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आप सभी को आस्था एवं सत्य के विजय पर्व होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं।ईश्वर आप सभी को सुख, शांति,  समृद्धि एवं आरोग्य स...
17/03/2022

आप सभी को आस्था एवं सत्य के विजय पर्व होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं।

ईश्वर आप सभी को सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य से परिपूर्ण रखें।💐🙏

सादर।।
*जितेन्द्र रंगा*
रामदेवरा

30/01/2022

yes

28/07/2019

"बक्श देता है 'खुदा' उनको,
जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है...
वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है,
जिनकी नियत खराब होती है..."
न मेरा एक होगा, न तेरा लाख होगा,
न तारिफ तेरी होगी, न मजाक मेरा होगा.
गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का,...........
मेरा भी खाक होगा, तेरा भी खाक होगा !!!
जिन्दगी भर ब्रांडेड ब्रांडेड करने
वालों .....
याद रखना कफ़न का कोई ब्रांड
नहीं होता .....
कोई रो कर दिल बहलाता है और कोई हँस
कर दर्द छुपाता है.
क्या करामात है कुदरत की, ज़िंदा इंसान
पानी में डूब जाता है और मुर्दा तैर के
दिखाता है...
मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत
खूबसूरत होगी,
कम्बख़त जो भी उस से मिलता है,
जीना छोड़ देता है..
ग़ज़ब
की एकता देखी लोगों की ज़माने
में .......
ज़िन्दों को गिराने में और मुर्दों को उठाने
में ..
ज़िन्दगी में ना ज़ाने कौनसी बात
"आख़री"
होगी,
ना ज़ाने कौनसी रात "आख़री"
होगी ।
मिलते, जुलते, बातें करते रहो यार एक दूसरे
से
ना जाने कौनसी "मुलाक़ात"
आख़री होगी ..

