Kangra Tea

Kangra Tea contact number 9418291617
Can order for black tea, green tea

174 साल पुरानी है कांगड़ा चाय, अंग्रेज अफसर ने खास‍ियत पहचान कर शुरू कराई थी खेती
भारत की दार्जलिंग चाय कुछ समय पहले तक हर किसी की जुबान पर रहती है. इसका कारण इसका स्वाद और मनमोहक खुशबू हुआ करती थी. लेकिन अब कांगड़ा चाय का पलड़ा धीरे-धीरे भारी होता नजर आ रहा है. हिमाचल में उगाई जाने वाली कांगड़ा चाय ना सिर्फ हिमाचल और भारत में बल्कि विश्व में भी अपने स्वाद का परचम लहराने के लिए तैयार है.

भारत में चा

य की दिवानगी किसी से छुपी हुई नहीं है. प्यार से लेकर इकरार तक में लोग सबसे पहले चाय की चुसकियां लेना पसंद करते हैं. चाय की टपरी पर राजनीतिक मुद्दे सबसे अधिक सुलझाए जाते हैं. तो वहीं देश-दुनिया की सभी बातों पर चर्चा भी चाय की टपरी पर ही परवान चढ़ती हैं. ये भी सच है क‍ि इस देश में चाय पर चर्चा से सरकार बनने तक का सफर तय है. इसी बीच देश की एक चाय इन द‍िनों चर्चा में आई है, ज‍िसका नाम कांगड़ा चाय है. इस कांगड़ा चाय को यूरोप‍ियन यूनि‍यन ने भौगौल‍िक संकेतक (जीआई) टैग से नवाजा है, ज‍िसके बाद कांगड़ा चाय को ग्लोबल पहचान म‍िली है, लेक‍िन, क्या आपको कांगड़ा चाय का इत‍िहास पता है.

कांगड़ा चाय के इत‍िहास की बात करें तो इसका इत‍िहास 174 साल पुराना है. अंग्रेज अफसर ने ह‍िमाचल के कांगड़ा ज‍िले की खास‍ियत पहचान कर यहां पर चाय की खेती शुरू करवाई थी. आइए जानते हैं क‍ि पूरी कहानी क्या है.
कांगड़ा चाय के इतिहास की बात करें तो यह करीब 174 साल पुराना है. असल में साल 1849 में बॉटनिकल टी गार्डन के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. जेम्सन ने कांगड़ा क्षेत्र घुमने आए थे. इस दौरान उन्होंने जब ये क्षेत्र देखा तो उन्हें ये चाय की खेती के ल‍िए सबसे मुफीद लगा. इसके बाद उन्होंने कांगड़ा को चाय की खेती के लिए आदर्श बताया था.उसके बाद शुरू हुआ ये सफर मौजूदा समय में वैश्व‍िक स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहा है.

कांगड़ा चाय का स्वाद है खास
कांगडा चाय की बात करें तो इसकी खेती अन्य चाय बागान क्षेत्रों की तुलना में सबसे कम में हाेती है. वहीं कांगड़ा चाय की व‍िशेष पहचान हरी और काली चाय है, काली चाय का स्वाद मीठा है. वहीं हरी चाय में एक वुडी सुगंध होती है. इस वजह से कांगड़ा की चाय की बेहद ही मांग है. इसके स्वाद की वजह से स्थानीय स्तर पर ही इसकी खपत बहुत अध‍िक होती है, जबक‍ि इसका न‍िर्यात भी होता है.
यूरोपीय संघ से पहले भारत में म‍िला GI Tag
कांगड़ा चाय को यूरोपीय यून‍ियन ने जीआई टैग द‍िया है. इससे पहले इन्हीं खूबियों की वजह से भारत से साल 2005 में इसे जीआई टैग से नवाजा था. जिसके बाद कांगड़ा चाय की लोकप्रियता बढ़ने लगी. आज यानी 30 मार्च 2023 को यूरोपीय संघ ने कांगड़ा चाय को GI टैग से सम्मानित किया है. घाटी की प्रसिद्ध कांगड़ा चाय यूरोपीय देशों को बड़े पैमाने पर निर्यात की जाती है. यहां कांगड़ा चाय की काफी डिमांड रहती है. ऐसे में अब कांगड़ा चाय अपनी अगली मंजिल के लिए तैयार नजर आ रही है.

