18/01/2026
🌹जीवन में सुख शांति के उपाय🌹
दोस्तों शादी दो आत्माओं का मिलन है इस पवित्र बंधन में स्त्री और पुरुष अपने अपने धर्म, समाज को साक्षी मानकर जीवन भर साथ निभाने के लिए बंधते है इसमें किसी भी प्रकार अवरोध ना केवल उन दोनों के लिए ही वरन उनके पूरे परिवार के लिए भी दुखद साबित होता है । इस संसार में हर व्यक्ति चाहता है की उसका दाम्पत्य जीवन बहुत ही सफल हो , पति पत्नी के मध्य बहुत ही मधुर सम्बन्ध बने रहे और हर मनुष्य के घर में उस परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी सौहार्द चिरकाल तक विद्यमान रहे , लेकिन आज की भागदौड़ , कड़ी प्रतिस्पर्धा भरी जिन्दगी में संबंधो के बीच दूरियां बडती जा रही है परिवार बिखर रहे है और जो साथ भी है उनमे कहीं न कहीं अहम् का भाव हावी होता जा रहा है, घर में माता - पिता / बड़े बुजुर्गो को उचित मान सम्मान नहीं मिल पा रहा है , और यह सत्य है की यदि पारिवारिक वातावरण अच्छा नहीं है, परिवार के सदस्यों में मतभेद है , कलह है तो व्यक्ति हमेशा मानसिक रूप से आशान्त ही रहेगा , पारिवारिक सुख के आभाव में उसका हर सुख अधुरा ही रहेगा । हम यहाँ पर कुछ ऐसे महत्वपूर्ण नियम / उपाय बता रहे है जिनका पालन करके हमारे परिवार हमारे दाम्पत्य जीवन में अवश्य ही खुशियाँ भरी रहेंगी ।
कन्या के सुखी विवाहिक जीवन के लिए विवाह के पश्चात् जब कन्या की विदाई होने वाली हो तो किसी पीले रंग के धातु के लोटे में गंगाजल लेकर,उसमें थोडी सी पिसी हल्दी मिलाएं फिर एक तांबे का सिक्का उस लोटे में डालकर कन्या के ऊपर से 7 बार उतार कर उसके आगे गिरा दें, कन्या का विवाहिक जीवन सुखमय रहेगा ।
यदि कन्या विवाह के चार दिन पूर्व साबुत हल्दी की ७ गांठे, पीतल के ३ सिक्के, थोडा सा केसर, गुड और चने की दाल इन सबको एक पीले वस्त्र में बाँधकर अपनी ससुराल की दिशा में उछाल दे तो उसको अपने पति और ससुराल के अन्य सभी सदस्यों का सदैव भरपूर प्यार मिलेगा।
यदि कोई कन्या विदाई के बाद अपने ससुराल में प्रवेश करने से पहले चुपचाप मेहंदी में मिले हुए साबुत उडद गिरा दे और फिर प्रवेश करे तो उसका दाम्पत्य जीवन सदा सुखमय रहेगा , उसकी अपने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों से सदैव अच्छे सम्बन्ध बने रहेंगे ।
घर में रोज या सप्ताह में एक बार नमक मिले पानी का पोछा अवश्य लगवाये ।
यदि घर में पत्नी अपने हाथों में कम से कम २ सोने की या पीली चूड़ी पहने तो भी दाम्पत्य जीवन में प्रेम और घर में सुख बना रहता है ।
जहाँ तक संभव हो मंगलवार , ब्रहस्पतिवार और शनिवार को घर का कोई भी सदस्य न तो नाखून, बाल काटें , और ना ही शेव बनाये , इसके अतिरिक्त ब्रहस्पतिवार और शनिवार को घर में कपडे भी ना धोएं , नहाते हुए सर को गीला ना करें और बालों में तेल भी कतई ना लगायें ।
यदि व्यक्ति सुबह नाश्ते में पत्नी या माँ के द्वारा केसर मिश्रित दूध का सेवन करें और काम में जाते समय नियमपूर्वक उनके हाथ से जबान में केसर लगाये और थोड़ी सी चीनी खाए तो घर में सदैव सुख शांति और आर्थिक सम्रद्धि बनी रहती है ।
यदि घर में क्लेश रहता है घर के सदस्यों में मतभेद रहते है तो घर में आटा शनिवार को ही पिसवाएं या खरीदे और साथ ही १०० ग्राम पिसे काले चने भी लें जो उस आटे में मिला दें जल्दी ही स्थिति में सुधार होते हुए देखेंगे ।
