Abhishek kumar

Abhishek kumar Mahakal fans group

22/09/2020

नीम का पेड कोई चन्दन से कम नही
उज्जैन नगरी कोई लन्दन से कम नही
जहाँ बरस रहा है. मेरे महाकाल का प्यार
वो दरबार भी कोई जन्नत से कम नही
**जय महाकाल**

तैरना है तो समंदर में तैरो, नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो महांकाल से करो
इन बेवफाओ में क्या रखा है
**जय महाकाल**

हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है
हम तो भोले के भक्त है
इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है

ऐ जन्नत अपनी औकात में रहना
हम तेरी जन्नत के मोहताज नही
हम गुरू भोलेनाथ के चरणों के वासी है
वहाँ तेरी भी कोई औकात नही

सबसे बड़ा तेरा दरबार है, तू ही सब का पालनहार है
सजा दे या माफी महादेव, तू ही हमारी सरकार है
हर हर महादेव

महाकाल तेरी कृपा रही तो एक दिन
अपना भी मुकाम होगा
70 लाख की ऑडी कार होगी और
फ्रंट शीशे पे, महाकाल तेरा नाम होगा
**जय महाकाल**

चिलम के धुंये में हम खोते चले गये
बाबा होश में थे मदहोश होते चले
गये जाने क्या बात है, महादेव के नाम में
न चाहते हुये भी उनके होते चले गये
**जय महाकाल**

21/09/2020
21/09/2020
21/09/2020

दोस्तों आज हम महादेव के भक्तों के लिए बहुत ही शानदार और दमदार कलेक्शन Mahakal Attitude Shayari आप सभी से शेयर करने जा रहे हैं जिसमे आपको देवा दी देव महादेव और भोलेनाथ शिव शंकर के महाकाल होने की एक झलक देखने को मिलेगी। ये कलेक्शन उन सभी शिव भक्तों के लिए हैं जो शिव भक्ति करते हैं, शिव को अपना आराध्य मान उन्हें पूजते हैं और दिन रात महादेव की उपासना करते हैं।



महाकाल जो की भगवान् शिव का रूद्र और प्रचंड रूप हैं और जो काल का भी काल हैं, वो महाकाल हैं। जिसमे सिर्फ आग, गुस्सा, पापी का सर्वनाश, दुष्टों का संहार, धर्म और सत्य की विजय समाहित हैं। शिव के प्रमुख अवतारों में पहला अवतार महाकाल को माना जाता हैं। इस अवतार की शक्ति माँ महाकाली मानी जाती हैं। वर्तमान में महाकाल के रूप में भगवान भोलेनाथ तीर्थ नगरी उज्‍जैन में विराजमान हैं। वेदों में शिव का नाम ‘रुद्र’ रूप में आया हैं। रुद्र का अर्थ होता हैं भयानक। रुद्र संहार के देवता और कल्याणकारी हैं। महादेव, जिन्हे भोलेनाथ, भोले बाबा, कालो के काल महाकाल, त्रिलोकीनाथ, नीलकंठ, शिव शंकर, शिव शम्भू, जटाधारी, अर्धनारेश्वर आदि कई नामो से जाना जाता हैं, भगवान शिव ने धरती पे कई बार अवतार लिया हैं, और पूरी दुनिया में इनके भक्त फैले हुए हैं और हर तरफ से इस ब्रह्माण्ड में महादेव की गूंज सुनाई देती हैं। जब इस धरती पे कुछ भी नहीं था, उससे पहले से ही महादेव का अस्तित्व था, और आदि से अंत तक महादेव का ही वास रहेगा क्युकी शिव ही आदि हैं और शिव ही अंत हैं, सब कुछ शिव में ही जाकर मिल जाता हैं। भगवान शिव को त्रिनेत्र धारी भी कहा जाता हैं और जब भोलेनाथ की ये तीसरी आँख खुलती हैं तो महाप्रलय आती हैं और तीनो लोक में हाहाकार होता हैं और इस महाप्रलय के विनाश से सिर्फ सर्वनाश होता हैं। भगवान् शिव को देवो के देव महादेव भी कहा गया हैं और सभी देवी देवता महादेव का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। शिव जितने भोले हैं उनका गुस्सा भी उतना ही प्रलयकारी हैं, इसलिए पुराणों में इनका नाम रूद्र भी हैं। जटाजूटधारी, भस्म भभूत शरीर पर लगाए, गले में नाग लपेटे, रुद्राक्ष की मालाएं पहने, जटाओं में चंद्र, गंगा की धारा, हाथ में त्रिशूल एवं कटि में बाघम्बर और नंगे पांव रहने वाले शिव कैलाश में निवास करते हैं। माता पार्वती उनकी पत्नी अथवा शक्त्ति हैं और गणेश और कार्तिकेय के वे

Address

Bihar Begusarai
Patna New City
848201

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Abhishek kumar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share