06/05/2022
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा ईस्ट केते बासेन कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में रातों रात सैकड़ों की संख्या में पेड़ों को काट दिया गया। यहां पेड़ों को बचाने व खदान के विरोध में लोग आंदोलन कर रहे हैं। रात में पेड़ों की कटाई होने के बाद लोगों ने पेड़ों की सुरक्षा के लिए जंगल में डेरा डाल दिया है।
राजस्थान के विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित परसा कोल ब्लाक के डेवलेपमेंट एवं माइनिंग का ठेका अडानी इंटरप्राइसेस के हाथों में है। पहले चरण में परसा कोल ब्लॉक में 841 हेक्टेयर जंगल की भूमि से पेड़ों की कटाई की गई थी। दूसरे चरण में परसा ईस्ट-केते-बासेन कोल ब्लॉक में कुल 2711 हेक्टेयर क्षेत्र में कोल उत्खनन की मंजूरी दी गई है। इसमें 1898 हेक्टेयर भूमि वनक्षेत्र है, जिसमें परसा, हरिहरपुर, फतेहपुर व घाटबर्रा के 750 परिवार विस्थापित होंगे। इसी खदान की एनओसी के लिए पिछले महीने राजस्थान की सीएम अशोक गहलोत रायपुर में सीएम भूपेश बघेल से मिलने आए थे।