11/06/2026
“भिक्षा वृत्ति मुक्त वाराणसी अभियान”
"भिक्षावृत्ति केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा से जुड़ा विषय है; समाधान दान में नहीं, पुनर्वास और सशक्तिकरण में है।"
अपना घर आश्रम, वाराणसी द्वारा भिक्षावृत्ति मुक्त वाराणसी विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी एवं वयोश्री योजना के अंतर्गत दिव्यांग सहायक उपकरण वितरण समारोह में अपना घर परिवार व श्री श्याम सुंदर प्रसाद जी के आमंत्रण पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ।
अपने वक्तव्य में मैंने भिक्षावृत्ति के मूल कारणों, उसके सामाजिक एवं मानवीय प्रभावों तथा इसके स्थायी समाधान हेतु समाज, प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की साझा भूमिका पर विचार रखे। साथ ही, पुनर्वास, कौशल विकास, सम्मानजनक आजीविका एवं जन-जागरूकता के माध्यम से *“भिक्षा वृत्ति मुक्त वाराणसी”* की संकल्पना को साकार करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
*अपना घर आश्रम, वाराणसी* द्वारा वर्षों से निराश्रित, असहाय एवं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास लौटाने का जो सेवा कार्य किया जा रहा है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। संस्था केवल आश्रय नहीं देती, बल्कि लोगों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का एक संवेदनशील और प्रभावी प्रयास भी करती है। इस महान कार्य के लिए संस्थापक डॉ निरंजन, डॉ कात्यायनी और संस्था के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को हार्दिक बधाई।
कार्यक्रम में माननीय जिलाधिकारी *श्री सत्येन्द्र कुमार जी* की उपस्थिति विशेष रूप से प्रेरणादायी रही। उनकी सादगी, सहजता एवं जनहित के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण प्रशासन को समाज से जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों में उनकी संवेदनशील भागीदारी निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन को गति प्रदान करती है। उनसे व्यक्तिगत मुलाकात व चर्चा करके बहुत अच्छा लगा। सभी गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की सार्थकता को और बढ़ाया। प्रिय अनुज शिवदत्त द्विवेदी की उपस्थिति और स्नेहपूर्ण मुलाकात विशेष रही।
विश्वास है कि प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं एवं जागरूक नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से हम एक ऐसे वाराणसी का निर्माण कर सकते हैं जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, अवसर एवं आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जी सके।