है। आप जो कुछ भी कमाएंगे, वह आपको खर्चना पड़ सकता है इसलिए आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी सी डांवाडोल हो सकती है। आपको शनि सीख दे रहे हैं कि अपने खर्चों को नियंत्रित रखें, मितव्ययिता को अपनाएं तथा फिजूलखर्ची से बचें ताकि आप आर्थिक चुनौतियों से बच सकें।

यदि आप और अनुशासित जीवन नहीं व्यतीत करते हैं, तो आप बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही, आपको अस्पताल का मुंह देखना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त आपके कई बार खर्च के योग भी बन सकते हैं। आपको विदेश जाने का मौका शनिदेव प्रदान कर सकते हैं जिससे आपकी काफी समय से सोची हुई इच्छा पूरी हो सकती है। आपको अपने काम के सिलसिले में भागदौड़ करनी पड़ेगी। काम का दबाव आपके ऊपर रहेगा। आपको विदेशी माध्यमों से धन प्राप्ति हो सकती है। यदि आप किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करते हैं अथवा विदेश से व्यापार करते हैं, तो आपको आर्थिक लाभ होने के योग भी बनेंगे। विरोधियों के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं रहेगा और शनि देव आपको चुनौतियों से जूझने में माहिर बनाएंगे। आपको अपने भाग्य को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा। वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।

उपाय: आपको शनिवार के दिन शाम के समय में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के एक तेल का दीपक जलाना चाहिए।

वृषभ राशिफल
वृषभ राशि में शनि गोचर 2026 का प्रभाव विशेष रूप से लाभदायक होने की संभावना है। शनि देव आपकी राशि के लिए योगकारक ग्रह हैं क्योंकि यह आपके कर्म भाव और भाग्य भाव दोनों के स्वामी होकर आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करेंगे। एकादश भाव में शनि का गोचर अत्यंत अनुकूल माना गया है और यहां उपस्थित होकर शनिदेव आपकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करेंगे। कार्यों में आ रही रुकावट को दूर करेंगे और आपकी योजनाओं में सफलता का मार्ग प्रशस्त करेंगे। लंबे समय से अटके हुए काम पूर्ण होंगे। आपका साहस व पराक्रम बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सानिध्य मिलेगा। बॉस से भी आपका व्यवहार अनुकूल रहेगा।

नई नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे। पुरानी नौकरी में मनचाही सफलता मिल सकती है। पदोन्नति मिल सकती है। किसी विभाग में परिवर्तन भी हो सकता है और यह परिवर्तन आपके मन-माफिक हो सकता है। आपको अतिआत्मविश्वास का शिकार होने से बचना होगा जिससे आपको अच्छी सफलता मिल सके। लंबी यात्राओं के योग बनेंगे और उनसे भी लाभ होगा। प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। आपके प्यार की परीक्षा होगी। संतान को लेकर कुछ चिंताएं हो सकती हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा में कुछ अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन कठिन मेहनत से आप उन चुनौतियों से बच सकते हैं। धार्मिक कार्यों में भी मन लगेगा। ससुराल के लोगों की सहायता करेंगे।

उपाय: आपको शनिवार के दिन दिव्यांग जनों को भोजन कराना चाहिए।

मिथुन राशिफल
मिथुन राशि से दशम भाव में शनि देव गोचर कर रहे हैं। यह आपके अष्टम भाव और नवम भाव के स्वामी हैं। ऐसे में शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि यह आपके कार्यक्षेत्र में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में भी शनि देव दशम और एकादश भाव के स्वामी होते हैं। ऐसे में शनि का दशम भाव में गोचर करना आपको कर्मठ बनाएगा। आप अपने काम में मेहनत करेंगे। थोड़ा काम का दबाव भी आपको परेशान करेगा लेकिन, आप उससे बिल्कुल भी घबराएंगे नहीं, बल्कि मेहनत करेंगे और अपने काम को बेहतर से बेहतर करने का प्रयास करेंगे जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मज़बूत होगी।

वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे अच्छे संबंध और व्यवहार बनाए रखेंगे। आपके काम करने का तरीका लोगों को प्रेरणा दे सकता है। लेकिन कई बार ऐसे काम भी आपको मिल सकते हैं, जो आपके मन माफिक न हों या आपकी योग्यता के अनुसार न हो और आपको करने पड़ सकते हैं। ऐसे में थोड़ी परेशानी होना लाजमी है। खर्चों में कमी आएगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में भागदौड़ बढ़ सकती है। नियमित रूप से मेहनत करें लेकिन बीच-बीच में आराम भी करें, नहीं तो बीमार हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थितियां बन सकती हैं। वैवाहिक संबंधों में समझदारी से भरा कदम उठाने का समय होगा। जीवनसाथी को महत्व दें और उनकी भावनाओं को भी सम्मान दें। व्यापार में मेहनत से उन्नति होगी।

उपाय: आपको अपने सहकर्मियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें शनिवार के दिन कोई भेंट देनी चाहिए।

कर्क राशिफल
शनि गोचर 2026 के अनुसार, कर्क राशि से नवम भाव में शनि देव अपना गोचर कर रहे हैं। नवम भाव से भाग्य स्थान और लंबी यात्राओं को देखा जाता है। यह आपके गुरुजनों का भाव भी है। नवम भाव में शनि का होना आपको लंबी यात्राएं देगा। कुछ धर्म से संबंधित यात्राएं होंगी और कुछ अन्य यात्राएं जो आपको जीवन की खोज में भी करनी पड़ेगी। यहां उपस्थित शनि महाराज पिता को स्वास्थ्य समस्याएं दे सकते हैं। आपके कार्यों में हल्की रुकावट आ सकती है, लेकिन आपके कार्य धीरे-धीरे ही पूरे होंगे। आपको हिम्मत जताते हुए अपने काम पर बने रहना चाहिए। नौकरी में अपनी बातों को सामने रखने के लिए अच्छा समय होगा क्योंकि आपकी बात सुनी जाएगी। आपका रवैया अनुशासित भी होगा।

शनि महाराज आपके सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी होकर नवम भाव में विराज रहे हैं। ऐसे में, वैवाहिक संबंधों में बदलाव आ सकता है। जीवनसाथी के माध्यम से आपको भाग्य की प्रबलता मिल सकती है। वह आपको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे। यात्राओं से धन लाभ होगा। व्यवसाय से जुड़ी यात्राएं भी लाभप्रद साबित होंगी। ससुराल पक्ष के लोगों से मेल-मुलाकात बढ़ेगी। पूर्व में किए गए दीर्घकालीन निवेश का आपको लाभ मिलेगा। आमदनी में बढ़ोतरी होगी। आय के नए साधन मिलेंगे। भाई-बहनों को कुछ समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन आप अपने प्रयासों से उन्हें दूर करने की कोशिश करेंगे। विरोधियों के लिए समय कठिन होगा। आप उन पर भारी पड़ेंगे और उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी। नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी।

उपाय: आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा लगानी चाहिए।

सिंह राशिफल
सिंह राशि में शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि शनि देव आपके छठे और सातवें भाव के स्वामी होकर इस पूरे वर्ष आपके अष्टम भाव में ही गोचर करते रहेंगे। अष्टम भाव में शनि का जाना कंटक ढैय्या के रूप में जाना जाता है और ऐसे में, आपको कुछ क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। यहां आकर शनि आपकी परीक्षा लेंगे। आपके कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। किसी काम को करने के लिए बार-बार प्रयास करने होंगे जिससे आपके अंदर खीझ उत्पन्न हो सकती है तथा आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। ससुराल के लोगों से भी सामंजस्यपूर्ण संबंध न होने के कारण इस दौरान उनसे भी कुछ बातों को लेकर कहासुनी या समस्याएं हो सकती हैं।

