09/11/2021
छठ के आज हैं पावन त्यौहार।
सूरज की लाली, माँ का हैं उपवास।।
जल्दी से आओ अब करो न विचार।
छठ पूजा का खाने तुम प्रसाद।।
।🙏। छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ ।🙏।
कार्तिक छठ पर्व या षष्ठी पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक महापर्व है।
सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व बिहारीयों का सबसे बड़ा पर्व है और ये उनकी संस्कृति है।
छठ पूजा चार दिवसीय उत्सव है। इसकी शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को तथा समाप्ति कार्तिक शुक्ल सप्तमी को होती है। इस दौरान व्रतधारी लगातार 36 घंटे का व्रत रखते हैं। इस दौरान वे पानी भी ग्रहण नहीं करते।
1. "नहाय खाय" - छठ पर्व का पहला दिन जिसे ‘नहाय-खाय’ के नाम से जाना जाता है, उसकी शुरुआत चैत्र या कार्तिक महीने के चतुर्थी कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से होता है ।
2. "खरना" - छठ पर्व का दूसरा दिन जिसे खरना या लोहंडा के नाम से जाना जाता है, चैत्र या कार्तिक महीने के पंचमी को मनाया जाता है।
3. "संध्या अर्घ्य" - छठ पर्व का तीसरा दिन जिसे संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है,चैत्र या कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है।
4. "उषा अर्घ्य" - चौथे दिन चैत्र या कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदियमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।