20/08/2026
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
नई दिल्ली, 18 अगस्त, 2026
प्रेस विज्ञप्ति
आयकर विभाग ने संदिग्ध विदेशी प्रेषणों (विदेश पैसे भेजने) का सत्यापन शुरू किया
ज़मीनी खुफिया जानकारी और विदेश भेजे गए धन (outward foreign remittances) के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर, आयकर विभाग ने ऐसी कई संदिग्ध संस्थाओं की पहचान की है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा विदेश भेजी है। फर्जी दान/अंशदान के बदले समायोजन प्रविष्टियां (accommodation entries) प्रदान करने में शामिल फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों के एक समूह पर की गई तलाशी के दौरान विदेश में धन भेजने में शामिल संस्थाओं के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
प्राथमिक ज़मीनी सत्यापन से पता चला कि यह राशि भेजने वाली संस्थाएं या तो आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं या बहुत कम टर्नओवर दिखा कर रिटर्न दाखिल कर रही थीं। उनके टर्नओवर का विदेश भेजी जा रही इतनी बड़ी रकम से कोई स्पष्ट संबंध नहीं था। ये रकम विदेश भेजने के घोषित उद्देश्यों (जैसे माल भाड़े का भुगतान, सॉफ्टवेयर का आयात, या परामर्श सेवाओं का आयात) से भी मेल खाती प्रतीत नहीं होती थी। आगे की ज़मीनी जांच से यह भी सामने आया कि ये संस्थाएं अपने घोषित पतों से वास्तव में काम ही नहीं कर रही थीं।
डेटा के आगे के विश्लेषण से यह भी खुलासा हुआ कि पेशेवरों (professionals) के एक छोटे से समूह द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म 15CB प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। विदेश भेजी गई यह धनराशि भी संस्थाओं के एक खास समूह द्वारा प्राप्त की गई थी। आयकर नियम, 1962 के नियम 37BB के साथ पठित फॉर्म 15CB (आयकर नियम, 2026 के नियम 220 के साथ पठित फॉर्म 146 के समकक्ष) के अनुसार, विदेशी प्रेषण को प्रमाणित करने वाले अकाउंटेंट (CA) को खाता बहियों और अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों के संदर्भ में उसकी कर-योग्यता (taxability) की जांच करना आवश्यक है। हालांकि, इन निष्कर्षों से यह चिंता उत्पन्न होती है कि क्या ये प्रमाण पत्र जारी करने से पहले अकाउंटेंट द्वारा उचित सतर्कता (due diligence) बरती गई थी या नहीं।
18.08.2026 को, विभाग ने शेल (फर्जी) संस्थाओं, उनके पीछे के व्यक्तियों और फॉर्म 15CB प्रमाण पत्र जारी करने वाले पेशेवरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इन विदेशी प्रेषणों की जांच के लिए एक देशव्यापी विस्तृत सत्यापन अभियान शुरू किया। देश की ज़मीनी सीमाओं से लगे जिलों में स्थित और विदेश में महत्वपूर्ण मात्रा में धन भेजने वाली संस्थाओं को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 394 संस्थाओं (स्थल-सीमा वाले राज्यों में स्थित 117 संस्थाओं सहित) और 36 पेशेवरों को शामिल किया गया है।
विभाग इस बात पर जोर देता है कि फॉर्म 15CB/फॉर्म 146 में प्रमाण पत्र जारी करने वाले अकाउंटेंट्स से उचित देखभाल, सावधानी और पेशेवर निर्णय लेने की उम्मीद की जाती है। उन्हें धनराशि भेजने को प्रमाणित करने से पहले संबंधित लेनदेन और तथ्यों की ठीक से जांच करनी चाहिए, क्योंकि ये प्रमाण पत्र प्रणाली में विश्वास बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आगे की जांच अभी जारी है।
(वी. रजिथा)
आयकर आयुक्त (मीडिया एवं तकनीकी नीति)
एवं आधिकारिक प्रवक्ता, CBDT