कार्यक्षेत्र में कठिन परिश्रम से ही आपको सफलता मिलेगी। कई बार अचानक से धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं और जो पैसा अब तक लोगों ने रोक रखा था यानी कि अटका हुआ धन भी इसी दौरान आपको मिल सकता है। सेहत का आपको ध्यान रखना होगा। प्रेम संबंधों में रुकावट आ सकती है और संतान को लेकर कुछ जायज़ चिंताएं हो सकती हैं, चाहे वो उनकी शिक्षा को लेकर हों या उनसे संबंधों को लेकर हों, लेकिन हर चुनौती का सामना आप कठिन मेहनत से करेंगे और उनसे बाहर निकल ही जाएंगे।

उपाय: आपको शनिवार के दिन साबुत काले उड़द का दान करना चाहिए।

कन्या राशिफल
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि महाराज पंचम भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। शनि गोचर 2026 के दौरान वे आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं। सप्तम भाव लंबी साझेदारियों का भाव है और इसी से आपके विवाह और वैवाहिक संबंधों का आकलन भी किया जाता है। यहां उपस्थित शनि आपको अपने रिश्ते में जागरूक, सक्षम तथा सतर्क बनाएंगे। आप अपने जीवनसाथी से अपने विरोधाभास को दूर करने का प्रयास करेंगे। लेकिन, कभी-कभी सच को सच की तरह ही कहना आपके जीवनसाथी को बुरा लग सकता है, ऐसे में आपको समझना होगा।

व्यावसायिक मामलों के लिए यह समय अच्छा है, ग्राउंड वर्क करते रहें और अपने व्यापार को उन्नति देने के लिए दीर्घसूत्री और दीर्घकालीन योजनाएं बनाएं जो आने वाले समय में व्यापार को वृद्धि प्रदान कर सकती हैं। आप अपनी बुद्धि का इस्तेमाल अपने वैवाहिक संबंधों को सुधारने, नए लोगों से जान-पहचान बढ़ाने और व्यापार में उन्नति के लिए कर सकते हैं। आपकी संतान से आपको सहयोग मिलेगा, लेकिन कई बातों पर उनसे मतभेद हो सकते हैं, विशेष रूप से वैचारिक मतभेद होने के योग बन सकते हैं। इस दौरान कर्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। आप कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को करने के लिए या व्यापार के लिए बैंक से ऋण ले सकते हैं। यात्रा करने से आपको लाभ होगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। पारिवारिक जीवन में संतुलन स्थापित करने का प्रयास करें।

उपाय: आपको शनिवार के दिन चीटियों को आटा डालना चाहिए।

तुला राशिफल
तुला राशि के जातकों के लिए शनि देव योगकारक ग्रह हैं क्योंकि यह आपके केंद्र भाव और त्रिकोण भाव दोनों के स्वामी हैं। आपकी कुंडली के लिए शनि चौथे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और वर्तमान समय में शनि का गोचर छठे भाव में हो रहा है। इस शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) के अनुसार, यह गोचर आपके लिए सफलतादायक साबित हो सकता है क्योंकि छठे भाव में शनि का गोचर अच्छा माना जाता है। आपको नौकरी में सफलता मिलेगी। नौकरी में आप जो भी प्रयास करेंगे, वह सफल रहेंगे। आपकी पकड़ मजबूत होगी, विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे, लंबी योजनाएं आपके पक्ष में परिणाम प्रदान करेंगी। धन संचित करने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे।

संघर्ष से सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे। आपको न्यायालय में लंबित वादों में लाभ मिलेगा। कानून की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को उत्तम सफलता मिलेगी। जो विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अच्छी सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकलकर आप अपने लिए रास्ता बनाएंगे। कर्ज चुकाने में ज्यादा रुचि दिखाएंगे और इसी दिशा में पराक्रम करेंगे। खर्चों में कमी आएगी, फिजूलखर्ची बंद होगी जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी। भाई-बहिनों से संबंध उतार-चढ़ाव से भरे रह सकते हैं इसलिए उनसे मधुर संबंध बनाए रखने का प्रयास करें।

