26/01/2026
उत्तरप्रदेश मैं जो कुछ भी हो रहा बड़ी साजिश के तहत है !
साथियों जब से उत्तरप्रदेश की बागडोर योगी आदित्यनाथ जी के हाथ मैं आई है तब से ही जिस प्रकार से यूपी एक बीमारू राज्य से प्रगतिशील राज्य मैं बदला है,
पहले जहां माफिया राज हुआ करता था आज वह प्रशासनिक राज मैं बदला है,तब से ही पहले यूपी पर राज करने वाली समाजवादी पार्टी के साथ साथ अन्य पार्टी जिसमें बसपा और कांग्रेस भी शामिल है उन्हें यह पच नहीं पा रहा है,
2017 के बाद से योगी आदित्यनाथ के प्रभाव को कम करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है, जिससे योगी जी सत्ता छोड़कर पुनः अपने मठ चले जाए, लेकिन ये योगी जी के शासन का असर रहा की पहले 2019 लोकसभा चुनाव फिर 2022 का विधानसभा चुनाव बीजेपी ने यहां पर ऐतिहासिक जीत हासिल करी,
क्यों कि यूपी की जनता के मन मैं जो असर योगी आदित्यनाथ ने डाला है वो शायद ही कोई डाल पाए, यहां तक कि आज देश के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी योगी जी जैसा शासन चलाना चाहते है और उनके जैसे प्रदेश को गति देना चाहते है,
योगी आदित्यनाथ का प्रभाव आज इतना ज्यादा हे कि देश के किसी भी राज्य में चुनाव प्रचार की बात आती है तो उसके सबसे बड़ा नाम मोदी जी के बाद योगी आदित्यनाथ का आता है क्यों कि जहां जहां रैली ओर प्रचार योगी जी द्वारा किया जाता है वहां जीत की गारंटी प्रतिशत बढ़ जाता है,बस यही बात जो है विपक्ष को पचती नहीं है,
लेकिन आज ऐसा समय आ गया है कि योगी आदित्यनाथ की बढ़ती हिंदुत्व की साख से विपक्ष के साथ साथ बीजेपी के भी कई बड़े नेता है जिनकी आंखों मैं योगी जी चुभने लगे है जिसमें सबसे प्रमुख नाम आता है उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का,
2017 में बीजेपी जब बहुमत मैं आई तब ये माना जा रहा था कि केशव मौर्य ही मुख्यमंत्री होंगे लेकिन आलाकमान के फैसले से उनके सपनों पर पानी फेर दिया गया, तब से ही मन मैं योगी आदित्यनाथ के लिए खटास भर कर केशव मौर्य चल रहे है
अभी हाल ही की एक घटना से जो है यह पूरी तरह साफ हो गई कि योगी जी सत्ता से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है, क्यों कि आप सभी जानते ही हो कि किस प्रकार से एक तथाकथित महामंडलेश्वर अविमुक्तेश्वरानंद उर्फ उमाशंकर भांट द्वारा बिना वजह सुगम और खुशहाल तरीके से चल रहे माघ मेले मैं विवाद खड़ा किया गया जो मुख्य रूप से योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हिंदू समाज को करने का एक षडयंत्र है,
उसके बाद मेला प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही के बाद मामला ओर तुल पकड़ गया जब इन महाराज से इनका शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया, जिसका पूरा दोष उमाशंकर भांट द्वारा योगी पर लगाया गया, लेकिन उसके बाद विवाद मैं एंट्री होती है केशव मौर्य की जो इन तथाकथित महाराज को शंकराचार्य कहकर संबोधित करते हो और उन्हें स्नान करने का आग्रह करते है,
फिर क्या होना वही था जिसकी अपेक्षा थी इन महाराज द्वारा योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए अनुरूप ना बताकर केशव मौर्य के मुख्यमंत्री होने का बखान किया, यह स्क्रिप्ट पूरी तरह से तैयार ओर सुनियोजित है,
लेकिन बीजेपी को यह प्रयास बहुत मुश्किल मैं डाल सकता है क्यों कि भारत देश का हिंदू योगी आदित्यनाथ के साथ है और यूपी का भी क्यों कि योगी आदित्यनाथ जिस भाव से राज्य की सेवा कर रहे है वो शायद ही कर पाए क्यों कि जब से योगी जी हिंदुत्व को आगे बढ़ाया है तब से ना जाने कितनी बार प्रताड़ित हुए संघर्ष किया और आज वह हिंदुत्व के हितों को सबसे ज्यादा प्रभावी ढंग से निभा रहे है
ध्यान रखिए अगर योगी आदित्यनाथ सत्ता से बाहर हुए
तो भारतीय जनता पार्टी मात्र यूपी ही नहीं देश से भी बाहर हो जाएगी....!
Narendra Modi
MYogiAdityanath
Rajnath Singh
Amit Shah