07/02/2026
जब मैं तुमसे प्यार करूँगा...
पूरी जहाँ को बताऊँगा..
जिस दिन मैं इज़हार करूँगा... फ़लक के पार ले जाऊँगा...
सुना है नज़र लगाती है
ये दुनिया की आँखें...
इनकी आँखों के सामने ही दीदार करूँगा...
मैं जब तुमसे प्यार करूँगा...
सुनाऊँगा हर एक को कहानी बना कर...
गुनगुनाऊँगा तुझे अपनी कोई शायरी बना कर...
हर एक के लफ़्ज़ों पे हमारा नाम ले आऊँगा...
हमारी कहानी को मैं जब मिसाल बनाऊँगा।
तुम बस साथ देना हाथ पकड़कर...
तुम बस पढ़ लेना मेरी खामोशी
कोई कोरी किताब समझ कर...
जब मैं तुमसे इज़हार करूँगा,
मैं जब तुमसे प्यार करूँगा...
तुम रख देना हाथ अपना मेरी हथेली में...
तुम रख लेना मेरा विश्वास अपनी झोली में...
तुम कर लेना इन आँखों पर भरोसा...
मैं तुम्हारे हर अश्क अपनी आँखों से बहाऊँगा...
जब मैं तुमसे प्यार जताऊँगा...
तब दे देना अपनी काजल भरी आँखों से, जवाब,
जब इन आँखों से सवाल पूछा करूँगा...
मैं जब तुमसे प्यार करूँगा...