lakshman_kumar_anand

lakshman_kumar_anand Educational & Motivational

24/11/2025

एक लड़की ने अपनी माँ से कहा, “अम्मी, मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ हम-बिस्तर होना चाहती हूँ, मुझे इजाज़त दे दो।”

माँ बड़ी अक्लमंद थी۔ उसने कुछ सोचा और बोली,
“ठीक है बेटी, मैं इजाज़त दूँगी, लेकिन पहले एक हफ़्ते तक तुम्हे मेरी एक शर्त पूरी करनी होगी।”

शर्त ये थी कि हर रोज़ सुबह लड़की बादशाह के महल के सामने जाए, और जब बादशाह अपना क़ाफ़िला लेकर निकले तो ज़मीन पर बेहोश की तरह गिर पड़े, फिर जो कुछ भी हो उसे आकर माँ को सच-सच बताए।

पहला दिन:
लड़की गिरी। बादशाह ख़ुद घोड़े से उतरा, और उसने लड़की को अपने हाथों उठाया, हालत देखी, दवाइयाँ दिलवाईं और सुरक्षित घर पहुँचाने का हुक्म दिया।

दूसरा दिन:
लड़की फिर गिरी। इस बार बादशाह ने मुड़कर भी नहीं देखा, आगे बढ़ गया। और वज़ीर ने दौड़कर उसे उठाया, कपड़े झाड़े और चला गया।

तीसरा दिन:
लड़की ने ख़ास तौर पर वज़ीर के सामने गिरने की कोशिश की।
मगर इस बार वज़ीर ने भी आँखें फेर लीं। और सेनापति ने आकर उसे सँभाला।

चौथा दिन: सेनापति ने भी नज़रअंदाज़ कर दिया।
एक साधारण सिपाही ने उठाया।

पाँचवाँ दिन: सिपाही भी नहीं रुके। रास्ते में चलते एक आम राहगीर ने रुककर उसे उठाया ।

छठा दिन: लोगों ने लातें मार-मार कर उसे रास्ते से हटाया। फिर एक भिखारी ने उसे उठाया और किनारे की तरफ ले गया।

सातवाँ दिन: कोई इंसान नहीं रुका। एक आवारा कुत्ता आया और उसके मुँह-चेहरे को चाटने लगा।

सात दिन पूरे हुए तो माँ ने बेटी को गले लगाया और धीरे से समझाया: “बेटी, यही होता है इस समाज में।
जब कोई लड़की पहली बार ‘गिरती’ है, तो सबसे पहले कोई बादशाह या बिगड़ा हुआ अमीरज़ादा उसकी इज़्ज़त लूटता है। फिर उसे अपने से थोड़े छोटों के लिए छोड़ देता है। फिर छोटे उसे और छोटों के लिए।
धीरे-धीरे यही लड़की एक दिन गली के कुत्तों और लफंगों के लिए सस्ता माल बन कर रह जाती है, जिसे कोई उठाने की ज़हमत भी नहीं करता, बल्कि लात मारकर रास्ते से हटा दिया जाता है।

इसलिए बेटी, अपनी इज़्ज़त को कभी ज़मीन पर मत गिरने देना। क्योंकि जो एक बार गिर गई, उसे पहले तो शहंशाह उठाते हैं, मगर आख़िर में गली का कुत्ता भी नाक सिकोड़कर चला जाता है।”

आपके हिसाब से क्या ये बात सही है, या गलत है, कमेंट में अपनी राय जरूर देना दोस्तों।

30/10/2025
22/01/2025

मोहब्बत के बुझे हुए दिए को ,
आकर तुझे जलना तो पड़ेगा ,
तुझे इस दीवाने को मनाना तो पड़ेगा
वफा करने वाले यूं ही छोड़ कर नहीं जाते ,तुम्हें इस आशिक के पास फिर से लौट के आना पड़ेगा।

22/01/2025

इतने सस्ते तो नहीं थे हम जितने आपने समझ लिया आपके प्यार में झुके तो हम जरूर आपने तो हमें गिरा हुआ ही समझ लिये।

21/12/2021

🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂

मैंने कल एक झलक जिंदगी को देखा,
वो मेरी राह में गुनगुना रही थी ...

मैं ढूंढ़ रहा था उसे इधर उधर,
वो ऑंख मिचोली कर मुस्कुरा रही थी ...

एक अरसे के बाद आया मुझे करार,
वो थपकी दे मुझे सुला रही थी ...

हम दोनों क्यों ख़फा हैं एक दुसरे से,
मैं उसे और वो मुझे बता रही थी ...

मैंने पुछा तूने मुझे इतना दर्द क्यों दिया ?
उसने कहाँ मैं जिंदगी हू ...

"तुजे जीना सीखा रही थी"

🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂

Jᴏɪɴ 🔜 BTA Academy No-1 In Patna

19/12/2021

सब कुछ खोने के बाद भी
अगर आपमे हौसला है
तो समझ लीजिए आपने
कुछ नही खोया है।।

08/12/2021

🌳🦚आज की कहानी🦚🌳

💐💐मन को वश में करना💐💐

मन को वश करके प्रभु चरणों में लगाना बड़ा ही कठिन है। शुरुआत में तो यह इसके लिये तैयार ही नहीं होता है । लेकिन इसे मनाएं कैसे?