उपाय: आपको महाराज दशरथ कृत श्री नील शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर पंचम भाव में होने जा रहा है। यह आपकी राशि के लिए तीसरे और चौथे भाव के स्वामी ग्रह हैं। पंचम भाव में शनि का गोचर आमतौर पर समस्याप्रद माना जाता है, ऐसे में पेट से जुड़े रोग जोर पकड़ सकते हैं। बात-बात पर पेट खराब होने की स्थिति, पाचन तंत्र और स्नायु तंत्र से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। आप अपनी संतान और उनके स्वास्थ्य को लेकर थोड़े चिंतित होंगे। शिक्षा में व्यवधान आ सकते हैं और विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में भी कुछ तनाव की स्थिति बनेगी।

आपके प्यार की परीक्षा होगी कि आप प्यार में कितने सच्चे और ईमानदार हैं। यह आपके प्रेम जीवन के लिए महत्वपूर्ण समय होगा क्योंकि शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) के अनुसार, इसी दौरान आपको एक-दूसरे से जुड़ी महत्वपूर्ण और सच बातें पता चलेंगी जिससे आप एक-दूसरे पर या तो विश्वास बढ़ा पाएंगे या एक-दूसरे से दूर हो जाएंगे इसलिए आपको अपने प्यार को परखना होगा कि आप सही व्यक्ति से जुड़े हैं अथवा कोई आपका लाभ उठा रहा है। शिक्षा को लेकर आपको कठिन प्रयास करने से ही सफलता मिल सकती है। आमदनी में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन नौकरी में परिवर्तन संभव है। छोटी यात्राओं से आपको खुशी महसूस होगी। घर-गृहस्थी के कामों में व्यस्तता बनी रहेगी। समय-समय पर अल्प धन लाभ संभव है।

उपाय: आपको किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में सहायता करनी चाहिए।

धनु राशिफल
धनु राशि के जातकों के लिए शनि गोचर 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि यह आपकी ढैय्या का समय होगा। शनि आपकी राशि से चतुर्थ स्थान में गोचर करेंगे। यह आपकी कुंडली में दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी हैं। चौथे भाव में शनि का जाना पनौती भी कहलाता है। ऐसे में सुख में कमी आती है और जीवन की सच्चाइयां पता चलती हैं। हम जिन भौतिक सुख-सुविधाओं में डूबे हुए हैं, उनमें समस्या आने लगती है इसलिए हमें लगता है कि यह समय अच्छा नहीं जा रहा है।आपको स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और छाती में जकड़न, जलन या छाती के संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कार्यक्षेत्र में कठिन मेहनत और चुनौतियों का सामना करने के लिए आपको तैयार रहने की आवश्यकता होगी। वहीं स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा। कार्यों में जो रुकावट आ रही है, उसके लिए दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना होगा।

उपाय: आपको श्री शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए।

मकर राशिफल
मकर राशि के जातकों के लिए शनि का कोई भी गोचर हो, वह अत्यंत महत्वपूर्ण ही होगा क्योंकि शनि आपकी राशि के स्वामी हैं। इसके साथ यह आपके दूसरे भाव के भी स्वामी हैं और वर्तमान समय में शनि का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है। तीसरे भाव में शनि का गोचर अच्छी सफलता देने वाला माना गया है। इस गोचर के प्रभाव से आप थोड़े भावुक होंगे, लेकिन आपका साहस और पराक्रम अच्छा रहेगा। एक तरफ, शनि देव आपकी परीक्षा लेंगे और आपको आलस से भर देंगे। अब यह आपके ऊपर होगा कि आप उस आलस में डूबे रहते हैं और महत्वपूर्ण अवसरों को हाथ से जाने देते हैं या उस आलस को दूर कर जीवन में अपनी सफलता का परचम लहराने के लिए भुजबल का प्रदर्शन करते हैं और पराक्रम दिखाते हैं।

शनि के इस गोचर के प्रभाव से आपके अंदर सामर्थ्य और क्षमता बढ़ेगी। प्रेम संबंधों के लिए समय अच्छा रहेगा। आप अपने प्रिय से अपने रिश्तों को मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास करेंगे। संतान की प्रगति के लिए बहुत मेहनत करेंगे और विद्यार्थी भी इस दौरान शिक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए पूरा मन और ध्यान लगाएंगे।

