Vikram Singh मिर्ज़ापुरी

Vikram Singh मिर्ज़ापुरी A business person, a farmer, a poltician and an Activist who is trying to establish tourism as prime industry in Mirzapur district in Uttar Pradesh.

उन सभी लोगों को थैंक यू कहने का मन करता हैजिन्होंने बिना हमें जज किये...... हमारी बातें सुनीजिन्होंने बिना किसी शर्त के....
03/06/2021

उन सभी लोगों को थैंक यू कहने का मन करता है
जिन्होंने बिना हमें जज किये...... हमारी बातें सुनी
जिन्होंने बिना किसी शर्त के...... हमसे प्यार किया
और हमारा साथ दिया...💕

01/06/2021

तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है,
तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है...

09/05/2021

वर्ष 2020 का FB LIVE कार्यक्रम, जिसमें हमने चर्चा की, मिर्ज़ापुर को अगड़ा अथवा विकसित जनपद कैसे बनाया जा सकता है..
(Remake)

06/05/2021

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में मुझे 5 मई 2019 को गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस विभाग ने मुझे अगले दिन छोड़ दिया। लेकिन मेरा फोन जब्त तक कर लिया गया जो मुझे एक महीने बाद वापस मिला। मेरा फेसबुक अकाउंट मेरे फोन और नंबर से जुड़ा हुआ था इस वजह से मैं अपना पुराना अकाउंट एक्सेस नहीं कर सका और नया अकाउंट बना लिया।

उक्त के सम्बंध में 10 मई 2019 को एक राष्ट्रीय समाचार पत्र "आदर्श ब्राह्मण" के वेब चैनल को दिया गया मेरा साक्षात्कार...

चुनाव नजदीक आते ही राजनीति की गलियारों की ऐसी कई खबरें सामने आती है, जो बहुत दिलचस्प होती है। ऐसी ही एक खबर है 300 बार च...
04/05/2021

चुनाव नजदीक आते ही राजनीति की गलियारों की ऐसी कई खबरें सामने आती है, जो बहुत दिलचस्प होती है। ऐसी ही एक खबर है 300 बार चुनाव हार चुके बरेली के काका की। बरेली के काका जोगिन्दर सिंह उर्फ धरती पकड़ ने लोकतंत्र को मजबूत करने के छोटे-बड़े 300 चुनाव लड़े थे। वार्ड पार्षद से लेकर देश के राष्ट्रपति का चुनावी दंगल में उतकर बरेली को सियासी सुर्खियों में ला दिया था। उनकी लगातार हार को देखते हुए कहा जाने लगा कि काका हारने के लिए चुनावी रण में उतरते थे।

तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बरेली विधान सभा सीट से किसी सिख को मैदान में उतारना चाहते थे। डीएम के माध्यम से उपयुक्त नाम मांगे तो सरदार जोगिंदर सिंह का नाम सामने आया। डीएम ने नेहरू जी की मंशा के अनुरूप काका से चुनाव लड़ने की पेशकश की, तो काका ने यह कहकर ठुकरा दिया कि वह किसी दल से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। काका ने वर्ष 1962 में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी जमानत जब्त हो गई। इसके बाद तो हर चुनाव में वह नामांकन करा देते। उत्तर प्रदेश ही नहीं किसी राज्य में लोकसभा चुनाव लड़ने मैदान में उतर जाते।

राष्ट्रपति चुनाव में डॉ शंकरदयाल शर्मा और उपराष्ट्रपति प्रत्याशी केआर नारायण के खिलाफ काका ने पर्चा भर दिया। इन पदों पर चुनाव निर्विरोध होता लेकिन काका के चलते ऐसा नहीं हो सका। दोनों प्रत्याशी जीत गए तो काका ने सर्वोच्च न्यायालय में वाद दायर कर उनके नामांकन को ही चुनौती दे डाली। सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि दोनों पर्चों में प्रस्तावक सूचना गलत जरूर है लेकिन इस आधार पर चुनाव रद्द नहीं किया जा सकता। इसके बाद चुनाव आयोग ने कई बदलाव किए।

हर चुनाव में काका प्रचार को निकलते तो काजू, किशमिश, रेबड़ी, परवल, छुआरा आदि थैले में भर लेते। जिससे मिलते उसकी हथेली पर इनमें से कुछ न कुछ रख देते। शांत मिजाज के काका कहा करते थे, इलेक्शन नहीं सलेक्शन होना चाहिए। हर चुनाव में जमानत जब्त कराने वाले काका को प्रतिभूति राशि वापस नहीं मिली, उनका कहना था कि इससे देश का कर्जा कम होगा।

आज चुनाव खत्म होने के बाद
काका जोगिंदर सिंह उर्फ धरती पकड़ जी को सादर श्रद्धांजलि।

03/05/2021

हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं

आजकल सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ाई जा रही है कि भारत में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5G टेस्टिंग की जा रही है जिस से पैदा हो...
02/05/2021

आजकल सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ाई जा रही है कि भारत में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5G टेस्टिंग की जा रही है जिस से पैदा होने वाले विकिरण के प्रभाव से कोरोना महामारी का यह महाप्रलय प्रारंभ हुआ है।

