31/03/2026
कृत्या गुटिका
अदभुत, दिव्य, चेतन्य
संसार की सबसे ज़्यादा शक्तिशाली
ब्रह्मास्त्र से भी ज़्यादा तीव्र मंत्रों से सिद्ध,
अगर कृत्या गुटिका को धारण करके इस मंत्र का उपयोग किया तो ब्रह्मांड को भी आप मुट्ठी में कर सकते है !
जिस पर गुजरती है वही जानते है कि कृत्या क्या होती है !
आज भी हज़ारों संत महात्मा, व्यापारी, अधिकारी, उद्योगपति, नेता अभिनेता कृत्या के प्रयोग से पीड़ित है !
कृत्या गुटिका अत्यंत ही शक्तिशाली, मारक क्षमता लिए दुर्लभ गुटिका है ! कृत्या गुटिका का प्रभाव विध्वंसक और रक्षात्मक दोनों ही है ! शत्रु मारण प्रयोग से रक्षा के लिए इसे अमोघ कवच माना गया है !
कृत्या गुटिका का प्रयोग आद्रपटी मारण तंत्र, पुतली विद्या, चकुतरा, शमशान तंत्र, काली साबर प्रयोग आदि में किया जाता है !
'घूंकार रूपं धं धं धनेधां क्लीं क्लीं ह्रीं वां हलवं हलैव। प्रां प्रू पदे पूर्व सदैव कृत्यां क्रां क्रीं कृते कुर्व कदैव कृत्यां !!"
कृत्या संसार की प्रबलतम "महाशक्ति" है !
यह मानव शरीर से उत्पन्न होती है ! मानव शरीर पंच तत्वों से निर्मित होता है, पर कृत्या का निर्माण मात्र तीन तत्वों से ही हुआ है ! इसलिए कृत्या शक्ति अप्रतिम है, कृत्या का प्रहार वेग मन से भी ज्यादा तीव्र है ! शास्त्रों के अनुसार जब भगवान् शिव की पत्नी सती अग्नि में जल गयी थी, तो राजा दक्ष को नष्ट करने के लिए, भगवान शिव ने क्रोध में अपनी जटा से कृत्या (वीरभद्र) का निर्माण कर दक्ष का सर काट दिया था ! उस समय क्रोधित कृत्या के सारे शरीर से आग की लपटें निकल रही थी ! जब सभी देवताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की, तब वह कृत्या शान्त हुई !
कृत्या साथना क्या है?
यदि तीव्र महाशक्ति 'कृत्या' किसी साधक को सिद्ध हो जाए, तो प्रबल से प्रबल शत्रु उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता ! कृत्या सिद्ध करने पर साधक सर्वशक्ति सम्पन्न बन जाता है !
कृत्या अपने आपमें पूर्णतः मारण शक्ति है ! यदि एक बार इसका प्रयोग कर दिया जाए, तो सामने वाले व्यक्ति के साथ ही साथ उसके आस-पास के व्यक्ति भी नष्ट हो जाते हैं, चाहे वह कितना ही बड़ा सिद्ध योगी या तांत्रिक ही क्यूँ न हो !
तंत्र शास्त्र के अनुसार कृत्या चौंसठ प्रकार की होती है ! इसमें संहारिणी कृत्या अत्यंत ही उम्र और विनाशकारी मानी गयी है ! यदि कोई साधक कृत्या प्रयोग कर दें, तो सामने वाले का बचना तभी सम्भव है, जब वह भी संहारिणीं कृत्या प्रयोग का जानकर हो ! कृत्या शक्ति का उद्देश्य मारण और रक्षा करना दोनों ही होता है !
यदि किसी शत्रु ने आपके तथा आपके किसी सदस्य पर मारण तंत्र का प्रयोग कर दिया है,
तो कृत्या गुटिका के धारण से पूर्ण रक्षा प्राप्त होती है ! ऐसे साधक व्यक्ति पर किसी भी तरह का कोई तंत्र, कोई मंत्र, कोई यंत्र काम नहीं करता !