उपाय: आपको अपने भाइयों की सहायता करनी चाहिए।

कुंभ राशिफल
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) दूसरे भाव में हो रहा है। दूसरा भाव वाणी और धन भाव कहा गया है। शनि देव आपकी राशि के साथ-साथ आपके द्वादश भाव के स्वामी भी हैं। ऐसे में दूसरे भाव में शनि का गोचर करना विदेशी माध्यमों से धन प्राप्ति करवा सकता है। आप अपनी वाणी से किसी को मित्र बनाएंगे और धन लाभ प्राप्त करेंगे, तो किसी को दुश्मन भी बना सकते हैं क्योंकि इस दौरान आपकी वाणी में कुछ कड़वाहट बढ़ सकती है। आप सत्य को पूर्ण कटुता के साथ ही कहना पसंद करेंगे न कि मीठी वाणी बोलना।

आपके अपने आपसे नाराज हो सकते हैं इसलिए उनको चाहिए। आंख और दांत से संबंधित समस्याएं, मुंह के छाले आपको परेशान कर सकते हैं, इन समस्याओं पर ध्यान दें।

उपाय: आपको दिव्यांग लोगों को शनिवार के दिन भोजन कराना चाहिए।

मीन राशिफल
शनि गोचर आपके लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि शनि गोचर 2026 (Shani Gochar 2026) आपकी ही राशि में यानी कि आपके प्रथम भाव में हो रहा है। मीन राशि के जातकों के लिए शनि महाराज एकादश भाव और द्वादश भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में आपके प्रथम भाव में गोचर कर रहे हैं। प्रथम भाव से शनि का गोचर करना आपके मन में आत्ममंथन की स्थिति को जन्म देता है। आप अपनी पिछली गलतियों से कितना सीखे हैं या नहीं सीखे हैं, यह आपके जीवन में आने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। यदि आप उन चुनौतियों का सामना करते हैं और उनसे सीख लेते हैं, तो शनि का यह गोचर जीवन में, आपके कार्यक्षेत्र में और अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्रदान करेगा, अन्यथा आपको कठिन चुनौतियां उत्पन्न होती हुई दिखाई देंगी।

कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ेगी और आपको जमकर पसीना बहाना होगा जिससे नौकरी में स्थिति बेहतर बनेगी। व्यापार करने वाले जातकों के लिए भी थोड़ा चुनौतीपूर्ण समय रहेगा आप अपने कमाए धन को अपने ऊपर भी खर्च करेंगे और कुछ नई योजनाएं बनाएंगे जिससे भविष्य में वह धन कई गुना बढ़ जाएगा। विदेश गए हुए जातकों को इस दौरान देश लौटने का मौका मिल सकता है।

उपाय: आपको शनिवार के दिन काले तिल और साबुत काले उड़द का दान करना चाहिए।

शनि महाराज का गोचर मीन राशि में वर्ष 2025 में हुआ था और अब वह अगले ढाई साल इसी राशि में रहेंगे।

शनि देव को मकर और कुंभ राशि पर आधिपत्य प्राप्त है।

राशि चक्र की अंतिम राशि मीन के अधिपति देव गुरु ग्रह हैं।
शनि ग्रह की राशि कौन सी है?

11/07/2025
15/06/2025

सूर्य राशि से दूसरी राशि में गोचर करतें हैं।तब, इन्हें अपना राशि चक्र पूरा करने में एक साल का समय लगता है। अब सूर्य देव 15 जून 2025 की सुबह 06 बजकर 25 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर कर गयें हैं । मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं और इन दोनों ग्रहों को ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, जून 2025 का महीना ज्योतिष की दृष्टि से विशेष रहने वाला है क्योंकि इस दौरान एक नहीं कई ग्रहों के गोचर और चाल एवं दशा में परिवर्तन होंगे।

11/01/2025

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