02/03/2026
चंद्र ग्रहण – समय, सूतक काल एवं विशेष जानकारी
ज्योतिषाचार्य: पंडित राजन शर्मा
फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि, जिस दिन होलिका दहन होता है, उसी दिन वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुन नक्षत्र में घटित होगा। इस दिन ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के कारण इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व विशेष माना जा रहा है।
ग्रहण का समय
ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 3:20 बजे
ग्रहण का समापन: शाम 6:46 बजे
कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 27 मिनट
सूतक काल
चंद्र ग्रहण का सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है।
सूतक प्रारंभ: सुबह 6:20 बजे (3 मार्च)
सूतक काल के दौरान:
सभी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
भोजन बनाना और खाना, पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ तथा नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।
ग्रहण कहाँ दिखाई देगा
यह चंद्र ग्रहण भारत सहित यूरोप, एशिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।
भारत में यह ग्रहण सूर्यास्त के आसपास दिखाई देगा।
ध्यान रखने योग्य बातें
ग्रहण से पहले भोजन में तुलसी पत्ता डालकर रखें।
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, दान और मंत्र जप करना शुभ माना जाता है।
घर और मंदिर में शुद्धि करें।
हर हर महादेव 🔱