27/10/2019
सुर्ये आधिष्ठिली प्राची।
जगा जाणीव दे प्रकाशाची।।
तैसी श्रोतया ज्ञानाची।
दिवाळी करी।।
मी अविवेकाची काजळी।
फेडूनी विवेकदीप उजळी।।
तैं योगीया पाहें दिवाळी।
निरंतर।।
*ज्ञानेश्वरी*
🙏🏻😊 *दीपावली* *शुभेच्छा*😊🙏🏻