एक शिष्य थे । किन्तु उनका मन किसी भी भगवान की साधना में नही लगता था। साधना करने की इच्छा भी मन मे थी । वे गुरु के पास गये और कहा कि गुरुदेव मन लगता नहीं और साधना करने का मन होता है । कोई ऐसी साधना बताएं जो मन भी लगे और साधना भी हो जाये ।

गुरु ने कहा तुम कल आना । दुसरे दिन वह गुरु के पास पहुँचा तो गुरु ने कहा । सामने रास्ते में कुत्ते के छोटे बच्चे हैं उनमे से दो बच्चे उठा ले आओ और उनकी हफ्ताभर देखभाल करो । गुरु के इस अजीब आदेश को सुनकर वह भक्त चकरा गया लेकिन क्या करे, गुरु का आदेश जो था।

वह 2 पिल्लों को पकड़ कर लाया लेकिन जैसे ही छोड़ा वे भाग गये।वह फिरसे पकड़ लाया लेकिन वे फिर भागे । अब उसने उन्हें पकड़ लिया और दूध रोटी खिलायी ।अब वे पिल्ले उसके पास रमने लगे।

हप्ताभर उन 🐶 की ऐसी सेवा यत्न पूर्वक की कि अब वे उसका साथ छोड़ नही रहे थे ।वह जहाँ भी जाता पिल्ले उसके पीछे-पीछे भागते। यह देख गुरु ने दूसरा आदेश दिया कि इन पिल्लों को भगा दो।भक्त के लाख प्रयास के बाद भी वह पिल्ले नहीं भागे । तब गुरु ने कहा देखो बेटा !शुरुआत मे ये बच्चे तुम्हारे पास रुकते नहीं थे । लेकिन जैसेही तुमने उनके पास ज़्यादा समय बिताया ये तुम्हारे बिना रहनें को तैयार नहीं हैं। ठीक इसी प्रकार खुद जितना ज़्यादा वक्त भगवान के पास बैठोगे, मन धीरे-धीरे भगवान की सुगन्ध,आनन्द से उनमें रमता जायेगा।

हम अक्सर चलती-फिरती पूजा करते है,तो भगवान में मन कैसे लगेगा? जितनी ज्यादा देर ईश्वर के पास बैठोगे उतना ही मन ईश्वर रस का मधुपान करेगा और एक दिन ऐसा आएगा कि उनके बिना आप रह नही पाओगे ।

शिष्य को अपने मन को वश में करने का मर्म समझ में आ गया और वह गुरु आज्ञा से भजन सुमिरन करने चल दिया।

बिन गुरु ज्ञान कहां से पाऊं ।।

06/12/2021

औरत👉
कुछ नहीं कहती
कुछ नहीं मांगती
कुछ नहीं चाहती
बस छोटी-छोटी
खुशियां होती है औरतों की..
जरूरत के सामान के साथ
सब छोड़ के आई है
यादों के पुलिन्दे के सिवाय
कुछ भी नहीं लाई है ।
उस निर्वासन,
उस विलगता,
उस बिछोह,
उस अकेलेपन का दर्द
महसूस भी होना जरूरी है ......
पहले ही दिन से
सब बदल जाता है
रसोई, आँगन, दरवाजा
बाथरूम, छत और रसोई ।
बीस-पच्चीस बरस तक
जिस जगह खेली-पली-बढ़ी
वो एक पल में छूट जाता है
रह-रहकर बस याद आता है ।
उसे क्या चाहिये
सोना-चांदी, हीरे मोती
मंहगें वस्त्र, धन-दौलत
नहीं... नहीं
ये सब मिट्टी है उसके लिये
ये सब तो वो संग ही ले आई ।
उसे समानुभूति - सम्मान
करने वाला और
बिना कहे समझने वाला
एक हमसफर चाहिये...
उसे सच्चा महत्व- प्यार
देने वाला और
अकेलापन दूर करने वाला
एक अदद दोस्त चाहिये....
वो रहती है, चार दीवारी में
सहेजती- समेटती सामान को
वो सँवारती है घर आँगन को
वो भी मन-तन से थक जाती है ....
दो मीठे बोल मिटाते हैं
उसकी सारी तकलीफें
यदा-कदा तारीफ से भी
वो गुड़फील करती है
क्या हुआ जो समय पर
खाना नहीं बना
कया हुआ जो किसी दिन
घर पूरा फैला हुआ है
क्या हुआ जो तैयार होने में
वो थोड़ी देर करती है
वो भी रिमोट हाथ में रखकर
तकिये पर सिर टिकाकर
बगल में मोबाईल रखकर
घण्टों न्यूज देखना चाहती है
वो भी हफ्ते में किसी एक दिन
रोजमर्रा के कामों को भूलकर
छह दिनों की ऊर्जा के लिये
अवकाश रखने की हकदार है....
वो याद रखती है, हर तारीख
दूध की नागा, व्रत- त्यौंहार
वो भूल नहीं पाती है कभी भी
जन्मदिनों को,शादी-ब्याह को
उसे भी हक है कि कोई बताये
उसे भी कोई यादगार लम्हा
दिन-रात में कुछ देर ही सही
पर कोई करें उससे कुछ बातें
मंहगा नेकलैस नहीं चाहिये
उसे सरप्राईज चाहिये नया
एक गुलाब भी उसका चेहरा
खुशी से लाल कर सकता है
जब बना रही हो वो खाना
पसीने ले तरबतर परेशान
धीमे पांव जाकर, छू लेना
उसे तरोताज़ा कर सकता है....
जब धो रही हो वो कपड़े
अपनी नाजुक हथेलियों से
"सुनों ! कपड़े मैं सुखा दूंगा"
सुनना उसे अच्छा लगता है
नमक तेज़ हो या मिर्च
उसने चाहकर तो नहीं किया
हम बना ही नहीं सकते तो
कमियां बताना जरूरी तो नहीं
उसे गुस्सा करने दो
उसे खुलकर बोलने दो
उसे अपनी राय रखने दो
उसे भी उन्मुक्त बनने दो
वो भी एक दिल,
दो किड़नी
एक यकृत रखती है
उसकी भी सांस भरती है
घुटने और कमर दुखती है
वो क्यों ना हँसे सबके सामने
वो क्यों ना सोये देर सुबह तक
वो भी आखिर इन्सान है...
उसके भी छोटे -छोटे से अरमान हैं ।
कुछ नहीं कहती
कुछ नहीं मांगती
कुछ नहीं चाहती
बस छोटी-छोटी
खुशियां होती है औरतों की..🙏🏻🌹