23/07/2019
23/07/2019

अंधविश्वास के कारण👇 🤔 *ठग बाबाओं से लुटी जनता*
👇🤣👇
सात लाख रूपये दीजिये तो *राधे माँ* ( जसबिंदर कौर) आपको गोद में बैठाकर आशीर्वाद देंगी और पन्द्रह लाख रूपये दीजिये तो आप उस *धूर्त ठग राधे माँ* को किसी फाइव स्टार होटल में डिनर के साथ आशीर्वाद ले सकते हैं ! तब भी अंधविश्वासी लोग उसे देवी ही मानते हैं l
👇🤣😆👇
*निर्मल बाबा* है जो लाल चटनी और हरी चटनी में भगवान की कृपा दे रहा है ! रात दिन पूज रहा है।
👇😆🤣👇
*रामपाल* भक्त हैं जो कबीर को पूर्ण परब्रह्म परमात्मा मानते हैं ! ओर अपने नहाए हुए पानी को अपने भक्तों को पिला कर कृतार्थ करता है।
👇😆🤣👇
*ब्रह्मकुमारीमत* वाले हैं जो दादा लेखराज के वचनों को सच्ची गीता बताते हैं और परमात्मा को बिन्दुरुप बताते हैं ! इन्होंने भगवद गीता भी फेल कर दी।
👇🤣😆👇
*राधास्वामी* वाले अपने गुरु को ही मालिक परमेश्वर भगवान ईश्वर मानते हैं । वो साक्षात ईश्वर का अवतार है ।
👇😆🤣👇
*निरंकारी* है जिनका उद्धार करने वाला बाबा ही कई करोड़ की गाड़ी में ,350 की स्पीड पर भयंकर दुर्घटना में गया औरों के तो पता नही , अपना मिलन परमात्मा से करवा लेता है।पर लोग बाबा की जय बोलने से नही थकते।
👇😆👇🤣
*कुछ चाँद मियाँ ऊर्फ (साई बाबा) को भगवान बनाने पर तुले हैंl ये चाँद मियाँ अपने आप को साई बाबा बताता है।
S- Secret A-Agent
I-ishlam
🤣👇🤮👇
*जय गुरुदेव वाले जय गुरुदेव को ही परमात्मा घोसित कर देते है।
👇😆🤣👇
*आसाराम*, *दाती बाबा, *राम रहीम*, के भक्त तो और भी महान है सब पोल खुल जाने पर भी सड़को पर भक्त बनकर इनको को ईश्वर मान रात दिन उसके गुण गाते है।
उड़ीसा में संतोष राउल उर्फ (सारथि)
को भगवान श्री कृष्ण समझ कर मूर्ख अंधभक्त अपना बीवियों को छोड़ देते हैं दूध पिलाने के लिए जन्माष्टमी के दिन पाखंडी बाबा गोपाल बनकर दूध पीता है अभी भी मूर्ख लोग ने उसका पीछे पड़ा है।
🤣☝️🤣☝️
🌟🌟🌟🌟
🤔👇🤔👇🤔
*कोई विदेशी इसका जिम्मेदार नहीं है*
जिसने अपनी दुकान ज्यादा सजायी वो ही उतना बड़ा परमेश्वर हो गया।
🤔👇🤔👇
बाबा लोगों को किसी भगवान पर विश्वास नहीं होता.. बाबा जी Z+ सिक्योरिटी में बैठकर कहते हैं कि," जीवन-मरण ऊपर वाले के हाथ में है "
अंधभक्त श्रद्धा से सुनते हैं, पर सोचते नहीं हैं....
🤔👇🤔👇
👉 बाबा जी हवाई जह़ाज में उड़ते हैं । सोने से लदे होते हैं ।
दौलत के ढेर पर बैठकर बोलते हैं कि," मोह-माया मिथ्या है, ये सब त्याग दो ".
लेकिन उत्तराधिकारी अपने बेटे को ही बनायेंगे..
अंधभक्त श्रद्धा से सुनते हैं, पर सोचते नहीं हैं.....
👇🤣👇
👉 भक्तों को लगता है कि उनके सारे मसले बाबा जी हल करते हैं,
लेकिन जब बाबा जी मसलों में फंसते हैं, तब बाबा जी बड़े वकीलों की मदद लेते हैं..
अंधभक्त बाबा जी के लिये दुखी होते हैं, लेकिन सोचते नहीं हैं.....
👇🤔👇
👉भक्त बीमार होते हैं.. डॉक्टर से दवा लेते हैं..
जब ठीक हो जाते हैं तो कहते हैं, " बाबा जी ने बचा लिया "
पर जब बाबा जी बीमार होते हैं,
तो बड़े डॉक्टरों से महंगे अस्पतालों में इलाज़ करवाते हैं.
अंधभक्त उनके ठीक होने की दुआ करते हैं लेकिन सोचते नहीं हैं.....
👇🤔👇
👉 अंधभक्त अपने बाबा को भगवान समझते हैं...
उनके चमत्कारों की सौ-सौ कहानियां सुनाते हैं.
👇🤔👇
👉 *जब बाबा जी किसी अपराध में जेल जाते हैं, तब वे कोई चमत्कार नहीं दिखाते.. तब अंधभक्त बाबा के लिये लड़ते-मरते हैं, लेकिन वे कुछ सोचते नहीं हैं.....*
👇🤔👇
👉 इन्सान आंखों से अंधा हो तो उसकी बाकी ज्ञान इन्द्रियाँ ज़्यादा काम करने लगती हैं,
लेकिन अंध भक्तों की कोई भी ज्ञान इंद्री काम नहीं करती...
*अतः जागृत बनें, तार्किक बनें🚩

❗अंध भक्त नही !!!

