Bhadra Trading CO./ Balaji Associates

Call Directions Contact the business

Bhadra Trading CO./ Balaji Associates Real Estate Business

31/08/2019

Hard core Retailing in Vadodara

25/07/2019

सुपर मार्केट न्यूज

मधुसुदन डैयरी ने रविवार को मिल्क पाउडर मैं 5 रूपया व सोमवार को एक बार फिर से 5 रूपया भाव में बढ़ाकर बाजार में मन्दडिया लांबी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मन्दडिया लांबी चाह रही थी कि बाजार यहां से घंटे परंतु मानसून फेल होने के कारण दूध उत्पादन का सीजन लगभग दो माह आगे खिसक गया है।
और विश्व मार्केट में जो बटर के सोदे भारत के व्यापारीयों ने पूराने भाव से कर रखे हैं, उनको भुगताने में अभी तक पसिने आ रहा है। विश्व मार्केट मैं बटर उत्पादक देश आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड,व यूरोपीयन देशों में पिछले दो साल से बरसात नहीं होने के कारण दूध के उत्पादन में भारी कमी आ गई थी और इस कारण बाहरी देशों ने भारत की अग्रणी कम्पनी अमूल ,मदर डेयरी और नोवा वह अन्य डैयरीयो से बहुत बड़ी मात्रा में सोदै किये थै उन सोदो की डीलवरी अभी तक बाकी है।
ओर अब अगस्त माह से त्योहारी सीजन की शुरूआत हो रही है जो 10 अक्टूबर तक चलेगी क्योंकि 27 अक्टूबर को दीपावली है। इसके कारण अगस्त से अक्टूबर माह में घरेलू डिमांड भयंकर रहतीं हैं। मार्केट में मिल्क पाउडर का स्टोक डिमांड के हिसाब से एक महीने तक चलेगा और बटर का विदेश में एक्सपोर्ट होने के कारण बटर व देशी घी का स्टोक मार्केट में आने वाली डिमांड के हिसाब से 30 दिनों का है।
बाजार में देशी घी व बटर की पाईप लाइन खाली है ‌जो अगले साल तक चलेगी। मार्केट में मिलावटी देशी घी चलन पिछले सालों से बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ गया है अगर मार्केट में मिलावटी देशी घी नहीं मिले तो असली देशी घी 900 रूपया के भाव में उपलब्ध नहीं हो सकता है ‌। आगे जो डिमांड बटर व देशी घी में आने वाली है उसका लगभग65%भाग मिलावटी कम्पनियों से आनी है। इनके पास भी बटर नहीं है इनकी कल से मार्केट में पूछ-परख चालू हो गयी हैं इनको हरहाल में माल लेकर चलना होगा बाकी असली देशी घी वाली कंपनियां व व्यापारी भी 90% खाली हो गए हैं इनको भी अभी अपनी कम्पनी व व्यापार चलाने के लिए बटर व देशी घी मार्केट से लेकर काम चलाना होगा क्योंकि दुध उत्पादन में दो माह का समय बाकी है।
इस कारण बटर व देशी घी के भावों में भारी तेजी आएगी बस थोड़ा 10 अगस्त2019 तक धीरज रखे ।इस बार मिल्क पाउडर315/व देशी घी 490-500/किलोग्राम के हिसाब से बिक जाएगा।

09/07/2019

आयाती तेलों पर लगा सकती है गवरमेनट ड्यूटी विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आयाती तेलों की वजह से घरेलू तेलों पर दबाव बन रहा है किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए सरकार एक्शन मुड में...

09/07/2019

आयाती तेलों पर लगा सकती है गवरमेनट ड्यूटी विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आयाती तेलों की वजह से घरेलू तेलों पर दबाव बन रहा है किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए सरकार एक्शन मुड में.....

03/05/2019

Dollar $ 69.40

09/02/2019

*Total Edible Oil Stock At Major Ports On 04-Feb Vs. 28-Jan:*
*All In Tons:*
*Sun Oil:* 79176 vs 96332
*Soy:* 60856 vs 19597
*Palm:* 105797 vs 97151
*CPO:* 272336 vs 389928
*CPO+Palm:* 378134 vs 487080

*Canola:* 261 vs 818
*CPKO:* 3240 vs 3330
*Safflower:* 202 vs 7343
*Total:* 521870 vs 614501

04/02/2019

India may slow SoyOil fresh overseas buy on wide discount for forward vs Spot:May shipment nearly $55-60 discount to Feb so buyers may refrain from big deal #

Soy Palm forward tone opposite vs spot:SoyOil April $40 Ton cheaper to Feb shipment-RBD Olin April shipment $25-30Ton over spot so buyers may cover more Palm #

Kandla SoyOil Cif advances parallal to Argntna Fob in Jan-hit Century in surging:bitter Jan Cold too boost Physical demand so Kandla Cif quotes march with Fob

KLC soared 178 Ringit in Jan, followed Cbot 132pt rally/KLC in Jan averaged 2232Ringit-highest after June thou Malasia confirmed Dec stok hit highest of history

30/01/2019

भारत बजट 2019 :
तेल पर आयात शुल्क बढ़ाने की मांग रखी उद्योग ने
आयातित सस्ते तेलों के दबाव से जूझ रहे घरेलू खाद्य तेल उद्योग ने सरकार से विभिन्न प्रकार के खाद्य तेलों पर आयात-शुल्क को तर्कसंगत बनाने की मांग की है ताकि स्थानीय खाद्यतेल प्रसंस्करण इकाइयों और तिलहन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा की जा सके.


