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04/02/2024

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23/04/2023
14/01/2023

Happy Makar Sankranti 2023 दान कितने बजे करे ?

29/12/2022

क्या ईर्षा और जलन आपका शनि खराब करती है ?

         दुनिया के 95% लोग नहीं जानते पैर की उंगलियों पर नाखून बनाने वाले अर्धचंद्र का रहस्य, अभी जानिएप्रकृति ने मनुष्य...
16/05/2021



दुनिया के 95% लोग नहीं जानते पैर की उंगलियों पर नाखून बनाने वाले अर्धचंद्र का रहस्य, अभी जानिए

प्रकृति ने मनुष्य को बहुत समझ के साथ बनाया है और हमारे शरीर में हमें कई शक्तियाँ दी हैं। जिससे हम अपना काम खुद कर पाते हैं। हमारे शरीर के प्रत्येक अंग का अपना कार्य होता है। लेकिन हमारे शरीर के कुछ अंग ऐसे भी होते हैं जो अपना काम करने के अलावा शरीर के अन्य अंगों के बारे में भी संकेत देते हैं। हमारे बालों से लेकर नाखूनों तक हर चीज का अपना महत्व होता है। अक्सर हम अपने नाखूनों पर कई तरह के निशान देखते हैं।

पूरी दुनिया भी जीत सकते हैं संस्कार से और जीता हुआ भी हार सकते हैं अहंकार से :)
16/05/2021

पूरी दुनिया भी जीत सकते हैं संस्कार से और जीता हुआ भी हार सकते हैं अहंकार से :)

15/05/2021

जय गणेश

ज्योतिष में सिर्फ दो ही उपाय होते हैं । जो ग्रह आपको फलादेश के हिसाब से लाभ दे रहे हैं यदि वह कमजोर है तो उन्हें प्रबल करें ।
जो ग्रह आपको फलादेश के हिसाब से परेशान कर रहे हैं उनका दान एवं उपाय उन ग्रहों से संबंधित जीव-जंतुओं के लिए करें ।
👉 प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में विधि विधान से साधना अवश्य करना चाहिए । कुछ महत्वपूर्ण मंत्र है जिनका जाप प्रत्येक व्यक्ति को बचपन से करना चाहिए । जिसके माध्यम से आप कई सारे कष्टों से छुटकारा पा सकते हैं ।

👉 यदि आप सोचते हो कि कोई व्यक्ति आपके लिए अनुष्ठान कर देगा और ज्योतिष में ग्रहों का समाधान हो जाएगा तो यह नामुमकिन है । ऐसा कुछ नहीं होता है । फिर भी यदि आप पैसा देकर अनुष्ठान करवाते हो और लाभ नहीं होता है तो दूसरे को दोष मत दो । डॉक्टर के पास जाते हैं डॉक्टर का काम है दवा लिखना दवा हमें खाना पड़ता है । डॉक्टर के दवा खाने से आपकी बीमारी नहीं सही होती है ।
जो समस्या हमारे जीवन में आती है वह पूर्व जन्म के अच्छे बुरे कर्मों के कारण होती है । आप सोचते हो कि किसी को 5 - 10 हजार देखकर और आप अपने पाप दूसरे को बेच दोगे । ईश्वर को मूर्ख समझ के रखा है क्या ?
उपाय दान पुण्य मंत्र जाप आपको स्वयं करने पड़ेंगे ।
👉 अपने घर में शुद्ध वातावरण के लिए यज्ञ कराएं , सुंदरकांड का पाठ कराएं इत्यादि बहुत सारे अनुष्ठान होते हैं यह सब करवाना चाहिए । परंतु कुंडली के अनुसार समस्या का समाधान आपको स्वयं करना पड़ेगा ।

। सिर्फ शनि की मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाने से शनि ग्रह से संबंधित समस्या ठीक नहीं होगी । शनि न्याय एवं मजदूरों के कारक होते हैं । जिनसे आप मजदूरी करवाते हो उससे कुछ पैसा ज्यादा दो और तुरंत मजदूरी दो किसी के साथ अन्याय मत करो यह सरसों का तेल किसे ऐसे गरीब व्यक्ति को दान करें जिसको इसकी आवश्यकता हो तब शनि से संबंधित दोष ठीक होगा । घर में बाप को गाली देते हो सेवा नहीं करते और पितृदोष के पूजा करवाते हो तो पितृदोष सही हो जाएगा क्या ?