15/08/2026
15/08/2026

15 अगस्त पर शिल्पा चौहान की देशभक्ति कविता “ऐ मेरे प्यारे वतन!” ने जगाया राष्ट्रप्रेम

पालमपुर। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 के अवसर पर पालमपुर की लेखिका शिल्पा चौहान ने देशभक्ति से ओत-प्रोत अपनी कविता “ऐ मेरे प्यारे वतन!” के माध्यम से भारत माता, तिरंगे और देश की रक्षा में समर्पित वीर जवानों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

कविता में देश की सरहदों की रक्षा करने वाले जवानों के साहस, शहीदों की कुर्बानी और तिरंगे की आन-बान-शान का भावपूर्ण वर्णन किया गया है। लेखिका ने अपनी रचना के माध्यम से देशवासियों को शहीदों के बलिदान को याद रखने और मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्य को समझने का संदेश दिया है।

शिल्पा चौहान की कविता में बार-बार आने वाला “ऐ मेरे प्यारे वतन!” देश के प्रति उनके गहरे प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। कविता में वीर जवानों के संकल्प, देश की सीमाओं की सुरक्षा और भारत माता की शान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।

प्रस्तुत है लेखिका शिल्पा चौहान की पूरी कविता—

ऐ मेरे प्यारे वतन!

ऐ मेरे प्यारे वतन! तेरी सरहद ज़मीन पर रखेंगे क़दम! ऐ मेरे प्यारे वतन! तेरी जान के‌ लिए सीना -तान के खड़े रहेंगे हम! ऐ मेरे प्यारे वतन! तु‌ घबराना नहीं,डरना नहीं, क्योंकि यह बतन है हमारे हवाले! इसकी जान के‌, इसकी शान के हम हैं रखवाले, ऐ मेरे प्यारे वतन! तीन रंग का तेरा झंडा छूता रहे सदा आसमान! इसके लिए मरते -मिटते रहेंगे अपनी जान! क्योंकि यह हैं हमारी भारत माता कि शान! ऐ मेरे प्यारे वतन! तेरी सरहद ज़मीन पर मरने -मिटने को है तैयार! क्योंकि हम हैं, भारतवर्ष के जवान! आंच न‌‌ आए तेरे आंचल पर तो ल लेंगे दुश्मनों की जान! ऐ मेरे प्यारे वतन! दुश्मनों को समझाने के लिए सुनाएंगे हम अम्रत -वानी ! न‌ मानें तो छिन लेंगे, उनसे उनकी जिंदगानी! ऐ मेरे प्यारे वतन! रखना याद उन शहीदों की कुर्बानी! क्योंकि यही है, तेरी जिंदगानी! ऐ मेरे प्यारे वतन! तेरे जवान मरते दम तक‌ देंगे तुझे सलामी! क्योंकि तुम हों भारत की इक अमिट -निशानी! ऐ मेरे प्यारे वतन! और छिन लेंगे तेरे हर इक‌ ग़म! ऐ मेरे प्यारे वतन! जय हिन्द!! लेखिका शिल्पा चौहान पालमपुर!!!!

15/05/2026

आज पशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के उपलक्ष पर महामाई भाडल देवी मंदिर में हवन किया गया

जिला परिषद चुनाव अरला वार्ड 26 सचिन राणा का चुनाव  चिन्ह फुटबॉल पर अपना कीमती वोट देकर सफल बनाए
15/05/2026

जिला परिषद चुनाव अरला वार्ड 26
सचिन राणा का चुनाव चिन्ह फुटबॉल पर अपना कीमती वोट देकर सफल बनाए

18/04/2026

सचिन राणा जी (पालमपुर) ने पूरे हिमाचल के लोगो के लिए एक संदेश
देवभूमि शर्मसार! क्या हमारी बेटियां अपने ही घर के पास सुरक्षित नहीं हैं?

16/04/2026

चुनाव समाचार
पालमपुर के साथ लगते अरला वार्ड (26)
जिला परिषद के लिए रैपुर के सचिन राणा जी जिला परिषद चुनाव में भाग लेने वाले है

01/04/2026

The women at the tea garden in Dibrugarh sang a song, which pays homage to Jagat Janani Maa. It is amazing how they remain so connected with their culture and roots.

Address

Kangra Tea
Palampur
176102

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 1pm - 5pm

Telephone

+919418291617

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kangra Tea posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Kangra Tea:

Shortcuts

Share