कृत्या का प्रभाव अत्यंत ही विस्फोटक है ! कृत्या मंत्र सामान्य मंत्रों से लाख गुना ज्यादा तीव्रता से काम करता है !
यह परमाणु बम जितना घातक होता है ! इस महाशक्ति में "1000 दुर्गा, 52 भैरव, 64 योगिनी" के जितना बल होता है ! कृत्या कुछ ही क्षण मात्र में हिमालय जैसे बलशाली पहाड़ को राख बना सकती है ! कृत्या की शक्ति के सामने बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों, तांत्रिकों, अघोरियों का तंत्र भी काम करना बंद कर देता है !
इसलिए उच्चकोटि के साधक कृत्या गुटिका को गले में धारण किये हुए रहते है !
कृत्या गुटिका कैसे सिद्ध होती है?
पाखंड से बचें, सोच समझ कर ही योग्य तांत्रिक से कृत्या गुटिका का निर्माण करायें,
कृत्या गुटिका कोई सामान्य गुटिका नहीं है !
यह गुटिका शत्रुओं को पूर्णतया नष्ट करने और उसे मिट्टी में मिला देने में समर्थ है !
कृत्या गुटिका को कालरात्रि पर 24 लाख दुर्गा मंत्र, सवा लाख भैरव मंत्र, सवा लाख आद्रपति काली मंत्र से सिद्ध की जाती है,
इस क्रिया को सिद्ध लोक के सिद्ध साधक ही संपन्न करते है !
पूर्व मैं नाथ सम्प्रदाय के कुछ श्रेष्ठ साधक ही येसी क्रियाएं जानते थे लेकिन, अब कुछ गंजेड़ी, भगड़ी, भिखारियों ने नाथ सम्प्रदाय को बदनाम कर दिया है !
सिद्ध कृत्या गुटिका प्रामाणिक एवं पूर्ण सिद्ध की हुई आप निसंकोच हम से प्राप्त कर सकते है
एवं प्राप्त कर कृत्या तंत्र में सीधा ही उपयोग किया जा सकता है !
यदि प्रयोग और साधना की पूरी जानकारी न हो, तो नि:संकोच जब गुटिका प्राप्त करले तो मुझ से ले सकते है , जिस पर अनेक सधनायें एवं प्रयोग किये जाते है !
रक्षा के लिए नीचे दी हुई विधि से आप कृत्या गुटिका को उपयोग कर सकते है।
कृत्या गुटिका का प्रयोग कैसे करें?
किसी भी शनिवार की रात्रि 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच स्नान आदि करके, काले ऊनि आसन पर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाए, अपने सामने भगवान शिव और माँ काली की मूर्ति या चित्र स्थापित करें,
सामने एक थाली में काजल से अपने शत्रु का नाम लिखें,
नाम के उपर काली मिर्च की ढेरी बनाये, उस ढेरी पर कृत्या गुटिका को स्थापित करें, सामने शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाएं, भगवान शिव से अपने प्राणों की रक्षा के लिए मन ही मन प्रार्थना करें !
इसके बाद कृत्या मंत्र की संहारणी या सर्प अस्तियो की माला से मात्र 11 माला का जाप कृत्या माला सें करें !
गुटिका धारण मंत्र -
Note- ( मंत्र गोपनीय रखा जाता है, गुटिका के साथ भेज दिया जायेगा )
जाप के बाद गुटिका के नीचे रखी काली मिर्च को अपने शिर के उपर से इंटिकलोक' उल्टा 8 बार घुमा कर कपूर के साथ जला दें, इसके बाद कृत्या गुटिका को अपने गले में धारण कर कर ले,
दूसरे दिन से कृत्या मन्त्र की 3 माला का जाप 27 दिनों तक करें !