व्‍यापारियों के मुताबिक सोयाबीन डीगम, रेपसीड और सूरजमुखी जैसे तेलों पर शुल्क बढ़ाने की जरूरत है.

आयातित सस्ते तेलों के दबाव से जूझ रहे घरेलू खाद्य तेल उद्योग ने सरकार से विभिन्न प्रकार के खाद्य तेलों पर आयात-शुल्क को तर्कसंगत बनाने की मांग की है ताकि स्थानीय खाद्यतेल प्रसंस्करण इकाइयों और तिलहन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा की जा सके. उन्होंने खास कर सोयाबीन डीगम, रेपसीड और सूरजमुखी जैसे तेलों पर शुल्क बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया है.

आम-बजट से उम्मीदों के बारे में खाद्य तेल उद्योग का कहना है कि सरसों, सोयाबीन और सूरजमुखी पैदा करने वाले किसानों और घरेलू तेल प्रसंस्करण इकाइयों के हित में खाद्य तेलों पर आयात पर शुल्क बढ़ा कर उचित स्तर पर रखा जाना चाहिये.

खाद्य तेलों पर डब्ल्यूटीओ नियमों के तहत सरकार अधिकतम 45 प्रतिशत तक शुल्क लगा सकती है. पंजाब आयल मिल्स एसोसियेशन के अध्यक्ष सुशील जैन ने कहा, ‘‘बजट में सरकार को घरेलू खाद्य तेल उद्योग के हित में दीर्घकालिक कदम उठाने चाहिये. सोयाबीन डीगम, रेपसीड और सूरजमुखी के कच्चे तेल पर यदि आयात शुल्क बढ़ाया जाए तो इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा.’’

जैन ने कहा, ‘‘सोयाबीन डीगम, रेपसीड, सूरजमुखी कच्चे तेल पर आयात शुल्क को बढ़ा कर रिफाइंड के नजदीक ले जाया जाए.’’ उन्होंने तर्क दिया कि इनके कच्चे तेल पर आयात शुल्क 35 प्रतिशत और रिफाइंड पर 45 प्रतिशत है जबकि इन कच्चे तेलों के प्रसंस्करण का खर्च ज्यादा नहीं है इस लिए घरेलू बाजार में इनके आयात का प्रलोभन ज्यादा है.

एक अन्य खाद्य तेल उद्यमी और जानकी प्रसाद एंड कंपनी के आयुष गुप्ता ने कहा कि मलेशिया के साथ अक्तूबर 2010 के व्यापार समझौते के तहत सरकार ने वहां के रिफाइंड पामोलिन पर शुल्क घटा कर 45 प्रतिशत और कच्चे पॉम तेल पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है. गुप्ता ने कहा, ‘‘जिस प्रकार पोमोलीन में कच्चे और रिफाइंड तेलों के आयात शुल्क में पांच प्रतिशत का अंतर है उसी तरह दूसरे तेलों के आयात शुल्क को तर्कसंगत किया जाना चाहिये.’

खाद्य तेल उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल 225 लाख टन खाद्य तेलों की खपत है जिसमें से करीब 160 लाख टन तेलों का आयात किया जाता है. इसमें 90 से 100 लाख टन कच्चे और रिफाइंड पॉम तेल का आयात होता है जबकि शेष 60 से 70 लाख टन सोयाबीन डीगम, रेपसीड और दूसरे तेलों का आयात किया जाता है.

तेल उद्योग के व्यापारियों का कहना है कि इस बार देश में सरसों की फसल अच्छी हुई है. सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 4,200 रुपये क्विंटल कर दिया है लेकिन अधिक उत्पादन को देखते हुये इसका भाव समर्थन मूल्य से नीचे जाने की चिंता किसानों और व्यापारियों को सता रही है.

एक अन्य तेल व्यापारी पवन गुप्ता ने सरकार से मक्का खल पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) समाप्त करने की मांग की है. गुप्ता ने कहा कि बिनौला खल को जीएसटी से छूट प्राप्त है जबकि मक्का खल जो कि पशुओं के लिये दूध उत्पादन के लिहाज से काफी लाभदायक है उसपर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू है. उन्होंने कहा कि देश में बिनौला खल का 60 लाख टन उत्पादन है जबकि मक्का खल अभी बढ़ता उद्योग है औरा इसका दो लाख टन उत्पादन हो रहा है.

व्यापारियों का कहना है कि पामोलीन का एक पेड़ 25-30 वर्षो तक फसल देता है इस लिए पामोलीन तेल की लागत कम आती है. ऐसी स्थिति में सरसों, सोयाबीन इत्यादि तिलहन की खेती करने वाले किसानों और इनका तेल- प्रसंस्करण करने वाली इकाइयों के हितों की रक्षा का बजट में पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता है.

Address

Vadodara

Opening Hours

Monday 11am - 8pm
Tuesday 11am - 8pm
Wednesday 11am - 8pm
Thursday 11am - 8pm
Friday 11am - 8pm
Saturday 11am - 8pm

Telephone

+919227900256

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bhadra Trading CO./ Balaji Associates posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Bhadra Trading CO./ Balaji Associates:

Shortcuts

Share