🙏🙏🙏🌺🙏🙏🙏🏵🙏🌼
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*यदि सम्भव हो और सही लगे तो अपने 10 हितचिंतक को जरूर शेयर करे ..☝️
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⚔जय पर्शुराम ⚔
जय सनातन धर्म 🚩
जय हिंदू संस्कार 🚩

17/06/2014

उड़द -
उड़द का उपयोग दाल के रूप में प्रायः समस्त भारतवर्ष में किया जाता है । इसकी दाल व बाजरे की रोटी मेहनती लोगों का प्रिय भोजन है| उड़द काली व हरी कई प्रकार की होती है | सब प्रकार की उड़दों में काली उड़द उत्तम मानी गयी है। वैद्यक ग्रंथो में अनेक पौष्टिक प्रयोगों में उड़द की प्रशंसा की गयी है | यह दाल वायुकारक होती है | इसके इस दोष को दूर करने के लिए इसमें हींग पर्याप्त मात्रा में डालना चाहिए| दूध देने वाली गाय या भैंस को उड़द खिलाने से ये दूध अधिक मात्रा में देती हैं | इसके पत्तों और डंडी का चूरा भी पशुओं को खिलाया जाता है |
उड़द एक पौष्टिक दाल है | यह पित्त और कफ को बढ़ाता है | उड़द को अपनी पाचन शक्ति को ध्यान में रखते हुए उपयोग करना चाहिए | विभिन्न रोगों में उड़द का उपयोग -

१- उड़द की दाल को पानी में भिगो लें | जब यह पूरी तरह फूल जाए तब इसको पीसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है |

२- साबुत उड़द जले हुए कोयले पर डालें और इसका धुआं सूंघें | इससे हिचकी रोग ठीक हो जाता है |

३- उड़द को पीसकर घाव के ऊपर बाँधने से पस निकल जाती है तथा घाव ठीक हो जाता है |

४- उड़द के आटे में थोड़ी सौंठ,थोड़ा नमक,और थोड़ी हींग मिलाकर उसकी रोटी बनाकर एक तरफ से सेंक लें और उसको उतारकर कच्चे भाग की तरफ तिल का तेल लगाकर वेदनायुक्त स्थान पर बाँधने से वेदना का शमन होता है |

५- रात को ५० ग्राम उड़द की दाल भिगो दें | सुबह इसे पीसकर आधा गिलास दूध में स्वादानुसार मिश्री मिलाकर पियें | यह हृदय को शक्ति देता है |

17/06/2014

मसूड़ों की सूजन (GINGIVITIS) -
मसूड़ों पर चोट लगने या अधिक गर्म पदार्थ व सख्त चीज़ें खाने से मसूड़ों पर दबाव पड़ता है,जिससे मसूड़ों में सूजन उत्पन्न हो जाती है | सूजन होने से मसूड़े ढीले पड़ जातें हैं जिससे दांतों का नुकसान होता है | इसका इलाज न होने पर दांत हिलकर गिरने लगते हैं | आज हम आपको मसूड़ों की सूजन के लिए कुछ सरल उपचार बताएंगे -

१- भुनी फिटकरी,सेंधा नमक,काली मिर्च तथा हरड़ का छिलका इन सबको १०-१० ग्राम की मात्रा में लें | इन्हें अच्छी तरह कूट कर छान लें | प्रतिदिन सुबह-शाम इस मंजन को मसूड़ों पर मलने से मसूड़ों का ढीलापन,सूजन व दर्द ख़त्म हो जाता है |
२- सौंठ को पीसकर चूर्ण बना लें | इस ३ ग्राम चूर्ण को पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से मसूड़ों की सूजन में लाभ होता है |

३- सुपारी को जलाकर इसका बारीक चूर्ण बना लें | इसे मसूड़ों पर मंजन की तरह मलने से मसूड़ों का ढीलापन ख़त्म हो जाता है |

४- एक ग्राम पिसा हुआ सेंधा नमक और एक ग्राम मीठे सोडे को १०० मिलीलीटर पानी में उबालें | इस हलके गर्म पानी से प्रतिदिन सुबह- शाम कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन ठीक हो जाती है |