कृत्या गुटिका मन्त्रः
नोट- ( मंत्र गोपनीय रखा जाता है, गुटिका के साथ भेज दिया जायेगा )
कृत्या गुटिका के लाभः
1, यदि किसी शत्रु ने आपके उपर मारण तंत्र का प्रयोग कर दिया है, तो कृत्या गुटिका के धारण से पूर्ण रक्षा होती है ! ऐसे साधक पर किसी भी तरह का कोई मंत्र, कोई तंत्र, कोई यंत्र काम नहीं करता !
2, कृत्या गुटिका अत्यंत घातक है, जो रक्षात्मक, विध्वंसक दोनों रूपों में समान रूप से कार्य करती है !
अगर आप ने कृत्या गुटिका धारण की हुई है,
उस व्यक्ति पर अगर किसी भी तांत्रिक या तांत्रिक से तंत्र करवाने वाले व्यक्ति का वंश नष्ट हो जायेगा !
3, इस कृत्या गुटिका के गले में होते हुए बड़े से बड़ा तांत्रिक भी कुछ नही उखाड़ सकता !
4, घर की रक्षा के लिए, कृत्या गुटिका को घर के मुख्य द्वार पर लगाना चाहियें, जिससे सभी तरह के तंत्र-मंत्र से आपका घर और घर के सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे !
5, कृत्या गुटिका को गले में धारण करने से तन्त्र दोष, पितृ दोष, ग्रह दोष आदि तुरंत शांत हो जाते है !
6, इस गुटिका को भूमि में दबाने से सभी प्रकार का वास्तु दोष शांत हो जाता है, यदि कृत्या गुटिका दबा नहीं सकते, तो घर के दक्षिण दिशा में इस गुटिका को, लाल वस्त्र में बांध कर किसी एकांत स्थान पर रख सकते !
7, कृत्या गुटिका के प्रयोग से खोया हुआ सम्मान, संपत्ति, पद-प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त होने लगती है !
Note- शत्रु की फोटो पर, कृत्या गुटिका को काले कपड़े में बांध कर पीपल के नीचे दबाने से शत्रु पूर्णतया नष्ट हो जाता है, वह अपने जीवन में किसी लायक नहीं रहता उसकी गति-मति बुद्धि सब कुछ बर्बाद हो जाता है !
इस गुटिका की नित्य पूजा करने से घर सभी प्रकार से सुरक्षित रहता है, उसके घर पर तन्त्र,चोर और शत्रु आदि का भय नहीं रहता !
इस गुटिका कवच के धारण किये व्यक्ति का शत्रु, कुछ नहीं बिगाड़ सकते, ऐसे शत्रुओं के प्लान रखे के रखे रह जाते है !
*मुक़दमों में सफलता पाने के लिए और शत्रुओं को पराजित करने के लिए इससे बड़ा कोई उपाय पूरे विश्व में नहीं है*!
कृत्या शक्ति का साधक जिस रूप में आव्हान करता है, कृत्या साधक की उसी आज्ञा का पालन करती है !
कृत्या गुटिका के सावधानियाँ
कृत्या गुटिका की पूजा-साधना के समय नशा व तामसिक भोजन के सेवन से दूर रहे !
कृत्या गुटिका को गंदे हाथों से न छुएं
कृत्या साधना और तंत्र प्रयोग किसी अच्छे गुरु के निर्देशन में ही करें !
समाज के हित के लिए, कृत्या गुटिका का प्रयोग करें, जिज्ञासा - अज्ञानता वश किसी पर भी कृत्या गुटिका प्रयोग नही करें ,
याद रखें जो आज मित्र है, वही शत्रु होता है, कल वापस मित्र भी हो सकता है !
कृत्या का किया गया प्रयोग कभी भी खाली नही जाता !
अगर आप किसी भी व्यक्ति पर वे-वजह कृत्या गुटिका का प्रयोग करते हो तो हानि होती है !
मंत्र सिद्ध प्राणप्रतिष्ठा कृत्या गुटिका एवं संहारणी माला मात्र - 23000/Rs
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हिमालय का सिद्धयोगी मंत्र मार्तण्ड Dr Balveer Singh Rajawat