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👉 सूर्य –
प्रबल – यदि किसी की कुंडली में सूर्य कारक है एवं फलादेश के हिसाब से लाभ पहुंचा रहे हैं और कमजोर हैं तो ऐसी स्थिति में माणिक्य सोने या तांबे में रविवार को धारण करना चाहिए । जब तक आपके पास माणिक्य धारण करने की स्थिति नहीं है तब तक आप बेल का जड़ या लाल चंदन की माला धारण कर सकते हैं । लाल चंदन का तिलक लगा सकते हैं । लाल चंदन की माला से सूर्य मंत्र का जाप कर सकते हैं । ( पूर्ण लाभ माणिक्य से ही होगा )
मंत्र – ।। ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।।

यदि सूर्य जन्म कुंडली में आकारक है या फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न कर रहे हैं तब सूर्य से संबंधित दान एवं उपाय रविवार को करना चाहिए ।

सूर्य से संबंधित दान – गेहूं , तांबा , गुड़ , लाल चंदन , लाल वस्त्र किसी 50 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को रविवार को दान करना चाहिए ।

उपाय – प्रातः तांबे के लोटे में जल , कुंकुम, अक्षत एवं लाल पुष्प डालकर सूर्य को अर्पित करें । भूरे गाय को गेहूं एवं गुड़ अपने हाथों से खिलाए । बंदरों को गुड़ एवं चने खिलाए । पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लें एवं पिता की सेवा करें ।

👉 चन्द्र –
प्रबल – यदि कुंडली में चंद्रमा पीड़ित या कमजोर है तो सोमवार को मोती चांदी में धारण करना चाहिए । जब तक आपके पास मोती धारण करने की व्यवस्था नहीं है तब तक आप चंद्रमा का मंत्र जाप कर सकते हैं । सफेद चंदन का तिलक लगा सकते हैं । खिरनी का जड़ धारण कर सकते हैं ।
मंत्र – ।। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।।
पूर्णिमा की रात्रि को खीर बनाकर छत पर चंद्रमा की रोशनी में रखें ( चलनी से ढक देना चाहिए ताकि कोई कीड़ा उसमें ना पड़े ) दूसरे दिन प्रातः उसको प्रसाद के रूप में ग्रहण करें ।

चंद्रमा किसी भी ग्रह को शत्रु दृष्टि से नहीं देखता है । बहुत कम ही देखा गया है कि चंद्रमा प्रबल होकर किसी प्रकार की परेशानी करे । परंतु फिर भी यदि ऐसा होता है तो चंद्रमा से संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए । दान – सफेद वस्त्र , दूध , चावल , शंख , मोती , सफेद चंदन , मिस्त्री ( सोमवार को माता के समान स्त्री को )

👉 मंगल –
प्रबल – यदि मंगल कुंडली में कारक हो और फलादेश के हिसाब से लाभ दे रहा हो परंतु कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए मूंगा सोने या तांबे में मंगलवार को धारण करना चाहिए ।
जब तक मूंगा धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक मंगल का मंत्र जाप करें । तांबे की अंगूठी या कड़ा धारण करें । अनंतमूल का जड़ धारण करें । मंत्र – ॥ ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥

यदि जन्म कुंडली में मंगल किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो मंगल से संबंधित दान एवं उपाय ( मंगलवार को ) करना चाहिए । ( किसी युवा सन्यासी या व्यक्ति को या हनुमान मंदिर में )

दान – गुड़ , मसूर की दाल , शहद , लाल वस्त्र , लाल चंदन , तांबा , सिंदूर ।

उपाय – हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें । गाय को रोटी में गुड रखकर खिलाए । हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं । भाई से अच्छा संबंध रखें । स्वास्थ्य ठीक हो तो रक्त दान करें । ( यदि कोई कन्या मांगलिक हो तो मंगला गौरी की आराधना करें तथा मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ करें । )

👉 बुध –
प्रबल- यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से लाभ पहुंचा रहा हो और कमजोर हो तो पन्ना सोने या पीतल में बुधवार को धारण करना चाहिए ।
जब तक आपके पास पन्ना धारण करने की व्यवस्था ना हो तब तक विधारा की जड़ धारण कर सकते हैं या बुध का मंत्र जाप कर सकते हैं ।
मंत्र – ।। ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ।।

यदि जन्म कुंडली में बुध फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो उससे संबंधित दान एवं उपाय करना चाहिए

दान – हरा वस्त्र , मूंग की दाल , फल , हरि सब्जी , हरि कांच की चूड़ी , किन्नर या किसी कन्या को ।

