09/05/2026
*परशुराम के बदले 'त्रिमूर्ति': स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा ऐलान, 'PDA की मूर्ति से तीन गुना बड़ी होगी पेरियार, अंबेडकर और फुले की प्रतिमा'*
**लखनऊ / बहराइच:** उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए चर्चित पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता **स्वामी प्रसाद मौर्य** ने एक बार फिर बड़ा सियासी दांव खेला है। 'अपनी जनता पार्टी' (AJP) के मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मौर्य ने विपक्ष के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन पर तीखा तंज कसा। उन्होंने घोषणा की है कि यदि समाजवादी पार्टी और अन्य दल भगवान परशुराम की मूर्ति लगाने की बात करते हैं, तो इसके जवाब में वे देश के तीन महान समाज सुधारकों की एक भव्य **'त्रिमूर्ति'** स्थापित करेंगे।
# # "वे परशुराम की लगाएंगे, हम 'त्रिमूर्ति' बनाएंगे"
'अपनी जनता पार्टी' द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंच से हुंकार भरी। उन्होंने कहा:
> "PDA वाले कहते हैं कि वे परशुराम की मूर्ति लगाएंगे। हम उसके जवाब में 'त्रिमूर्ति' लगाएंगे। इस त्रिमूर्ति में तीन महापुरुषों की मूर्तियाँ एक साथ होंगी— पहली **महात्मा ज्योतिराव फुले** की, दूसरी संविधान निर्माता **डॉ. भीमराव अंबेडकर** की, और तीसरी आधुनिक तमिलनाडु के वैचारिक जनक **पेरियार ई. वी. रामास्वामी नायकर** की।"
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स्वामी प्रसाद मौर्य यहीं नहीं रुके। उन्होंने मूर्ति के आकार को लेकर भी चुनौती देते हुए कहा कि यह कोई सामान्य प्रतिमा नहीं होगी। मौर्य ने कहा, "PDA वाले और बहन जी (मायावती) मिलकर परशुराम की जितनी बड़ी मूर्ति बनाएंगे, हमारी यह त्रिमूर्ति **उससे तीन गुना ज्यादा बड़ी** होगी।"
# # 'अपनी जनता पार्टी' में शामिल हुए कई नए चेहरे
इस सम्मेलन के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में विभिन्न जिलों से आए कई नेताओं ने 'अपनी जनता पार्टी' (AJP) की सदस्यता ग्रहण की। मंच से स्वयं मौर्य ने नए सदस्यों के नामों की घोषणा करते हुए उनका पार्टी में स्वागत किया:
* **कमलेश कुमार जी:** बाराबंकी के पूर्व प्रधान, जिन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्टी का दामन थामा।
* **योगेश कुमार बिंद:** भदोही से आए प्रमुख नेता, जो आधिकारिक रूप से एजेपी में शामिल हुए।
# # नारों से गूंजा पंडाल, समर्थकों में दिखा भारी उत्साह
जैसे ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने पेरियार, डॉ. अंबेडकर और ज्योतिबा फुले की त्रिमूर्ति लगाने का ऐलान किया, पूरा पंडाल गूंज उठा। मंच पर उपस्थित नेताओं और सामने बैठी जनता ने दोनों हाथ उठाकर स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में नारे लगाए।
इस दौरान समर्थकों ने *"स्वामी प्रसाद मौर्य संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं"*, *"महात्मा ज्योतिबा फुले अमर रहें"*, *"बाबासाहेब अंबेडकर अमर रहें"* और *"पेरियार ई. वी. रामास्वामी नायकर अमर रहें"* के गगनभेदी नारे लगाए।
# # सियासी मायने: बहुजन वोट बैंक पर पैनी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के 'PDA' फॉर्मूले और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की एक सोची-समझी रणनीति है। पेरियार, फुले और अंबेडकर का नाम लेकर मौर्य ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'बहुजन बनाम सवर्ण' की वैचारिक जंग को हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि इस तीखे हमले पर सपा और बसपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
*रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, ऑल इंडिया न्यूज।*