13/12/2024
#कबूल है जिंदगी का हर तोहफ़ा मैंने ख्वाहिशों का नाम बताना छोड़ दिया..
जो मेरे दिल के करीब है वो मेरे अजीज़ है मैंने गैरों पर हक जताना छोड़ दिया ..
जो समझ ही नहीं सकते दर्द मेरा, मैंने उन्हें जख्म दिखाना छोड़ दिया ..
जो गुजरती है दिल पर वो हकीकत है मेरी मैंने दिखावे के लिए मुस्कुराना छोड़ दिया,
जो चाहते है रहना बस नाराज़, मुझसे मैंने उन्हें बार बार मनाना छोड़ दिया..
जो मेरे अपने है वो मिलेंगे जरूर मुझे, मैंने बेवजह बंदिशे लगाना छोड़ दिया .. Mumbai