उपाय – मूंग की दाल मंगलवार की रात को जल में भीगा दें एवं बुधवार को दिन में पंछियों को खिलाएं । बुधवार को गाय को हरा चारा घास या हरी शब्जी खिलाएं ।
बहन या बुआ को वस्त्र एवं मिठाई दान कर सकते हैं ।

👉 गुरु –
प्रबल – यदि जन्म कुंडली में फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह लाभ दे रहा हो एवं कमजोर हो तो पुखराज सोने या पीतल में गुरुवार को धारण करना चाहिए । जब तक आपके पास पुखराज धारण करने की सामर्थ्य नहीं है तब तक आप केले की जड़ या हल्दी की गांठ धारण कर सकते हैं । हल्दि या केसर का तिलक लगाएं । हल्दी की माला से मंत्र जाप करें ।
मंत्र – ।। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।।

यदि फलादेश के हिसाब से गुरु ग्रह किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो इससे संबंधित दान किसी ब्राह्मण , पुरोहित या गुरु को करना चाहिए एवं उपाय करना चाहिए ।

दान – पीला वस्त्र , हल्दी , चने की दाल , धार्मिक पुस्तक , पिला फल

उपाय – बुधवार को रात को चने की दाल भिगोकर रखें गुरुवार को प्रातः रोटी में चने दाल हल्दी एवं नमक भर के गाय को खिलाएं । पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें । किसी सच्चे साधु , महात्मा या गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए ।

👉 शुक्र –
प्रबल – फलादेश के हिसाब से शुक्र लाभ दे रहा हो एवं कमजोर हो तो हीरा या ओपल चांदी में शुक्रवार को धारण करना चाहिए । जब तक रत्न धारण करने की सामर्थ्य नहीं है तब तक सरपुंखा या गूलर की जड़ धारण कर सकते हैं । मंत्र जाप कर सकते हैं ।
मंत्र- ।। ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः ।।

यदि फलादेश के हिसाब से शुक्र परेशानी दे रहा हो तो शुक्र से संबंधित दान किसी युवती या काने व्यक्ति को करना चाहिए एवं उपाय करना चाहिए ।
दान – चांदी , दूध , दही , घी , इत्र , चावल , मिश्री , सफेद मिठाई , सफेद चंदन , रेशमी रंगीन वस्त्र , ( शुक्रवार को )

उपाय – गाय को रोटी खिलाएं एवं गाय की सेवा करें । आटा एवं शक्कर चीटियों को डालें ।

👉 शनि –
प्रबल – यदि कुंडली में फलादेश के हिसाब से शनि लाभ दे रहा हो और कमजोर हो तो इसको प्रबल करने के लिए नीलम चांदी या पंच धातु में शनिवार को धारण करना चाहिए। जब तक नीलम धारण करने की सामर्थय नहीं है तब तक शमी का जड़ धारण कर सकते हैं । लोहे का छल्ला धारण कर सकते हैं या मंत्र जाप कर सकते हैं।
मंत्र – ।। ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः ।।

यदि शनि फलादेश के हिसाब से किसी प्रकार की परेशानी दे रहा हो तो शनि का दान किसी वृद्ध मजदूर को शनिवार को करना चाहिए ।
दान – काले वस्त्र , उरद , कला तिल , लोहे की सामग्री , जूते , सरसो का तेल , बादाम , काला छाता ।
उपाय – शनिवार को लोहे की कटोरी में सरसों तेल डालकर उसमें अपनी परछाई देखकर दान करें । शनिवार को संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं , काला तिल एवं मीठा जल चढ़ाएं तथा 7 बार परिक्रमा करें । मोर पंख पूजा स्थान में रखें । शनिवार को रोटी में हल्का सरसों तेल और नमक लगाकर काले कुत्ते या काली गाय या भैसा या कौए को खिलाएं । शराब का सेवन ना करें ।

👉 राहु –
राहु से होने वाले परेशानी से बचने के लिए राहु का दान एवं उपाय शनिवार या बुधवार को करना चाहिए । ( कुष्ठ रोगी या सफाई कर्मी को ) । मंत्र – ॥ ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः ॥

