18/06/2026
#ज्योतिषामयनं_साक्षाद्_यत्तज्ज्ञानमतीन्द्रियम्।
#प्रणीतं_भवता_येन_पुमान्_वेद_परावरम् ॥
( #श्रीमद्भागवत_महापुराण १०/०८/०५)
अर्थात् जो बात साधारणतः इन्द्रियों की पहुँच के बाहर है अथवा भूत और भविष्य के गर्भ में सन्निहित है, वह भी ज्योतिष-शास्त्र द्वारा प्रत्यक्ष रूप से जान लिया जाता है।
हर हर महादेव।