31/01/2023
Noida International Airport : जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के तमाम शहरों से सीधी कनेक्टिविटी दी जा रही है। इसी दिशा में फरीदाबाद शहर भी एक कदम और आगे बढ़ गया है। फरीदाबाद के अति व्यस्त मोहना मार्ग को चार लेन चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। यही मार्ग आगे चंदावली गांव के पास से गुजरकर कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगा। ग्रेटर नोएडा में केजीपी एक्सप्रेसवे दनकौर कस्बे के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर जुड़ता है। वहां से 10 मिनट की दूरी पर जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन रहा है।
फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच जल्दी 2 कनेक्टिविटी होंगी
ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच केवल यमुना नदी है। बेहद नजदीक होने के बावजूद दोनों शहरों में कई घंटे का फासला है। दरअसल, लोगों को ग्रेटर नोएडा से नोएडा और दिल्ली होकर फरीदाबाद जाना पड़ता है। अब बहुत जल्दी इन दोनों शहरों के बीच दो शानदार कनेक्टिविटी होने वाली हैं। मोहना मार्ग चार लेन होने पर सीधे केजीपी के जरिए ग्रेटर नोएडा से जुड़ जाएगा। मंझावली गांव के पास पुल का निर्माण चल रहा है। यह कार्य पूरा होने पर फरीदाबाद की दूसरी सीधी कनेक्टिविटी ग्रेटर नोएडा से हो जाएगी। इस तरह से एक नहीं ब्लकि दो-दो मार्गों से एयरपोर्ट तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
मोहना मार्ग के विकास पर 63 करोड़ रुपये होंगे खर्च
मोहना से केजीपी तक इस मार्ग की अनुमानित लंबाई 12 किलोमीटर है। इस पूरे मार्ग को चार लेन में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके लिए 63 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। पेड़ों की कटाई और सड़क किनारे की जगह को खोदकर समतल करने का काम शुरू हो गया है। अभी मोहना से केजीपी एक्सप्रेसवे जाने के लिए मौजपुर टोल प्लाजा तक संकरी सड़क है। मौजपुर टोल प्लाजा से फरीदाबाद जिले के वाहनों का उतार-चढ़ाव होता है। मौजपुर टोल तक जाने के लिए जिले का एक मात्र मोहना मार्ग है और यह दो लेन का है। इस मार्ग पर चार गांव चंदावली, मच्छगर, दयालपुर और अटाली पड़ते हैं। रोजाना हजारों वाहन मोहना मार्ग से केजीपी के लिए माल लाते और ले जाते हैं।
मोहना मार्ग पर दिन-रात रहता है ट्रैफिक जाम
यहां दिन-रात लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता है। वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण रोजाना रात को गांवों के रास्ते में ट्रैफिक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए मोहना मार्ग को चार लेन बनाने की योजना तैयार हुई और प्रस्ताव मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया। मंजूरी मिलने के बाद सड़क का निर्माण हरियाणा पुल एवं सड़क निर्माण विकास निगम को सौंपा गया है।