५- प्याज में नमक मिलाकर खाने से एवं प्याज को पीसकर मसूड़ों पर दिन में २-३ बार मलने से मसूड़ों की सूजन ख़त्म हो जाती है और मसूड़े स्वस्थ बन जाते हैं |

६- हरड़,बहेड़ा और आंवला को १०-१० ग्राम की मात्रा में लेकर कूटकर रख लें | इसको ८०० मिलीलीटर पानी में पकाएं ,जब यह २०० मिलीलीटर बच जाए तब इसमें से ३०-६० मिलीलीटर पानी से दिन में दो से तीन बार गरारे करने से मसूड़ों की सूजन ठीक हो जाती है |

17/06/2014

मसूर का प्रयोग दाल के रूप में प्रायः समस्त भारतवर्ष में किया जाता है | इससे सभी अच्छी तरह परिचित हैं | समस्त भारत में मुख्यतः शीत जलवायु वाले क्षेत्रों में, तक उष्णकटिबंधीय एवं शीतोष्णकटिबन्धीय १८०० मीटर ऊंचाई तक इसकी खेती की जाती है |
यह १५-७५ सेमी ऊँचा,सीधा,मृदु-रोमिल,शाकीय पौधा होता है | इसके पुष्प छोटे,श्वेत,बैंगनी अथवा गुलाबी वर्ण के होते हैं | इसकी फली चिकनी,कृष्ण वर्ण की,६-९ मिलीमीटर लम्बी ,आगरा भाग पर नुकीली तथा हरे रंग की होती है | प्रत्येक फली में २,गोल,चिकने,४ मिमी व्यास के,चपटे तथा हलके गुलाबी से रक्ताभ वर्ण के बीज होते हैं | इन बीजों की दाल बनाकर खायी जाती है | इसका पुष्पकाल दिसंबर से जनवरी तथा फलकाल मार्च से अप्रैल तक होता है |
इसके बीज में कैल्शियम,फॉस्फोरस,आयरन,सोडियम,पोटैशियम,मैग्नीशियम,सल्फर,क्लोरीन,आयोडीन,एल्युमीनियम,कॉपर,जिंक,प्रोटीन,कार्बोहायड्रेट एवं विटामिन D आदि तत्व पाये जाते हैं | मसूर के औषधीय गुण -

१- मसूर की दाल को जलाकर,उसकी भस्म बना लें,इस भस्म को दांतों पर रगड़ने से दाँतो के सभी रोग दूर होते हैं |

२- मसूर के आटे में घी तथा दूध मिलाकर,सात दिन तक चेहरे पर लेप करने से झाइयां खत्म होती हैं |

३- मसूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है |

४- मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से आँतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है |

५- मसूर की भस्म बनाकर,भस्म में भैंस का दूध मिलाकर प्रातः सांय घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है |

६- मसूर दाल के सेवन से रक्त की वृद्धि होती है तथा दौर्बल्य का शमन होता है |

७- मसूर की दाल खाने से पाचनक्रिया ठीक होकर पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं |

Photo: मसूर -
मसूर का प्रयोग दाल के रूप में प्रायः समस्त भारतवर्ष में किया जाता है | इससे सभी अच्छी तरह परिचित हैं | समस्त भारत में मुख्यतः शीत जलवायु वाले क्षेत्रों में, तक उष्णकटिबंधीय एवं शीतोष्णकटिबन्धीय १८०० मीटर ऊंचाई तक इसकी खेती की जाती है |
यह १५-७५ सेमी ऊँचा,सीधा,मृदु-रोमिल,शाकीय पौधा होता है | इसके पुष्प छोटे,श्वेत,बैंगनी अथवा गुलाबी वर्ण के होते हैं | इसकी फली चिकनी,कृष्ण वर्ण की,६-९ मिलीमीटर लम्बी ,आगरा भाग पर नुकीली तथा हरे रंग की होती है | प्रत्येक फली में २,गोल,चिकने,४ मिमी व्यास के,चपटे तथा हलके गुलाबी से रक्ताभ वर्ण के बीज होते हैं | इन बीजों की दाल बनाकर खायी जाती है | इसका पुष्पकाल दिसंबर से जनवरी तथा फलकाल मार्च से अप्रैल तक होता है |
इसके बीज में कैल्शियम,फॉस्फोरस,आयरन,सोडियम,पोटैशियम,मैग्नीशियम,सल्फर,क्लोरीन,आयोडीन,एल्युमीनियम,कॉपर,जिंक,प्रोटीन,कार्बोहायड्रेट एवं विटामिन D आदि तत्व पाये जाते हैं | मसूर के औषधीय गुण -