कुछ जानकारों ने यह दावा किया है कि विकिरण के प्रभाव से पक्षियों की मृत्यु हो रही है जिसे बर्ड फ्लू के नाम से प्रचारित करके सरकार सच छुपा रही है।

मैं स्पष्ट कहना चाहूंगा कि यह एक भ्रामक प्रचार है क्योंकि भारत सरकार ने अब तक 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं की है इसलिए 5G स्पेक्ट्रम की टेस्टिंग का सवाल ही नहीं उठता। दूसरी बात यह सही है कि भारत में कई राज्यों में बर्ड फ्लू का प्रकोप फैला है।

साथ ही भारती एयरटेल अपनी पुरानी तकनीकों के जरिए ही 5G तकनीक विकसित करने के लिए प्रयोग कर रहा है। लेकिन इसके लिए उसने एनएसए तकनीक का प्रयोग किया है जिसमें उसने अपने बैंडविथ को बढ़ाकर 4G तकनीक से ही 5G तकनीक को विकसित करने का प्रयास किया है।

इस भ्रामक प्रचार के सत्य को समझने के लिए हमें बैंडविथ और स्पेक्ट्रम को अलग-अलग समझना होगा

कंप्यूटर गणना में बैंडविड्थ (bandwidth) दिये गये पथ में आँकड़े स्थानान्तरण की अधिकतम दर होती है। बैंडविड्थ को नेटवर्क बैंडविड्थ, डाटा बैंडविड्थ, अथवा डिजिटल बैंडविड्थ के रूप में भी बताया जाता है।

जबकि स्पेक्ट्रम एक प्रकार का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक है, यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक का बहुत ही छोटा रूप है। इसे एक प्रकार की विकिरण ऊर्जा कहा जा सकता है, जोकि पृथ्वी को चारों तरफ से घेरे हुए है। इस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रैडिएशन (ईएमआर) का मुख्य स्रोत सूर्य है। यह ऊर्जा तारों और आकाशगंगाओं तथा पृथ्वी के नीचे दबे रेडियोएक्टिव तत्वों से भी मिलती है।

इस प्रकार हम समझ सकते हैं कि भारती एयरटेल द्वारा किया जाने वाली 5G टेस्टिंग स्पेक्ट्रम से की जाने वाली टेस्टिंग नहीं है बल्कि उसने सिर्फ अपनी बैंडविथ को बढ़ाकर अपने नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाने का कार्य किया है। भारती एयरटेल के अलावा भारत की अन्य टेलीकॉम कंपनियां अभी किसी प्रकार की 5G टेस्टिंग नहीं कर रही है। लगभग दो महीने बाद ही अन्य टेलीकॉम कम्पनियों द्वारा bandwidth बढ़ाकर 5G तकनीक को विकसित करने का प्रयास कर सकती हैं लेकिन जब तक भारत सरकार 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं करती भारत में किसी भी प्रकार की 5G टेस्टिंग नहीं की जा सकती।

इस तकनीक को मैंने लगभग 20 वर्ष पूर्व एवं सीख लिया था इसलिए मैं इस भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं हूं। अतः आप सभी से सादर निवेदन है सोशल मीडिया पर आने वाले इस प्रकार के भ्रामक प्रचारों से बचें।

भारत में कोरोना महाप्रलय सिर्फ सरकार की लापरवाही की वजह से ही पनपा है। अतः आप किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अंकुश लगाएं मास्क पहने ग्लब्स पहने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें तथा आवश्यक ना हो तो घर से बाहर ना निकले। साथ ही एक और महत्वपूर्ण विषय है वह है कोविड-19 का वैक्सीन क्योंकि यह वैक्सीन कोरोना वायरस के जरिए बनाया गया है अतः वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को कम से कम एक सप्ताह का सेल्फ आइसोलेशन लेना चाहिए अन्यथा आप स्वयं कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने के भागीदार हैं।

26/01/2021

मिर्ज़ापुर। आज अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश ( पूर्वी ) के जिला कार्यालय भदोही मे विंध्याचल-मिर्ज़ापुर मंडल का ...
07/08/2020

मिर्ज़ापुर। आज अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश ( पूर्वी ) के जिला कार्यालय भदोही मे विंध्याचल-मिर्ज़ापुर मंडल का संगठनात्मक मनोनयन पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी श्री ओ. पी. सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीति कुमार सिँह जी मुख्य अतिथि रहे।

जिला मिर्ज़ापुर के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, वीरांगना अध्यक्ष श्रीमती सरिता सिंह, श्री हिमांशु सिंह जिलाध्यक्ष सोनभद्र, मंडल संयोजक श्री गोपाल सिँह वैद्य, श्री श्यामसुंदर सिंह जिला संयोजक भदोही, प्रदेश महामंत्री श्री जय कुमार सिंह भदोही से, श्री श्याम सिंह प्रदेश महामंत्री जिला मिर्ज़ापुर से तथा प्रिंस सिंह युवा प्रदेश उपाध्यक्ष को प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीति कुमार सिंह द्वारा मनोनयन पत्र दिया गया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष श्री डा. गोपाल सिंह जी भी उपस्थिति रहे।

08/03/2020

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Mirzapur
231001

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