22/09/2026
हमारे शहर की हवाओं में आज भी 80 का वो दौर बहता है,जहाँ मामूली लिबास में भी हर शख्स नवाब रहता है।तुम नए दौर के लोग महलों की बात करते हो,यहाँ तो पुरानी गलियों का हर पत्थर हमारा नाम लेता है
#रसूख #तेवर #अंदाज