10/09/2022
जिस भी किसी पशुपालक भाई की गाय को ये समस्या है वो
Arsenic 200
Balladona 200
Thuja 200
ले आए किसी भी होम्योपैथी स्टोर से।
खाली पेट या खाना पचने के बाद सुबह शाम रोटी के छोटे से टुकड़े पर तीनों की 5—5 बूंद गाय को दे दे।
ये बीमारी बड़ी तेजी से फैल रही है। इसे lumpy skin disease का नाम दिया गया है।
और
यह भी
लिम्पी पर गौमाताओं एवं गोवंश की प्रभावशाली उत्तम चिकित्सा....🙏
गौमाता को कदापि भी नहलाना नही है ,कोई भी वैक्सीन नही देनी है , और कोशिश करें की कोई भी एंटीबायोटिक या कोई भी एलोपेथी दवाई नही देनी है । ये खास ध्यान रखे ।
जिन गौमाता को लंपी नही हुआ है उनके लिए 2 फार्मूला है । उसमें से कोई भी एक आप कर सकते है ।
Merc sol 1m
Belladonna 1m
इन दोनों की (7...7)बूँदे 100 मल पानी मे ड़ालकर 100 झटके देने है । फिर उसमें से केवल 1 ml दवाई ही देनी है ।मात्र एक बार ही देनी है । फिर नही देनी ।
Variolinum 200 --- इस दवाई की 15 ड्रॉप्स सुबह खाली पेट 20 ml पानी में दे । फिर 3 या 4 दिन बाद वापस एक बार दे । इससे लंपी रोग नही होगा ।
विशेष 👉जिन गोशालाओं में 100-500-1000 गोवंश है वो एक टँकी 1000 लीटर पानी मे मात्र 5ml वेरियोलिनम दवाई इंजेक्शन से भरकर पानी मे डाल देंवे ।
अब जिन गौमाता को ये रोग हो गया है उनके लिए नीचे दिया गया उपचार करें
Merc sol 200
Ruxtox 200
इन दोनों दवाओं को काँच या प्लास्टिक की साफ बोतल में , आधा लीटर साफ वर्षा का पानी सबसे उत्तम यदि ये न मिले तो डिस्टिल water ले । उस पानी मे इन दोनो मेडिशन की 90 -90 बूँदे डाल दे ।फिर उस बोतल को 50 बार झटकें दे । उसके बाद इस दवाई में से केवल 1 ml (40 ड्रॉप्स )आपको देनी है । ये दवाई सुबह खाली पेट ( 6 बजे ,9 बजे ,12 बजे ओर 3 बजे दे ) ।यह दवा कुल 7 दिन देनी है ।
Belladona 200 -- ये दवा बुखार में कभी भी दे सकते है । रात को एक बार 15 बूँद जरूर देंवे ,आधा कप पानी मे देनी है ।
लम्पी पीड़ित प्रत्येक गौमाता को रोज 7 दिन के लिये विशेष काढ़ा :-
10 पत्ते बरगद
10 पत्ते पीपल
इन सभी को 2 लीटर पानी मे पीतल या लोहे के बर्तन में डालकर धीमी आंच उबालना है । जब तक आधा लीटर शेष रह जाये तब फिर इसके दो भाग करके ले आधा शाम को व शेष आधा सुबह जल्दी पिलाएं जी ।
पंचगव्य स्प्रे :-
आधा किलो अरण्डी के पत्ते ,200 ग्राम पुनर्नवा (santi) के मूल न मिले तो केवल अरण्डी के पत्ते ले सकते हैं ) इनको हल्का ओखली में कूटकर ,2 लीटर गौमुत्र में उबाल लें जब 1 लीटर के करीब शेष रह जाए तब इसमे 250 ml अरण्डी का तेल मिला ले । इसको ठंडा करके बोतल में भर लेंवे इसकी फिर पैरो के चारो ओर स्प्रे करे दिन में जहाँ सूजन है । वहाँ करे । काढ़ा और स्प्रै जरूर करे । इससे निमोनिया नही होगा और सूजन भी ठीक होगी बहुत जल्दी। ओर जिनको निमोनिया है, वो भी जल्दी ठीक हो जाती है । ये सब हजारों गायो पर किया हुआ सफल उपचार है , सभी से बिनती है कि ये जरूर करे और गौमाता को स्वस्थ करे ।
विशेष सावधानी :-
ये दवाएं धूप में न रखे ,खुली न रखे व हाथ भी न लगाएं जी और जब गाय चारा खा रही हो उसके आधे घण्टे आगे पीछे कुछ न दे । जब भी आप कोई भी धुमनी या धुंआ करे tab न दे।
गौमाता को सादा पानी न दे । शुद्व गोबर या लकड़ी की राख (चूल्हे की राख )एक मुट्ठी राख गाय को पानी मे ड़ालकर ही पानी पिलाये । इससे उनको कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी नही होगी और गौमाता स्वस्थ रहेगी ।
विशेष बात -
अपने नज़दीकी होमेयोपेथी चिकित्सक से सलाह करें औषधि के बारे में और स्पष्टता के लिए…