Jᴏɪɴ 🔜 BTA Academy No-1 In Patna

06/12/2021

कोशिश सफल हो या ना हो
परंतु हर सफलता का कारण भी
कोशिश होती है !

रोटी कमाना बड़ी बात नही है
परिवार के साथ रोटी खाना
बहुत बड़ी बात है

"अगर आपको सच मे कुछ करना हैं तो आप कोई ना कोई रास्ता निकाल ही लोगे, वरना ना करने के market में हजारों बहाने avaible है।"

Jᴏɪɴ 🔜 BTA Academy No-1 In Patna

06/12/2021

♻️उम्मीद♻️

एक लड़की कार चला रही थी और पास में उसके पिताजी बैठे थे। राह में एक भयंकर तूफ़ान आया और लड़की ने पिता से पूछा- अब हम क्या करें?

पिता ने जवाब दिया – कार चलाते रहो। तूफ़ान में कार चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा था और तूफ़ान और भयंकर होता जा रहा था।

अब मैं क्या करू? लड़की ने पुनः पूछा।


कार चलाते रहो। पिता ने पुनः कहा। थोड़ा आगे जाने पर लड़की ने देखा की राह में कई वाहन तूफ़ान की वजह से रुके हुए थे।

उसने फिर अपने पिता से कहा – मुझे कार रोक देनी चाहिए। मैं मुश्किल से देख पा रही हूँ। यह भयंकर है और प्रत्येक ने अपना वाहन रोक दिया है।

उसके पिता ने फिर निर्देशित किया – कार रोकना नहीं। बस चलाते रहो।

अब तूफ़ान ने बहुत ही भयंकर रूप धारण कर लिया था किन्तु लड़की ने कार चलाना नहीं रोका और अचानक ही उसने देखा कि कुछ साफ़ दिखने लगा है। कुछ किलो मीटर आगे जाने के पश्चात लड़की ने देखा कि तूफ़ान थम गया और सूर्य निकल आया। अब उसके पिता ने कहा – अब तुम कार रोक सकती हो और बाहर आ सकती हो।

लड़की ने पूछा – पर अब क्यों?

पिता ने कहा – जब तुम बाहर आओगी तो देखोगी कि जो राह में रुक गए थे, वे अभी भी तूफ़ान में फंसे हुए हैं। चूँकि तुमने कार चलाने के प्रयत्न नहीं छोड़ा, तुम तूफ़ान के बाहर हो।

दोस्तों कठिन समय हर किसी के जीवन में आता हैं। मजबूत से मजबूत इंसान भी प्रयास छोड़ देते हैं। किन्तु हमे प्रयास कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए। निश्चित ही जिन्दगी के कठिन समय गुजर जायेंगे और सुबह के सूर्य की भांति चमक आपके जीवन में पुनः आयेगी ! तो हमे निराश नहीं होकर डटे रहना चाहिए।

Jᴏɪɴ 🔜 BTA Academy No-1 In Patna

Address

Kankarbagh Patna
Patna
800020

Telephone

+16203788043

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when lakshman_kumar_anand posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to lakshman_kumar_anand:

Share