30/03/2026
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मॉडल: “पांच पेड़ लगाओ अभियान”
पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटी अपनाने वाले हर व्यक्ति को ₹40,000 तक की आर्थिक मदद देकर पर्यावरण बचाने का अनोखा प्रयोग कर रहा है लोकेंद्र छावड़ी फाउंडेशन का “पांच पेड़ लगाओ अभियान”।
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024 को शुरू किया गया यह जन-अभियान अब राजस्थान के कई जिलों में तेजी से फैल रहा है। अभियान के तहत कोई भी व्यक्ति अगर अपना पुराना पेट्रोल/डीजल वाहन छोड़कर इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदता है और कम से कम पांच पेड़ लगाकर उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लेता है, तो उसे ₹40,000 तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए हर जिले में भामाशाह (Brand Ambassador) बनाए गए हैं। करौली जिले में समाजसेवी सतवीर चंदीला इस अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं और इसे आमजन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
शानदार उपलब्धि
अब तक अभियान के तहत:
1100 से अधिक लोगों को लाभ मिल चुका है
5000 से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं
सकारात्मक बदलाव दिखने लगा
इलेक्ट्रिक स्कूटी अपनाने से वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आ रही है, वहीं लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर ऑक्सीजन, छाया और पर्यावरण संतुलन बढ़ा रहे हैं। अभियान सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों को सस्ता आवागमन, आत्मनिर्भरता और नए अवसर भी प्रदान कर रहा है।
राष्ट्र स्तरीय सम्मान
पर्यावरण संरक्षण में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए फाउंडेशन के संस्थापक लोकेंद्र छावड़ी और करौली के भामाशाह सतवीर चंदीला को India Pride Award से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया।
उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है – प्रदूषण कम करना, जलवायु परिवर्तन से लड़ना और समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना। लोकेंद्र छावड़ी का मानना है कि “व्यक्तिगत लाभ को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़कर ही सतत विकास संभव है।”
निष्कर्ष:
“पांच पेड़ लगाओ अभियान” पर्यावरण और समाज के बीच एक मजबूत पुल साबित हो रहा है। यह दिखाता है कि यदि छोटे-छोटे व्यावहारिक कदम मिलकर उठाए जाएं, तो हरित भविष्य और आत्मनिर्भर समाज दोनों साथ-साथ बनाए जा सकते हैं।
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