दान – नीले काले वस्त्र , ( यव ) जौ , काली उड़द , जटा वाला नारियल , चाय पत्ती , तंबाकू , मूली , कोयला इत्यादि।
उपाय – कुष्ठ रोगी को भोजन कराएं जिसमें काले उड़द की एक सामग्री अवश्य होनी चाहिए । जौ कच्चे दूध से धोकर नदी में विसर्जित करें या पंछियों को खिलाएं । घर में या छत पर किसी भी प्रकार का बंद बिजली का सामान या कबाड़ ना रखें । पारद शिवलिंग स्थापित करके रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का स्वयं जाप करें । रुद्राष्टाध्यायी ( पांचवें अध्याय के 16 मंत्र ) का पाठ करते हुए पारद शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें ।

👉 केतु –
फलादेश के हिसाब से केतु यदि समस्या उत्पन्न कर रहा हो तो दान एवं उपाय करना चाहिए ।( मंगलवार या शनिवार को कुष्ठ रोगी या सफाईकर्मी को )

मंत्र – ।। ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः ।।

दान – चितकबरा कंबल , भूरा वस्त्र , सतनाजा , नारियल , काला – सफेद तिल , तिल का तेल , बकरा इत्यादि ।
उपाय – असगंध की जड़ धारण करें । काले एवं सफेद तिल के लड्डू गणेश जी को चढ़ा कर बांटें । कुत्ते को दूध एवं ब्रेड खिलाएं , प्रतिदिन कुत्ते को रोटी खिलाएं । सतनाजे की रोटी कुत्ते को खिलाएं ।

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🔶 महामृत्युंजय मंत्र – जीवन में होने वाले रोग बीमारी , कष्ट , अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए सोमवार से प्रारंभ करके प्रतिदिन पारद या स्फटिक का शिवलिंग तथा महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करके रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें ।
( ॥ ॐ ह्रौं जुं सः त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् सः जुं ह्रौं ॐ ॥ )

🔶 लक्ष्मी मंत्र – जीवन में दरिद्रता को समाप्त करके धन – धान्य एवं समृद्धि प्राप्त करने के लिए शुक्रवार से प्रारंभ करके प्रतिदिन कमलगट्टे की माला से लक्ष्मी मंत्र का जाप करें एवं कनकधार स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करें ।
( ॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥ )

🔶 कर्ज मुक्ति के लिए बुधवार से प्रारंभ करें - गणेश जी की छोटी सी प्रतिमा स्थापित करके हल्दी की माला से कर्ज मुक्ति गणेश मंत्र का जाप करें ।
।। ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट् ॥

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Krishna choubisa

Vastu Tips
13/05/2021

Vastu Tips

जय श्री राधे कृष्णा *🌹जानें- बीमारियों का ग्रहों और किस्मत से क्या है संबंध?🌹**⭕ग्रहों का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव...
11/05/2021

जय श्री राधे कृष्णा

*🌹जानें- बीमारियों का ग्रहों और किस्मत से क्या है संबंध?🌹*

*⭕ग्रहों का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है. ग्रह कई बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार होते हैं. आइए जानते हैं किस ग्रह की वजह से कौन सी बीमारी हो सकती है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए.*

*शरीर में कुल मिलाकर पांच तत्व और तीन धातुएं होती हैं. ये पांचों तत्व और तीनों धातुएं 9 ग्रहों से नियंत्रित होती हैं. जब कोई तत्व या धातु कमजोर होती है, तब शरीर में बीमारियां बढ़ जाती हैं. छोटी हो या बड़ी, हर बीमारी इन 9 ग्रहों से संबंध रखती है. इनसे संबंधित ग्रहों को ठीक करके हम शरीर की बीमारियों को दूर कर सकते हैं.*

*●सूर्य और इसकी बीमारियां-*

- सूर्य ग्रहों का राजा है.

- हर ग्रह की शक्ति के पीछे सूर्य ही होता है.

- सूर्य के कारण हड्डियों की और आंखों की समस्या होती है.

- ह्रदय रोग, टीबी और पाचन तंत्र के रोग के पीछे सूर्य ही होता है.

*•उपाय-*

- प्रातः जल्दी सोकर उठें.

- नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें.

- भोजन में गेंहू की दलिया जरूर खाएं.

- तांबे के पात्र से जल पीएं.

*●चंद्रमा और इसकी बीमारियां-*

- चंद्रमा व्यक्ति के मन और सोच को नियंत्रित करता है.

- इसके कारण व्यक्ति को मानसिक बीमारियां होती हैं.

- व्यक्ति को चिंताएं परेशान करती रहती हैं.

- नींद, घबराहट, बेचैनी की समस्या हो जाती है.

*•उपाय-*

- देर रात तक जागने से बचें.

