01/02/2018
जनवरी के अंतिम सप्ताह में झारखण्ड के ट्रांसपोर्टर्स द्वारा कपडे व्यवसायियो को इ-वे बिल का हवाला देते हुए, अपने माल उठा लेने अथवा पकडे जाने का भय बनाया गया। शायद वो लोग भी व्यवस्था और नियम से अंजान थे और अधिकारी भी।
इस समस्या को देखते हुए झारखण्ड थोक वस्त्र विक्रेता संघ का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष प्रवीण लोहिया के नेतृत्व में GST अधिकारियो, ट्रांसपोर्टर्स और FJCCI के पदाधिकारियों के साथ 30.01.2017 को चैम्बर भवन में बैठक की, जिसमे अध्यक्ष महोदय ने यह विचार रखा की
1. वस्त्र व्यवसाय का स्वरुप लंबे समय तक स्टॉक रखने और अगले सीजन का माल स्टॉक रखने का है।
2. इ वे बिल लागू होने के पहले का माल 1 फरवरी को उठाना संभव नहीं, इसपर समय मिलना चाहिए।
3. ट्रांसपोर्ट को सील करने पर भी कपडे का GST में आया हुआ माल किस कानून के तहत सीज किया जा रहा।
4. Gst के अंतर्गत आया हुआ माल जब सही है और इसपर स्टॉक रखने पर कानून मौन है तो फिर इसे राज्य के अधिकारी और ट्रांसपोर्टर अपने अनुसार कानून कैसे बना सकते है।
5. अगर कोई नियमावली है माल उठाने की तो उसे दिखाया जाये ताकि जनहित याचिका दायर की जा सके।
इसपर अधिकारियो ने कहा कि फ़िलहाल ऐसा कोई कानून में व्याख्या नहीं है इसलिए पुराने माल पर हम लोग मोहलत देंगे।
*इस मेसेज को पूरे राज्य के वस्त्र व्यवसायियो को भेजे ताकि जानकारी हो एवं इस समस्या पर एकजुटता बने।*