17/12/2025
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचा दृष्टिकोन इतका प्रगत होता की भारतीय संविधानाने जात, धर्म, वर्ग आणि लिंगभेदावर आधारित सर्व प्रकारचे भेदभाव संपवले, तेही अनेक विकसित देशांपूर्वीच. आणि जर का याने तुम्हाला विचार करण्यास भाग पाडलं असेल तर, आमच्या वेबसाईटवर (Link in Bio) मा. मुख्यमंत्री महोदयांचा व्हिडिओ पाहा, आणि सहभागी व्हा ‘माझं संविधान, माझा स्वाभिमान’ क्विझमध्ये! संविधानावर आधारित काही सोप्या प्रश्नांची उत्तरे द्या, आणि आकर्षक रोख बक्षिसे जिंकण्याची संधी मिळवा!
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डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की दृष्टि इतनी प्रगतिशील थी कि भारतीय संविधान ने जाति, धर्म, वर्ग और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त कर दिया, वह भी उन विकसित देशों से पहले, जो स्वयं को प्रगतिशील कहते हैं।और अगर यह बात आपको सोचने पर मजबूर कर गई हो, तो हमारी वेबसाइट (Link in Bio) पर मा. मुख्यमंत्री महोदय का वीडियो देखें, और भाग लें ‘मेरा संविधान, मेरा गौरव’ क्विज़ में! संविधान पर आधारित कुछ आसान सवालों के जवाब दें, और रोमांचक नकद इनाम जीतने का मौका पाएं!
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Dr. Babasaheb Ambedkar’s vision was so remarkably progressive that the Indian Constitution abolished discrimination based on caste, religion, class, and gender, long before many nations that called themselves ‘developed.’ And if this made you think, then watch the video and share your thoughts in the comments! It’s super easy, watch the Hon. Chief Minister’s video on our website (Link in Bio), and take part in the ‘My Constitution, My Pride’ Quiz! Answer a few simple questions about the Constitution, and win exciting cash prizes!