- पूर्णिमा या एकादशी का उपवास रखें.

- शिव जी की उपासना करें.

- चांदी का छल्ला या चांदी की चेन धारण करें.

*●मंगल की बीमारियां-*

- मंगल मुख्य रूप से रक्त का स्वामी होता है.

- यह रक्त और दुर्घटना की समस्या देता है.

- यह उच्च रक्तचाप और बुखार के लिए भी जिम्मेदार होता है.

- यह कभी कभी त्वचा में इन्फेक्शन भी पैदा कर देता है.

*•उपाय-*

- मंगलवार का उपवास रखें.

- चीनी खाने के बजाय गुड़ का सेवन करें.

- जमीन पर या लो फ्लोर के पलंग पर सोएं.

- घड़े का जल पीना अद्भुत लाभकारी होगा.

*●बुध और इसकी बीमारियां-*

- बुध शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्वामी होता है.

- इसके कारण इन्फेक्शन वाली बीमारियां होती हैं.

- यह कान नाक गले की बीमारियों से संबंध रखता है.

- इसके अलावा त्वचा के रोग भी बुध के कारण ही होते हैं.

*•उपाय-*

- भोजन में सलाद और हरी सब्जियों का प्रयोग करें.

- कुछ देर उगते हुए सूर्य की रौशनी में बैठें.

- प्रातःकाल खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन करें.

- गायत्री मंत्र का जप भी विशेष लाभकारी होता है.

*●बृहस्पति की बीमारियां-*

- यह व्यक्ति को स्वस्थ भी रखता है.

- साथ ही गंभीर बीमारियां भी देता है.

- कैंसर, हेपटाइटिस और पेट की गंभीर बीमारियां यही देता है.

- यह आमतौर पर छोटी मोटी बीमारियां नहीं देता.

*•उपाय-*

- प्रातःकाल सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें.

- शुद्ध सोने का छल्ला तर्जनी अंगुली में धारण करें.

- हल्दी का तिलक अवश्य लगाएं.

- विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें.

*●शुक्र और बीमारियां-*

- यह शरीर के रसायनों को नियंत्रित करता है.

- इसके कारण हार्मोन्स और मधुमेह की समस्या हो जाती है.

- कभी-कभी यह आंखों को भी प्रभावित करता है.

*•उपाय-*

- दोपहर के भोजन में दही जरूर खाएं.

- चावल, चीनी और मैदा कम से कम खाएं.

- भोर में उठकर जरूर टहलें.

- एक सफ़ेद स्फटिक की माला गले में धारण करें.

*●शनि और बीमारियां-*

- शनि के कारण लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां होती हैं.

- यह स्नायु तंत्र और दर्द की समस्या देता है.

- यह व्यक्ति का चलना फिरना रोक देता है.

- आम तौर पर शरीर को विकृत बना देता है.

*•उपाय-*

- सात्विक और सादा भोजन ग्रहण करें.

- रहने के लिए हवादार और साफ सुथरे घर का प्रयोग करें.

- एक लोहे का छल्ला जरूर धारण करें.

- प्रातःकाल पीपल के नीचे कुछ समय जरूर बैठें.

*●राहु और बीमारियां-*

- यह हमेशा रहस्यमयी बीमारियां देता है.

- इसकी बीमारियां शुरू में छोटी पर बाद में गंभीर हो जाती हैं.

- इसकी बीमारियों का कारण अक्सर अज्ञात रहता है.

- ये खुद आती हैं और खुद ही चली जाती हैं.

*•उपाय-*

- चंदन की सुगंध का खूब प्रयोग करें.

- गले में एक तुलसी की माला धारण करें.

- आहार को सात्विक रखें.

- चमकदार नीले रंग का खूब प्रयोग करें.

*●केतु और बीमारियां-*

- केतु भी रहस्यमयी बीमारियां देता है.

- आमतौर पर त्वचा की और रक्त की विचित्र बीमारियों के पीछे यही होता है.

- इसकी बीमारियों का कारण और निवारण समझ नहीं आता.

- यह कल्पना की बीमारियां भी देता है.

*•उपाय-*

- नित्य प्रातः स्नान जरूर करें.

- धर्मस्थानों या धर्म सभाओं में अवश्य जाएं.

- निर्धनों को भोजन कराएं.

- माह में कुछ न कुछ गुप्त दान अवश्य करें.

