17/11/2023
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सोचा था कि गांव की लड़की घर संभालेगी लेकिन उल्टे मेरा घर ही उजाड़ दिया। मैं मिड्ल क्लास परिवार का साधारण सा लड़का हूं। घर में मां, पापा और एक बहन है। साल 2016 में मेरी अरेंज मैरिज हुई। मेरे परिवार ने यही सोचकर रिश्ता तय किया था कि गांव की लड़की है तो घर ठीक से चलाएगी और उन्होंने उसके एजुकेशन की तरफ ध्यान नहीं दिया। मेरा परिवार एजुकेटेड लड़की चाहता ही नहीं था, उनको लगता था कि वो घर नहीं संभालेगी। मेरी मां की तबीयत खराब रहती है इसलिए शादी के लिए सिंपल सीधी सादी कम पढ़ी लिखी लड़की की जरूरत उनको महसूस हुई। दहेज की कोई डिमांड हमारी तरफ से नहीं की गई। लेकिन मेरे परिवार की सारी सोच शादी के एक साल बाद ही गलत साबित होने लगी।
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मेरी शादी के ठीक बाद पापा ने बहन की भी शादी कर दी। तब तक तो सबकुछ ठीक रहा लेकिन साल 2017 से मेरी पत्नी ने ऐसा ड्रामा किया कि हमारी जिंदगी तबाह करके रख दी। वो चाहती थी कि मां पापा से मैं अलग रहूं जबकि हम दोनों पर ही मां पापा की जिम्मेदारी थी। आए दिन वो विवाद करने लगी और यहां तक कि पुलिस में कई बार शिकायत भी दे आई। मां पापा से काफी खराब बर्ताव करने लगी और उनको बात बात पर ताना मारने लगी। एक दिन तो उसने मां पापा पर हाथ भी उठा दिया। इस बार उसके घर के लोग आए और उसे समझाया। हमसे कहा कि अब आगे ऐसा नहीं करेगी।
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लेकिन पत्नी में कोई सुधार नहीं हुआ। आए दिन पुलिस में शिकायत दे आती थी और मैं भी थाने जा जाकर थक गया था। लोगों ने सुझाव दिया कि बच्चा हो जाएगा तो सुधर जाएगी लेकिन साल 2018 में एक बेटी भी हो गई। मैं खुश था कि मेरी जिंदगी में एक नई सदस्य आई और इसकी मां अब शायद सही हो जाए। लेकिन एक महीने बाद ही उसका हंगामा फिर शुरू हो गया। लोगों ने फिर समझाया कि थोड़े दिन देख लो, एडजस्ट होने में समय लगता है। मैंने भी थाने को अपने जीवन का हिस्सा मान लिया लेकिन कोरोना महामारी के दौरान पत्नी का भाई एक दिन आया। पापा और मेरे साथ उसने मारपीट की और बहन को लेकर थाने गया। वहां धारा 498A के तहत केस कर दिया और वो भाई के साथ मायके चली गई। उस वक्त से आजतक मैं और मेरा परिवार उसी केस में उलझे हुए हैं। अब तो धारा 125 भी झेल रहे हैं।
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मेरी बेटी पांच साल की हो गई है पर पिछले तीन सालों से बेटी से कोई बात नहीं हुई, ना ही मैं उससे कभी मिल पाया। कोर्ट में कभी-कभार मुलाकात हो जाती है लेकिन वो मुझे पहचानती भी नहीं। या फिर उसके दिल में मेरे प्रति जहर भर दिया गया है। जबकि मैं अपनी बेटी से बहुत प्यार करता हूं पर अब समझ नहीं आता कि क्या करूं? दादा दादी को भी अपनी पोती की याद आती है पर मन को मारना पड़ता है। ये कैसा सिस्टम है जहां कानून का गलत इस्तेमाल करके बहुत सी पत्नियां बच्चों को पापा से, उसके दादा दादी से दूर कर देती हैं। मेरे घर में मां पापा ने उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया, न ही मैं वैसा हूं। लेकिन मेरे जैसे केस में पति को क्या करना चाहिए, आप सब मार्गदर्शन करें।