10/05/2026
51 शक्तिपीठों में सबसे रहस्यमयी: माँ कामाख्या की अनसुनी कहानी!
जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर क्रोध में तांडव कर रहे थे, तब सृष्टि को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के 51 हिस्से किए। जहाँ-जहाँ माता के अंग गिरे, वे पवित्र ‘शक्तिपीठ’ कहलाए।
मान्यता है कि असम के नीलांचल पर्वत पर माता सती की ‘योनि’ (Womb) गिरी थी, और वहीं स्थापित हुआ— कामाख्या मंदिर!
✨ इस मंदिर के अद्भुत रहस्य:
• यहाँ गर्भगृह में माता की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक चट्टान की पूजा होती है।
• यह दुनिया का इकलौता मंदिर है जो नारीत्व (Womanhood) का जश्न मनाता है।
• हर साल यहाँ ‘अम्बुबाची मेला’ लगता है, जब माना जाता है कि माता रजस्वला (menstruating) होती हैं और पास बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का जल लाल हो जाता है।
यह मंदिर इस बात का प्रतीक है कि स्त्री की जनन क्षमता (Creation) ही ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्ति है! 🙏
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