१- मसूर की दाल को जलाकर,उसकी भस्म बना लें,इस भस्म को दांतों पर रगड़ने से दाँतो के सभी रोग दूर होते हैं |

२- मसूर के आटे में घी तथा दूध मिलाकर,सात दिन तक चेहरे पर लेप करने से झाइयां खत्म होती हैं |

३- मसूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है |

४- मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से आँतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है |

५- मसूर की भस्म बनाकर,भस्म में भैंस का दूध मिलाकर प्रातः सांय घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है |

६- मसूर दाल के सेवन से रक्त की वृद्धि होती है तथा दौर्बल्य का शमन होता है |

७- मसूर की दाल खाने से पाचनक्रिया ठीक होकर पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं |

17/06/2014

बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना -
बच्चों का थोड़ा बड़े होने पर पेशाब करना एक आम समस्या है | इस समस्या के बहुत से कारण हो सकते हैं | कई अनुभवियों के अनुसार स्नायु विकृति के कारण या पेट में कीड़े होने पर भी बच्चे सोते हुए बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं | पेशाब की नली में रोग के कारण भी बच्चा सोते हुए पेशाब कर देता है | कई बार कुछ गरिष्ठ भोजन व ठंडे पदार्थों के अधिक सेवन से भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है | इस समस्या को समाप्त करने के लिए कोई भी औषधि देने से पूर्व माता-पिता को बच्चे के भोजन की कुछ आदतें सुधारनी जरूरी हैं | बच्चों को सोने से एक घंटा पहले भोजन करा देना चाहिए और सोने के बाद उसे जगाकर कुछ भी खाने-पीने को नहीं देना चाहिए | बच्चे को बिस्तर पर जाने से पहले एक बार पेशाब अवश्य करा देना चाहिए |
कुछ औषधियों द्वारा भी इस समस्या का समाधान सम्भव है -

१- पचास ग्राम अजवायन का चूर्ण कर लें | प्रतिदिन एक ग्राम चूर्ण को रात को सोने से पूर्व बच्चे को खिलाएं | ऐसा कुछ दिनों तक नियमित रूप से करने से यह रोग ठीक हो जाता है |

२- दो मुनक्कों के बीज निकालकर उसमें १-१ काली मिर्च डालकर बच्चों को रात को सोने से पहले खिला दें | ऐसा दो हफ़्तों तक नियमित रूप से सेवन करने से यह बीमारी दूर हो जाती है |

३- प्रतिदिन दो अखरोट और बीस किशमिश बच्चों को खिलाने से बिस्तर में पेशाब करने की समस्या दूर हो जाती है |

४- रात को सोते समय बच्चों को शहद खिलाने से यह रोग समाप्त हो जाता है |

५- जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर बारीक पीस लें | इस चूर्ण का २-२ ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ सेवन करने से बच्चे बिस्तर पर पेशाब करना बंद कर देते हैं |

६- २५० मिली दूध में एक छुहारा डालकर उबाल लें | इसे दो घंटे तक रखा रहने दें | इसके बाद इसमें से छुहारा निकाल कर बच्चे को खिला दें और इस दूध को हल्का गर्म करके ऊपर से पिला दें | ऐसा प्रतिदिन करने से कुछ ही दिनों में बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है |

27/11/2013

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