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 #100 वर्ष नही, 200 वर्ष नही, और 500 वर्ष भी नही,ये मन्दिर पूरा 1000 वर्ष प्राचीन है . #देखिए और कल्पना करिए ,1000 वर्ष ...
05/05/2021

#100 वर्ष नही, 200 वर्ष नही, और 500 वर्ष भी नही,ये मन्दिर पूरा 1000 वर्ष प्राचीन है .

#देखिए और कल्पना करिए ,1000 वर्ष पहले ये मन्दिर चन्देल राजाओ ने कैसे बनाया होगा.और आज 1000 वर्ष बाद भी धर्म को लेकर खड़ा है...

#सनातन_धर्म_का _स्वर्णकाल
Architecture ❤️
#कंदारिया_महादेव मंदिर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में खजुराहो ग्राम के समीप 6 किलोमीटर के परिसर का परास लिए ये मंदिर शिव जी के मध्यकालीन मंदिरों में कुछ सबसे भव्य मंदिरों में से एक है।

कहा जाता है कि गुफानुमा आकृति के कारण इसे कंदारिया महादेव मंदिर कहा गया।

सन 1019 में गजनी से एक बर्बर लुटेरा भारत की संपत्ति से प्रलोभित हो और दीन के विस्तार के लिए काफिरों की हत्या करने के उद्देश्य से पश्चिमोत्तर प्रान्तों को आक्रांत करते हुए जेजाकभुक्ति तक आ पहुँचा। उस समय जेजाकभुक्ति (वर्तमान महोबा, छतरपुर, पन्ना आदि जिले) पर चंदेल राजपूतों की यशपताका लहरा रही थी। हूणों को पराजित करने वाले यशोवर्मन के कुल के महाराज विद्याधर जेजाकभुक्ति के सरंक्षक थे। भयंकर युद्ध हुआ जिसमें महमूद गजनवी को विवश होकर संधि करना पड़ा।

3 वर्ष पश्चात 1022 ईस्वी में वो बर्बर लुटेरा महमूद गजनवी पुनः जेजाकभुक्ति पर आक्रमण के लिए आया और इस बार भी उसे मुँह की खानी पड़ी। चन्देलों से पराजित हो उसने पुनः संधि कर लिया।

महाराज विद्याधर ने इस विजय की स्मृति में कंदारिया महादेव मंदिर का निर्माण कराया। जिसके बाह्य भित्तियों पर मैथुनरत मूर्तियाँ हैं तो अंदर त्रिदेव की मूर्तियाँ।

कहा जाता है कि इस मंदिर को मुस्लिम आक्रमणकारियों से बचाने के लिए खजुराहो ग्राम के वासियों ने ग्राम ही छोड़ दिया जिससे मुस्लिम आक्रमणकारियों की दृष्टि इन मंदिरों पर न पड़े।

अँग्रेजों ने स्थानीय लोगों की सहायता से इस मंदिर को ढूँढ निकाला। उसके पहले यहाँ मात्र नाथ सम्प्रदाय के योगी ही आते थे। वर्षों तक निर्जन रहने के कारण यह मंदिर जंगलों से आच्छादित हो गया था।

हम सबका ये जानकर गर्व से सिर ऊँचा हो जाएगा कि औरंगजेब सर्वप्रथम इसी शिवलिंग पर तोप चलाने का आदेश दिया था। परन्तु उसके सारे प्रयत्न के पश्चात भी इस पर खरोंच तक नहीं आया। तभी वह देवता के प्रकोप से डर कर भाग गया।

मंदिर में बलुआ पत्थर लगे हैं जिनकी चमक आज भी विस्मित करती है। पत्थरों को चमकाने के लिए इस पर चमड़े की भारी घिसाई की गई है।

महमूद गजनवी को पराजित करने वाले महाराज विद्याधर और उस जीत की स्मृति में बने इस मंदिर को कदाचित ही अधिक लोग जानते हों।

किसी को अधिक ज्ञात हो तो कमेंटबॉक्स में लिख सकता है।

लालकिला और ताजमहल के बारे में कितना बताया जाता है किंतु खजुराहो के मंदिरों की नग्न मूर्तियों के अतिरिक्त उसके शिल्प पर कभी बात नहीं होती। समय हो तो कभी यहाँ घूमने के लिए जायें।
हर हर महादेव 🙏🙏

Address

Menpuriya
Udaipur
313602

Opening Hours

Monday 8pm - 10pm
Tuesday 8pm - 10pm
Wednesday 8pm - 10pm
Thursday 8am - 10pm
Friday 8am - 10pm
Saturday 8am - 10pm
Sunday 8am - 10pm

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