जब भी घर में खाने पीने की कोई वास्तु (मिठाई , फल आदि ) आयें तो सबसे पहले भगवान को भोग लगायें फिर घर के बड़े बुजुर्गो और बच्चों को देकर ही पति पत्नी उस वस्तु का सेवन करें , यह बहुत ही चमत्कारी और परखा हुआ उपाय है बुजुर्गो के आशीषों और बच्चों के खुशियों से घर में सर्वत्र हर्ष , शुभता का वातावरण बनेगा और उस घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं रहेगी ।
यदि घर में पति पत्नी में मतभेद होते है तो 11 गोमती चक्रों को लाल रंग की सिंदूर की डिब्बी में रखकर घर में रखें तो उनके बीच के सभी प्रकार के क्लेश दूर हो जाएंगे।
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सहयोग बनाये रखने के लिए नियमित रूप से केले व पीपल वृक्ष की सेवा करें, गुरूवार को केले व पीपल दोनों के वृक्ष को जल अर्पित करें, घी का दीपक जलाएं और शनिवार को पीपल में सरसों के तेल का दीपक जलाएं एवं मीठा जल अर्पित करें।
दाम्पत्य जीवन में निरंतर प्रेम बनाये रखने के लिए पत्नी अपने पति द्वारा भोजन करने के बाद उसके बचे हुए भोजन में से निवाला अवश्य खाएं किंतु अपने बचे भोजन में से उसे न खाने दे, ऐसा करने से पति हमेशा अपनी पत्नी से प्रेम करता रहेगा और कभी भी किसी और स्त्री की और आकर्षित नहीं होगा , ऐसा कम से कम सप्ताह में एक बार तो अवश्य ही करे ।
यदि घर की स्त्री प्रतिदिन प्रात: उठते ही सर्वप्रथम मुख्य द्वार पर अपने इष्ट देव का नाम लेते हुए सुख और सौभाग्य के प्रार्थना करते हुए एक लोटा जल डाले तो उसका अपने पति से और उस घर के सभी सदस्यों का आपस में हमेशा प्रेम बना रहता है और उस घर का आर्थिक पक्ष भी हमेशा मजबूत रहेगा ।
यदि पति-पत्नी के बीच रोज ही झगडा होता है तो शयनकक्ष में रात में पति अपने तकिए के नीचे लाल सिंदूर और पत्नी अपने तकिए के नीचे कपूर की टिक्की रख दें। प्रातः काल पति आधा सिंदूर घर में कहीं गिरा दे और आधा पत्नी की मांग में भर दे और पत्नी कपूर को घर के बाहर जला दें , ऐसा किसी भी शुक्ल पक्ष में सोमवार से रविवार लगातार ७ दिनों तक और उसके बार जहाँ तक संभव हो रोज करें अगर रोज न भी हो सके तो सोमवार और मंगलवार दो दिन अवश्य ही करने की कोशिश करें , दोनों के बीच का क्लेश खत्म हो जायेगा ।
नवमी के दिन श्वेतार्क यानि सफ़ेद मदार का पौधा लाकर घर में लगायें | दिवाली के दिन उस पौधे की अवश्य ही पूजा करें | सफ़ेद मदार के पौधे को घर में लगाने और उसकी पूजा से आपको जरुर लाभ होगा | इससे पति पत्नी के बीच प्यार भी बढ़ेगा |
पत्नी तुलसी का पौधा लाकर घर में किसी ऊंचाई वाले स्थान पर लगायें | तुलसी जी को नित्य जल दें, सिन्दूर चढायें और संध्या के समय घी का दीपक जलाएं | इससे अखण्ड सौभाग्य प्राप्त होगा और दाम्पत्य प्रेम भी बढ़ेगा |
पति-पत्नी में प्रेम बनाये रखे के लिए पत्नी बुधवार को तीन घंटे का मौन रखें, शुक्रवार को अपने हाथ से साबूदाने की खीर में मिश्री डाल कर बनाये और अपने पति और घर के बाकि सदस्यों को खाने के लिए दे तथा उस दिन इत्र का दान करें ,व अपने कक्ष में भी इत्र रखें, इससे भी प्रेम में अवश्य ही वृद्धि होती है । मजबूत रहेगा ।